Tuesday, 23 April, 2019
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गर्मी में रक्त की कमी से जूझ रहे सरकारी ब्लड बैंक

न्यूजवेव@ कोटा

गर्मी के मौसम में हाडौती के चारों जिलों कोटा, बूंदी, बारां व झालावाड़ के सभी सरकारी ब्लड बैंकों में बी-पॉजिटिव एवं एबी पॉजिटिव ग्रुप के रक्त की कमी होने से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। संभागीय ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी डॉ.एच.एल.मीणा ने बताया कि इस समय हाडौती में 5 सरकारी एवं 8 प्राइवेट ब्लड बैंक हैं। गर्मी के मौसम में थैलिसीमिया बच्चों, दुर्घटनाग्रस्त भर्ती रोगियों, महिलाओं के प्रसव एवं एनीमिया पीडित रोगियों के लिये सभी ग्रुप के ब्लड की मांग बनी रहती है। एमबीएस हॉस्पिटल के ब्लड बैंक की क्षमता 5000 यूनिट रक्त संग्रह की है, जिसमें लगभग 2000 यूनिट का टर्नओवर बना रहता है। यहां करीब 1200 यूनिट रक्त स्टॉक रहता है लेकिन नियमानुसार, 45 दिन से अधिक समय तक रक्त संग्रहित नहीं रख सकते, इसलिये कुछ रक्त ग्रुप की कमी हो जाती है।

गर्मी के मौसम में बी एवं एबी पॉजिटिव ग्रुप की कमी होने से रोगियों को परेशानी हो रही है। गर्मी के मौसम में रक्तदान शिविर कम लगने से सरकारी ब्लड बैंकों की समस्या बढ जाती है। उन्होंने बताया कि कोटा में पंजीकृत 750 थैलिसिमिक बच्चों को नियमित रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इन बच्चों के लिये जेके लोन अस्पताल में वातानुकूलित थैलीसिमिया वार्ड भी बनाया गया है।
रैफर होकर कोटा आ रहे रोगी
रक्तदाता समूह के कॉर्डिनेटर जय गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को बूंदी से रैफर महिला अंजुम परवीन को कोटा में बी-पॉजिटिव रक्त उपलब्ध कराया गया। झालावाड़ में हाल ही में 10 रक्तदान शिविर से 400 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिससे झालावाड के सरकारी ब्लड बैंक की कमी दूर हो गई है। जिले से अन्य जिलों के सरकारी ब्लड बैंकों में भी जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करवाया जा रहा है। इंजीनियर राजेश धाकड़ ने बताया कि आगामी 5 मई को कोटा जिले में धाकड़ समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें 300 से अधिक यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान होने की उम्मीद है।
डॉ. मीणा ने बताया कि 26 वर्ष में यह दौर सामने आया कि बी-पॉजिटिव रक्त की मांग बढ़ गई है, जिससे इसकी कमी होनेे लगी है। वर्तमान में जरूरतमंद अधिक होने एवं रक्तदाता कम होने से मांग व आपूर्ति में अंतर आ जाता है। इसे रक्तदान शिविरों से ही दूर किया जा सकता है।
बूंदी जिले में रक्त संकट गहराया
बूंदी ब्लड बैंक प्रभारी हनुमान शर्मा व गुरप्रीतसिंह के अनुसार, तीन माह से सोशल मीडिया के जरिये लोगों से रक्तदान की अपील की जा रही है। रक्त की कमी होने से बूंदी जिले से 90 प्रतिशत रोगियों को कोटा रैफर करना पड रहा है। रक्त की कमी को देखते हुये बूंदी जिला कलेक्टर नेे चिकित्सा विभाग, सरकारी डॉक्टर्स, नर्सिंग कर्मचारियों व अधिकारियों से 11 से 13 अपै्रल तक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्तदान करने के निर्देश दिये। बूंदी ब्लड बैंक की क्षमता 1800 यूनिट की है, जहां सिर्फ 20 यूनिट रक्त बचा था। लेकिन कलक्टर की पहल पर पहले दिन जरूरतमंद रोगियों को 66 यूनिट रक्त उपलब्ध हो सका।

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