Saturday, 27 July, 2019
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जनता की अपेक्षाओं की आवाज बनें सांसद -ओम बिरला

‘प्रभावी सांसद कैसे बनें ?‘ विषय पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 17वीं लोकसभा के सांसदों से किया संवाद

न्यूजवेव @ नई दिल्ली

केद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17वीं लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को संसदीय सौध में आयेाजित प्रबोधन कार्यक्रम में सदन में चर्चा व वाद-विवाद को सार्थक बनाने पर जोर दिया।

उद्घाटन भाषण में सिंह ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के जनप्रतिनिधि के रूप में प्रत्येक सदस्य याद रखे कि पार्टी भले ही अलग हो, लेकिन वे एक राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि संसदीय नियमों, प्रक्रियाओं, संवैधानिक प्रावधानों, वाद-विवाद आदि की जानकारी लें। नये सदस्य अनुभवी राजनेताओं के भाषणों व लेखों का अध्ययन भी कर सकते हैं। सिंह ने कहा कि सदस्य सदन की गरिमा रखते हुए चर्चा में बोलते समय सजग व संयम बरतें। देश की जनता ने उन्हें अपना नुमाइंदा बनाकर उनका कद ऊँचा किया है। इसलिये जनता के प्रति ईमानदारी से काम करना उनका पहला कर्तव्य है।

सांसद ज्यादा समय संसद में बितायें 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 17वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में उन्हें लोकतंत्र के मंदिर में आने का अवसर मिला है। नए सदस्यों से नई ऊर्जा व नये विचार मिलते हैं। सदस्य कानून निर्माण करते हैं और विधायी प्रक्रिया द्वारा कार्यपालिका पर नियंत्रण भी रखते हैं।
उन्होंने नए सदस्यों से अपील की कि वे ज्यादा समय संसद में बितायें जिससे उन्हें वरिष्ठ सदस्यों के साथ संवाद करने का मौका मिलेगा। नए सांसद अपने क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं की आवाज बने। इसके लिये संसद सबसे सशक्त मंच है। महिला सांसद प्रत्येक चर्चा में भाग लें, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो।
मोबाइल पर सदन की वीडियो फुटेज और नियमों व प्रक्रियाओं पर सांसदों के घर स्पष्टीकरण देने की पहल का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा कि प्रत्येक सांसद के कार्य को महत्व दिया जाएगा। सांसद सदन में हंगामे और वेल में आने की प्रवृत्ति से बचें और संसदीय परम्पराओं का सम्मान करें।
संसदीय कार्य मंत्री, कोयला व खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सुझाव दिया कि नये सदस्यों को कार्यवाही में भाग लेते समय समर्पण, भागीदारी और विमर्श करने का मंत्र अपनाना चाहिए।
कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विपक्ष के बिना लोकतंत्र नहीं बचेगा। विपक्ष संतुलन का काम करता है। अगर सरकार अपने दायरे के बाहर जायेगी तो संविधान हमारे साथ है। हमें संविधान का सम्मान करना चाहिए। इससे पूर्व बीपीएसटी के मानद सलाहकार रघुनंदन शर्मा ने स्वागत भाषण दिया । लोकसभा महासचिव श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव ने आभार जताया।

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