Sunday, 7 July, 2019
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विज्ञान प्रसार की चार लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकों का विमाचन

नवनीत कुमार गुप्ता
न्यूजवेव@ नईदिल्ली

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा ने बुधवार 29 मई को इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (इंसा) के पुस्तक विमोचन समारोह में विज्ञान प्रसार द्वारा प्रकाशित चार विज्ञान पुस्तकों का विमोचन किया। चार पुस्तकों में ‘वॉइअज टू अंटार्कटिका’, ‘स्टोरी ऑफ कॉन्शियसनेस’, ‘एन आटोबायोग्राफी ऑफ मून’, ‘शंभू नाथ डेः द डिस्कवरी ऑफ कॉलरा टॉक्सिन’ शामिल हैं।
समारोह में ‘वॉइअज टू अंटार्कटिका’ पुस्तक के लेखक डा. फेलिक्स बेस्ट, स्टोरी ऑफ कॉन्शियसनेस के लेखक डा. गोविंद भट्टाचार्या, एन ऑटोबायोग्राफी ऑफ मून के लेखक डॉ. रमेश शिशु एवं ‘शंभू नाथ डेः द डिस्कवरी ऑफ कॉलरा टॉक्सिन’ पुस्तक के लेखक डॉ.एम.एस.एस. मूर्ति विमोचन समारोह में मौजूद रहेे।
प्रो.आशुतोष शर्मा ने कहा कि उपयोगी विज्ञान पुस्तकें विज्ञान संचार में महत्वपूर्ण होती हैं। हैजा बीमारी के कारणों की खोज में शंभू नाथ डे के प्रयासों को लंबे समय तक देश में नहीं पहचाना गया । शंभू नाथ डे की किताब इस रिसर्च से हमें रूबरू कराती है।

प्रो.शर्मा ने कहा कि पुस्तक ‘वॉइअज टू अंटार्कटिका‘ अंटार्कटिका की प्रामाणिक जानकारी देने में सक्षम है। उन्होंने कहा, किताब ‘स्टोरी ऑफ कॉन्शियसनेस‘ बताती है कि मानव चेतना लाखों वर्षों में कैसे विकसित हुई है। मानव की शारीरिक से मानसिक यात्रा में बदलाव को चिह्नित करती यह कितबा सभ्यता के विकास को दर्शाती है। पुस्तक, ‘एन ऑटोबायोग्राफी ऑफ मून‘ एक कहानी के प्रारूप में है। जिसमें चांद स्वयं पाठकों को अपनी विशेषताएं बता रहा है।

विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ. नकुल पाराशर ने कहा कि इन पुस्तकों का मुख्य लक्ष्य विज्ञान संचार को लोकप्रिय बनाना और वैज्ञानिक नजरिये को आज जनता तक ले जाना है। विज्ञान प्रसार के प्रकाशन विभाग प्रमुख और वैज्ञानिक एफ श्री रिंटू नाथ ने चारों पुस्तकों से जुडे़ अनुभव साझा किये।

वॉइअज टू अंटार्कटिका पुस्तक अंटार्कटिका के 36वें भारतीय वैज्ञानिक अभियान में भागीदार रहे डॉ. फेलिक्स बेस्ट के अनुभव पर आधारित है। यह अभियान 2016-17 में हुआ था। पुस्तक अंटार्कटिका अभियान में भाग लेने के प्रति लेखक की उत्सुकता, हिमालय क्षेत्र में लिए गए प्रशिक्षण और अभियान पूरा होने पर लेखक की अनुभूति को बयां करती है।

‘स्टोरी ऑफ कॉन्शियसनेस’ पुस्तक जीव विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, मनोविज्ञान, अर्धचालक, भाषा विज्ञान, दर्शन और मानव चेतना से संबंधित धर्मशास्त्र जैसे विषयों पर केंद्रित है। पुस्तक ट्रायोलॉजी के बाद की कहानी और ब्रह्मांड की कहानी की कहानी है। ‘एन ऑटोबायोग्राफी ऑफ मून’ चंद्रमा के सभी रहस्यों से संबंधित है जैसे इसकी उत्पत्ति, यह कैसे अपने आकार को दैनिक रूप से बदलता है, इसका आधा हिस्सा ही क्यों देखा जा सकता है, और भी बहुत कुछ। इन सभी जटिल विषयों पर आत्मकथा शैली में लिखित यह पुस्तक युवा पाठकों को चंद्रमा के प्रति ओर अधिक आकर्षक करेगी।

शंभू नाथ डेः द डिस्कवरी ऑफ कॉलरा टॉक्सिन महान आविष्कारक एस.एन.डे के बारे में है, जिन्होंने हैजा की महामारी से छुटकारा पाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस महान वैज्ञानिक के जीवन और कार्यों पर इस किताब में कुछ अज्ञात पक्ष की चर्चा है। ॅपुस्तक का प्रकाशन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के विज्ञान प्रसार ने किया है।

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