Wednesday, 27 March, 2019
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राजस्थान में 29 अप्रेल एवं 6 मई को मतदान, रिजल्ट 23 मई को

महासंग्राम-2019: राज्य में 10 मार्च से आचार संहिता लागू, 4.86 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान, प्रत्याशी का चुनाव खर्च 70 लाख सेे अधिक नहीं हो

न्यूजवेव @ जयपुर
भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव-2019 के आमचुनाव घोषणा कर दी है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश की 25 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण में 29 अप्रेल और दूसरे चरण में 6 मई को मतदान होगा। मतगणना 23 मई को होगी। राज्य में कुल 4.86 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। प्रदेश की 25 सीटों में 18 सामान्य के लिये, 4 एससी एवं 3 एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रदेश में स्थानान्तरण एवं नियुक्तियों पर रोक लग गई है। अति आवश्यक होने पर राज्य सरकार निर्वाचन आयोग से मंजूरी लेकर ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्थानान्तरित कर सकेगी।


13 सीटों पर मतदान 29 अप्रैल को

कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में 13 लोकसभा क्षेत्र टोेंक-सवाईमाधोपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, उदयपुर, बासंवाड़ा, चितौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, कोटा और झालावाड़-बारां में 29 अप्रेल को मतदान होगा। पहले चरण की अधिसूचना 2 अप्रेल को जारी होगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। 9 अप्रेल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 10 अप्रेल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 12 अप्रेल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

12 सीटों पर मतदान 6 मई को
दूसरे चरण में 12 लोकसभा क्षेत्रों श्रीगंगानर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर में 6 मई को मतदान होगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। 18 अप्रेल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 20 अप्रेल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 22 अप्रेल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी वाहनों, हेलीकॉप्टर एवं विमान के चुनाव कार्यों में उपयोग पर भी रोक रहेगी। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकाशन सामग्री- पोस्टर, पैपलेट आदि पर प्रकाशक और मुद्रक का नाम प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले प्रिंटिंग प्रेस स्वामियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत कार्यवाही की जाएगी।

राज्य में 4.80 करोड से अधिक मतदाता
मतदाता सूचियों के अनुसार राज्य में कुल 4.86 करोड़ मतदाता हैं। इसमें 2.53 करोड़ पुरुष और 2.32 करोड़ महिला मतदाता हैं। लोकसभा चुनाव-2014 की तुलना में 56.34 लाख वोटर्स इस चुनाव में बढ़े हैं। इस चुनाव में कुल 51,965 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

इपिक कार्ड सहित 11 दस्तावेज मान्य
कुमार ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव में मतदाता केवल वोटर स्लिप के आधार पर मतदान नहीं कर सकेंगे। मतदाता को इपिक कार्ड (मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र) दिखाना होगा। इपिक कार्ड नहीं होने पर 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर वोट दे सकेंगे। इपिक कार्ड के अलावा पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, राज्य या केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा जारी फोटोयुक्त आईडी, बैकों या डाकघरों की फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना का स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज या आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज दिखाकर मतदान करें। मतदाता पर्ची पहचान का आधार नहीं मानी जाएगी।

70 लाख खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी
लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार द्वारा चुनाव व्यय की सीमा 70 लाख रुपए है। चुनाव व्यय के मानिटरिंग के लिए आयोग द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिले में चुनाव व्यय की मानिटरिंग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम 3-3 उड़न दस्ते, 1-1 सहायक निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षक, वीडियो अवलोकन टीम और वीडियो सर्विलांस टीम द्वारा की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में न्यूनतम 3-3 स्थैतिक सर्विलांस टीम भी तैनात रहेगी।

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