Sunday, 7 July, 2019
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चंबल नदी पर 330 करोड़ रू के तीन ब्रिज साकार किए

विकास की दीवाली से जगमगा उठा कोटा, नींव का पत्थर बना समानांतर पुल
न्यूजवेव कोटा
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा पर रविवार को कोटा शहर में चारों ओर विकास की दीवाली जैसा माहौल दिखाई दिया। नदी पार क्षेत्र में कोटा बैराज के समानांतर पुल पर रात 12 बजे तक हजारों नागरिक मुख्यमंत्री की एक झलक देखने के लिए खडे़ रहे।


सकतपुरा के खेल मैदान पर विराट आमसभा में रात 11 बजे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि भाजपा सरकार नेे कोटा में चंबल नदी पर 330 करोड़ रू. की लागत से हैंगिंग ब्रिज, चंबल पुलिया के दोहरीकरण एवं कोटा बैराज का समानांतर पुल तैयार कर शहरवासियों के आवागमन को आसान बनाया और टूरिज्म भी विकसित किया।

उन्होंने कहा कि 2006 में हैंगिंग ब्रिज का काम शुरू हुआ था, कांग्रेस शासन में वह पुल टूट गया, उसे हमने 250 करोड़ खर्च कर पूरा किया। आज वह कोटा की शान है। इसके बाद 20 करोड़ की लागत से चंबल पुलिया का दोहरीकरण और 60 करोड़ की लागत से बैराज का समानांतर पुल बन जाने से नदी पार क्षेत्र के लोगों की जिंदगी बेहतर हो गई है।

7 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा उत्तर के विधायक प्रहलाद गुंजल अपने क्षेत्र की जन समस्याओं के लिए हमेशा लड़ते रहे।उनकी मांग पर एमबीएस अस्पताल में 750 बिस्तर लगाने की घोषणा पूरी हुई। मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनने से बडी राहत मिलेगी। कांग्रेस ने राज्य में 50 साल में 7 मेडिकल कॉलेज खोले, हमने 5 वर्ष में 7 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोल दिए क्योंकि राज्य में लंबे समय से डॉक्टर्स की कमी चल रही है।

राजस्थान बीमारू नहीं, विकसित राज्य है

उन्होंने कहा कि मैने राज्य में 4 विकास यात्राएं पहले भी की हैं लेकिन इस बार विपक्ष बौखलाहट में है। वे विकास कार्यो को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान को बीमारू प्रदेश बनाकर रखा लेकिन हम विकास के दम पर ‘जय-जय राजस्थान’ बोलकर इसे अग्रणी राज्यों में लाने का प्रयास कर रहे हैं। हमें कोटा शहर में 167 करोड़ रू. के प्रोजेक्ट का शिलान्यास व लोकार्पण करना था, लेकिन विपक्ष को यहां का विकास रास नहीं आया, इसलिए रूकावट पैदा की।

पेयजल व नालों के निर्माण पर बजट मंजूर


राजे ने कहा कि कोटा शहर के लिए सरकार ने पेयजल पाइप लाइन के लिए 20 करोड़ रू., अमृत योजना के लिए 90 करोड़ रू. एवं स्मार्ट सिटी कोटा पेयजल योजना के लिए 155 करोड़ रू. की स्वीकृति दी है, जिससे शहर के हर कोने में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति होगी। कोटा उत्तर में 100 कृषि कॉलोनियों में पेयजल के लिए 50 करोड़ रू दिए गए हैं। नदी पर क्षेत्र में नालों के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। यूआईटी ने 192 करोड़ की योजना से 100 करोड़ के वर्कआर्डर जारी कर दिए है। जल्द ये कार्य पूरे होने पर जनता को सुविधाएं मिलने लगेंगी। दशहरा मैदान को प्रगति मैदान की तरह विकसित किया जा रहा है, जिससे यह टूरिज्म सेंटर बनकर उभरेगा।

पूर्व मंत्री औदिच्य को याद किया


जनसभा में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य आतिशबाजी के साथ स्वागत हुआ, रात 12 बजे तक हजारों नागरिक डटे रहे। मंच पर पूर्व मंत्री स्व.हरिकुमार औदिच्य के चित्र पर पुष्पाहार चढाकर उन्हें याद किया। विधायक प्रहलाद गुंजल ने तलवार भेंट कर उनका स्वागत किया। पार्षद बृजेश शर्मा नीटू एवं विकास तंवर के नेतृत्व में कोटा उत्तर के पार्षदों ने 51 किलो की माला से मुख्यमंत्री के आगमन का सम्मान किया। इसके बाद विभिन्न समाजों एवं महिला मोर्चा की ओर से स्वागत हुआ। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में 36 कौमों को साथ लेकर विकास के पथ पर इसी तरह आगे दौडते रहेंगे।

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