Sunday, 7 July, 2019
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महिला मैराथन अर्चना मूंदड़ा को ‘माहेश्वरी वुमन ऑफ वर्थ अवार्ड-2019’

11 जून को महेश जयंती पर 123 जिलों की 251 महिलाओं को मिलेगा सम्मान
न्यूजवेव कोटा
अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब इंडिया (IMCC) द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा के लिये कोटा की मैराथन लेडी अर्चना मूंदड़ा को ‘माहेश्वरी वूमेन ऑफ वर्थ अवार्ड-2019’ से सम्मानित किया जाएगा।

Mrs Archna Mundra

क्लब की प्रदेश अध्यक्ष डॉ.सुमन सुरेश सोनी ने बताया कि 11 जून को महेश जयंती महोत्सव के अवसर पर देशभर में समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्पोर्ट्स, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय 251 प्रबुद्ध माहेश्वरी महिलाओं को इस प्रतिष्ठित अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सभी राज्यों से माहेश्वरी समाज की 5 लाख महिलाओं में से विभिन्न मापदंडों पर कुल 1156 महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अवार्ड चयन समिति ने 123 जिलों की 251 प्रबुद्ध महिलाओं के नाम चयनित किये हैं। इसमें गृहिणी के अलावा विशेष योग्यता के बल पर समाज में विशिष्ट पहचान कायम करने वाली महिलाओं को भी चुना गया जिनसे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेगी। IMCC क्लब की राष्ट्रीय महासचिव अनिता डॉ.अशोक सोडाणी, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष डॉ.सुमन सुरेश सोनी, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष डॉ. माया डॉ.मधुसुदन राठी एवं गुजरात प्रदेश संयोजक रीतू एडवोकेट मुकेश कोठारी ने अवार्ड सूची जारी की है।

17 मैराथन कर चुकी 50 वर्षीया अर्चना

कोटा की मैराथन लेडी व रनिंग फेस्टिवल की एम्बेसेडर अर्चना मूंदड़ा ने बताया कि उन्होंने 3 वर्ष पूर्व रनिंग प्रारम्भ की थी, अब तक 17 मैराथन पूरी कर चुकी हैं। जिसमें 10 किमी की 3 मैराथन कर चुकी हैं। 21 किमी लंबी हाफ मैराथन में वे 14 बार दौड़ चुकी हैं। सितंबर,2018 में उन्होंने 11 हजार फीट उंचाई पर पहुंचकर सबसे कठिन लद्दाख मैराथन पूरी की। जनवरी,19 में वे चंबल चैलेंज स्पर्धा में कोटा से रावतभाटा तक 33 किमी की अल्ट्रा मैराथन मंे शामिल हुई। उन्होंने बताया कि अगस्त से फरवरी तक प्रतिमाह वे एक मैराथन पूरी करती हैं। निरंतर दौड़ने के बाद वे टिम्बर व्यवसाय को उर्जा के साथ संभालती हैं। दोनो बेटे हर्ष व शालीन बिट्स पिलानी से इंजीनियर हैं। रनिंग फेस्टिवल में पति घनश्याम मूंदड़ा भी 6.7 किमी रनिंग में साथ दे रहे हैं। बेयर फुट रनिंग डे पर 5 किमी नंगे पैर दौडकर उन्होंने महिलाओं में सेहत के प्रति जागृति पैदा की।
दवा से दूर रहने के लिये रोज दौडे़ं

उन्होंने बताया कि नियमित रनिंग से बीमारियां दूर हो जाती है। रोज सुबह ऑक्सीजन मिलने से मेंटल स्ट्रेस खत्म हो जाता है। डॉक्टर व दवा से दूर रहने के लिये नियमित दौडना चाहिये। इससे महिलाओं में हड्डियों की प्रॉब्लम नहीं होगी। रनिंग से कैल्सियम व विटामिन-डी पर्याप्त मिलता है।

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