Saturday, 21 September, 2019
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सीबीएसई द्वारा नया बोर्ड परीक्षा पैटर्न जारी

– बोर्ड परीक्षा पैटर्न में बड़ा परिवर्तन, पेपर में ऑब्जेक्टिव, फिल इन द ब्लैंक्स, असर्शन-रीजन तथा पैसेज आदि शामिल
– सीबीएसई स्कूलों में पढाई प्रवेश परीक्षाओं की तर्ज पर होगी, कोचिंग की जरूरत नहीं 
नईदिल्ली न्यूजवेव

सीबीएसई ने इस सत्र से नए बोर्ड परीक्षा पैटर्न को लागू किया है। इसके अंतर्गत 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के सैंपल पेपर तथा मार्किंग स्कीम 21 सितंबर को वेबसाइट पर जारी कर दी गई। नये परीक्षा पैटर्न में प्रश्नों की संख्या, ऑब्जेक्टिव- एमसीक्यू ,फिल इन द ब्लैंक्स, असर्शन-रीजन तथा पेसेज बेस्ड प्रश्नों को शामिल किया गया है। जिससे आईआईटी व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं रह जायेगी। क्योंकि सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों को नये पैटर्न के अनुसार ही कक्षाओं में पढ़ाया जायेगा।
विशेषज्ञों ने अनुसार, बोर्ड परीक्षाओं के इस नए परीक्षा पैटर्न तथा प्रवेश परीक्षाओं के पैटर्न में समानता होने के कारण विद्यार्थी स्वयं ही बोर्ड एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी एक साथ कर पाएंगे। सीबीएसई ने विद्यार्थियों पर दोहरा तनाव खत्म करने के लिये यह महत्वपूर्ण एवं उपयोगी निर्णय लागू किया है।
किस सब्जेक्ट में कितने प्रश्न
बोर्ड परीक्षा के नये पैटर्न के अनुसार, ’फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स के पेपर्स में 4 किंतु बायोलॉजी में 5 सेक्शन रहेंगे। जिसमें फिजिक्स एवं केमिस्ट्री में 37 प्रश्न तथा मैथ्स में 36 व बायोलॉजी में केवल 27 प्रश्न पूछे जायेंगे।
नया पैटर्न इसलिये उपयोगी
एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि नए पैटर्न में फिजिक्स के पेपर में सेक्शन-ए में 1 अंक के 20 प्रश्न है। इस सेक्शन में पहली बार एमसीक्यू-ऑब्जेक्टिव टाइप तथा फिल इन द ब्लैंक्स प्रश्न होंगे। केमिस्ट्री के सेक्शन-ए में असर्शन-रीजन तथा पैसेज बेस्ड प्रश्न होंगे। मैथ्स में 37 के स्थान पर 36 प्रश्न होंगे। इसके सेक्शन-ए में ऑब्जेक्टिव -एमसीक्यू तथा फिल इन द ब्लैंक्स टाइप के सवालों के साथ ही व्यंजक का संख्यात्मक मान ज्ञात करने पर आधारित प्रश्न भी दिए गए हैं। संख्यात्मक मान ज्ञात करने वाले प्रश्न जेईई मेन-2019 में भी पूछे गये थे। बायोलॉजी के सेक्शन-ए में 5 ऑब्जेक्टिव-एमसीक्यू प्रश्न हैं। सेक्शन-डी में में केस आधारित प्रश्न हैं जो एप्लीकेशन ऑफ कंसेप्टस पर आधारित होते हैैं। नीट के विद्यार्थियों को इससे मदद मिलेगी।
एम्स-एमबीबीएस में भी मदद
एम्स-एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में असर्शन-रीजन से संबंधित प्रश्नों से मदद मिलेगी। जबकि जेईई-मेन एवं एडवांस्ड में ऑब्जेक्टिव-एमसीक्यू तथा पैसेज बेस्ड क्वेश्चन मददगार होंगे। बोर्ड परीक्षा में ऐसे प्रश्न पूछने से विद्यार्थियों का पूर्वाभ्यास हो जायेगा। इसके बाद उन्हें प्रवेश परीक्षओं के लिये ऑनलाइन मॉक टेस्ट की सुविधा भी दी जा रही है।

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