Sunday, 8 December, 2019
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बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इस वर्ष से तीन M-Tech प्रोग्राम

AICTE से मिली मंजूरी, राज्य के 12 जिलों के 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

न्यूजवेव बीकानेर

बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (बीटीयू) में नए अकादमिक सत्र 2019-20 से तीन विषयों में एम.टेक. प्रोग्राम प्रारम्भ होंगे। कुलपति प्रो. एच.डी.चारण ने बताया कि AICTE, नईदिल्ली ने बीटीयू में जियो टेक्नीकल इंजीनियरिंग (सिविल ब्रांच), पावर सिस्टम इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल ब्रांच) एवं मशीन डिजाइन (मैकेनिकल ब्रांच) में एम.टेक. प्रोग्राम प्रारम्भ करने की अनुमति दे दी है।
कुलपति प्रो. चारण ने बताया कि इससे पहले राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग ने तीनों नये एमटेक प्रोग्राम को चालू करने की मंजूरी दी थी। यूनिवर्सिटी में एम.टेक. प्रोग्राम चालू हो जाने से राज्य के 12 जिलों के स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। इससे यूजीसी द्वारा बीटीयू को 12-बी की मान्यता दिलाने के लिये अनिवार्य 5 पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स संचालित करने में मदद मिलेगी।
उद्योगों के अनुसार नया सिलेबस

VC Prof.HD Charan

कुलपति ने बताया कि तीनों एमटेक का संशोधित सिलेबस इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार तैयार किया गया है। पहले सेमेस्टर में एमटेक विद्यार्थियों के लिये उद्योगों में जाकर संबंधित विषय पर फील्ड वर्क करना अनिवार्य होगा। इसके पश्चात् तीसरे सेमेस्टर में अपनी ब्रांच से संबंधित उद्योगों में पूरे सेमेस्टर के दौरान ट्रेनिंग एवं प्रोजेक्ट वर्क पूरा करना होगा।
बीटीयू में एम.टेक. परीक्षा नई स्कीम से आयोजित की जाएगी। जिसमें अंकों के स्थान पर ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर रिजल्ट घोषित किये जाएंगे। इससे एमटेक विद्यार्थियों को पी.एच.डी उपाधि के लिये दुनिया में किसी भी शीर्ष रैंक प्राप्त यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिल सकेगा।
एम.टेक से मिलेंगे उंचे जॉब के अवसर
प्रो. चारण ने बताया कि बीटीयू में शुरू होने वाले तीनों एमटेक कोर्सेस रोजगार से जुडे़ होंगे। सिविल ब्रांच से बीटेक करने वाले स्टूडेंट के लिये जियोटेक्नीकल इंजीनियरिंग में एमटेक के तहत मृृदा एवं शैल इंजीनियरिंग पर आधारित विशिष्ट कोर्स होगा जिसमें फाउंडेशन, अर्थवर्क एवं मानव निर्मित भवनों व प्रोजेक्ट के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजाइन तैयार करना है। इसका उपयोग सैन्य क्षेत्रों, माइनिंग एवं पेट्रोलियम खनन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है।

इसी तरह, बी.टेक. इलेक्ट्रिकल ब्रांच के बाद पावर सिस्टम इंजीनियरिंग में एमटेक करने से पश्चिमी राजस्थान में सोलर एनर्जी एवं रिन्यूबल एनर्जी परियोजनाओं में विद्यार्थियों को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। तीसरे कोर्स में मैकेनिकल ब्रांच के विद्यार्थी मशीन डिजाइन इंजीनियरिंग में एकटेक उपाधि ल सकेंगे। उन्हें उद्योगों में अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित मशीनों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे जॉब के लिये आवश्यक प्रेक्टिकल नॉलेज एमटेक के दौरान मिल जाएगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य में राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कोटा के बाद वर्ष 2017 में बीकानेर में बीटीयू चालू की गई थी। प्रथम कुलपति प्रो. एचडी चारण ने बीटीयू से जुडे़ सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया है। बीटीयू के अधीन बीकानेर, जोधपुर, बाडमेर, जैसलमेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू, पाली, सिरोही, अलवर, सीकर, झंझनू जिलों में संचालित 38 इंजीनियरिंग कॉलेज संबंद्ध है।

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