Thursday, 13 August, 2020

कोटा में गैस आधारित उद्योग की संभावना तलाशेगी गेल

2020 के अंत तक 10 हजार घरों तक पाइपलाइन से पहुंचेंगी गैस

न्यूजवेव @ नई दिल्ली
कोटा में साल के अंत तक करीब 10 हजार घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचेगी। अगले 5 साल में 1 लाख घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा गेल कोटा में प्राकृतिक गैस आधारित नए उद्योगों की स्थापना की संभावना भी तलाशेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 3 जुलाई शुक्रवार को यह जानकारी केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के बाद दी।
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड द्वारा कोटा में किए जा रहे कार्यों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने अपने कक्ष में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान तथा गेल के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। गेल के अधिकारियों ने बताया कि पीएनजी और सीएनजी, डीजल और कोयले जैसे अन्य विकल्पों से न सिर्फ सस्ती है बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रखती है।

उन्होंने बताया कि कोटा में घर-घर तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पाइपलाइन के जरिए गैस के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी रूचि दिखाते हुए पंजीकरण करवाए हैं। कोटा में इस वर्ष तक 6 सीएनजी गैस स्टेशन खोलने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसके विरूद्ध 7 स्टेशन प्रारंभ कर दिए गए हैं, जबकि इस वर्ष के अंत तक चार और स्टेशन कार्य करना प्रारंभ कर देंगे।
दिसम्बर तक 10 हजार घरों तक पहुंचाने की योजना
प्रेजंटेशन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बरसात के बाद कार्य में तेजी लाते हुए अधिक से अधिक घरों को पाइपलाइन आधारित गैस सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम लोगों के लिए सुरक्षित एवं सस्ते ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करें। लोकसभा अध्यक्ष, पेट्रोलियम मंत्री तथा अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद दिसंबर तक 10 हजार घरों का लक्ष्य तय समय में पूरा करने का निश्चय किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने गेल के चेयरमैन मनोज जैन से कहा कि कोटा में जिन उद्योगों में प्राकृतिक गैस का उपयोग हो रहा हैं, वहां गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके अलावा ऐसी संभावना भी तलाश की जाए जिससे कोटा में गैस आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए। इस पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने गेल मार्केटिंग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो कोटा में उद्योगों का व्यापक सर्वे कर उन्हें प्राकृतिक गैस आधारित तकनीक पर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके अलावा गेल मार्केटिंग ऐसे उद्योगों से भी संपर्क करे जो संसाधनों की उपलब्धता होने पर कोटा में यूनिट स्थापित करने में रूचि रखती हो। बैठक में गैस एवं पेट्रोलियम मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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