Tuesday, 13 August, 2019
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आरटीयू की राज्य स्तरीय वर्कशॉप में नई शिक्षा नीति पर हुआ मंथन

शिक्षाविदों ने कहा, राजस्थान की तकनीकी शिक्षा को स्किल डेवलमेंट से जोडा जायेगा

न्यूजवेव जयपुर

देश की नई शिक्षा नीति से राजस्थान की तकनीकी शिक्षा में बदलाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला जयपुर में आयोजित की गई। राजस्थान तकनीकी शिक्षा विभाग एवं राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशॉला में तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग मुख्य अतिथी एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश सिंह मुख्य वक्ता रहे।


विशिष्ट अतिथी के रूप में एमएनआईटी, जयपुर के निदेशक प्रो. उदयकुमार यारागट्टी, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एच.डी. चारण, एआईसीटीई के सलाहकार प्रो. राजीव कुमार, उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव वैभव गालरिया ने राज्य में एमएचआरडी द्वारा प्रस्तावित नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा में होने वाले बदलावों की जानकारी दी।

आरटीयू के कुलपति प्रो.आर.ए.गुप्ता ने कहा कि देश की प्रस्तावित नई शिक्षा से स्कूल शिक्षा से उच्च शिक्षा तथा रिसर्च के परम्परागत सिस्टम में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य है कि मौजूदा कठिन पाठ्यक्रमों को कैसे सुगम व लोचशील बनाया जाये जिससे विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल लर्निंग का मौका अधिक मिल सके। नये प्रस्ताव के अनुसार, शिक्षा नीति में विभिन्न रेगुलेटरी संस्थाओं के स्थान पर ‘नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी’ बनाई जायेगी।


मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने कहा कि नई एजुकेशन पॉलिसी से युवाओं को नई तकनीक से स्किल बेस्ड एजुकेशन दी जायेगी जिससे उनके लिये रोजगार के अवसर कई गुना बढ जायेंगे। अब डिग्री के स्थान पर स्किल की उपयोगिता अधिक होगी। ऐसे स्किल कोर्सेस के बाद स्टूडेंट्स स्टार्टअप भी कर सकेंगे।
एआईसीटीई के सलाहकार प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में मल्टी डिसिप्लनरी एजुकेशन के साथ स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जायेगा।
तकनीकी शिक्षा में आएंगे नये बदलाव

राज्य के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में विशेषज्ञों के सुझावों से राज्य की तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिलेगी तथा नई शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रमों में बदलाव किये जायेंगे जिससे युवाओं को नवाचार के अवसर मिल सकें।
बीटीयू के कुलपति प्रो. एचडी चारण ने कहा कि वे बीटीयू के कोर्सेस में नवाचार लागू कर चुके हैं, जिससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार प्रेक्टिकल लर्निंग दी जा रही है। कार्यशाला में इंडस्ट्री सॉल्यूशन, थाईलैंड के सीटीओ निक गुआंग लू ने इंडस्ट्री तथा इंस्टीट्यूट की पार्टनरशिप के बारे में बताया। प्रावधिक शिक्षा मंडल के निदेशक पुरूषोत्तम सांखला ने बताया कि राज्य में पॉलिटेक्नीक कॉलेज व आईटीआई संस्थानों में भी स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्कशॉप में आरटीयू बॉम के सदस्य ए.ए. हनफी, कार्यशाला संयोजक व डीन फैकल्टी प्रो.बीपी सुनेजा तथा जयपुर डिस्कॉम के निदेशक सहित कई शिक्षाविदों ने भाग लिया।

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