Friday, 27 September, 2019
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राजस्थान के तीन बिजलीघरों में कोयला संकट

कोयले की तत्काल आपूर्ति के लिए सीएम ने केंद्रीय कोयला मंत्री को लिखा पत्र
न्यूजवेव@ जयपुर/कोटा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों के मद्देनजर कोयले की तत्काल पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रहलाद जोशी तथा केन्द्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आर.के. सिंह को पत्र लिखा है। गहलोत ने कहा कि कोयले की आपूर्ति में तत्काल सुधार नहीं होने की स्थिति में राज्य की कई विद्युत इकाइयों में उत्पादन प्रभावित होने से बिजली संकट पैदा हो सकता है।


मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि प्रदेश की जरूरत के अनुसार साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लि. (एसईसीएल) से 129.24 लाख मैट्रिक टन तथा नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लि. (एनसीएल) से 41.50 लाख मैट्रिक टन कोयला राज्य को आवंटित किया गया है, लेकिन कोल इंडिया लि. द्वारा जरूरत के मुकाबले काफी कम कोयले की आपूर्ति की जा रही है। एसईसीएल से मात्र 47 प्रतिशत तथा एनसीएल से केवल 69 प्रतिशत ही आपूर्ति हो पा रही है।
गहलोत ने कहा कि ट्रेड यूनियनों की हडताल के कारण कोयला आपूर्ति की स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

तीन सुपर थर्मल में कोयला आपूर्ति ठप

उन्होंने दोनों मंत्रियों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इस कारण कोटा, सूरतगढ़ तथा छबड़ा थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले का कम स्टॉक रह गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम कोयला आपूर्ति में सुधार के लिए कोल इंडिया तथा रेलवे से संपर्क कर निरन्तर प्रयास कर रहा है लेकिन इसके बावजूद कोयले की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में आग्रह किया कि राज्य की विद्युत आवश्यकताओं के मद्देनजर 15 से 20 रैक कोयला तत्काल राजस्थान को मिले ताकि विद्युत संकट की स्थिति से बचा जा सके।

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