Saturday, 14 September, 2019
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नगर निगम की किशोरपुरा गौशाला में गायों पर मौत का साया

मंजर : जीवित गाय की आंख खा गए कौवे, गौशाला की दीवार टूटने से छोटे बाडे़ में कैद है मवेशी
न्यूजवेव कोटा

नगर निगम द्वारा शहर से लगातार आवारा मवेशी पकडने का दावा किया जा रहा है लेकिन इन मवेशियों को रखने के लिये निगम की किशोरपुरा स्थित कायन हाउस गौशाला में जगह तक नहीं है। गौशाला में गायों की दुर्गति की सूचना मिलने पर पार्षद बृजेश शर्मा नीटू, इन्दर कुमार जैन, छात्रसंघ अध्यक्ष विनयराज सिंह, समाजसेवी युधिष्ठिर खटाणा जब गौशाला पहुंचे तो वहां एक बीमार गाय को कायन हाऊस प्रभारी गोविन्द दिलावर ने मरा हुआ बता दिया। जबकि यह गाय जीवित थी और उसकी आंख कौवे खा गये थे।

पार्षद नीटू ने बताया कि नगर निगम की इस गौशाला में 6 माह से पीछे के बाडे़ की दीवार टूटी हुई है,जिसके कारण मवेशियों को कायन हाउस की सफाई के समय मात्र 50 फीट लंबे अस्थाई बाड़े़ में रखा जा रहा है। इसकी क्षमता 50-60 गौवंश की है जबकि इन दिनों 200-250 मवेशी यहां ठूंसकर रखे जा रहे हैं। ऐसे हालात में कमजोर व बीमार मवेशी नीचे गिर जाते हैं, जिन्हें बडे़ मवेशी रौंदकर निकल जाते हैं। कायन हाउस से मवेशियों को बाद में बंधा धर्मपुरा स्थित नगर निगम की गौशाला में भेजा जाता है।
आक्रोशित पार्षद बृजेश शर्मा नीटू ने महापौर महेश विजय को कायन हाऊस की दुर्दशा से अवगत कराया। महापौर ने तत्काल अधिशाषी अभियंता कुरैशी, सहायक अभियंता एवं गौशाला प्रभारी बब्बू गुप्ता को मौके पर भेजने का आश्वासन दिया। पार्षद इन्दर कुमार जैन ने निगम उपायुक्त कीर्ति राठौड़ को स्थिति से अवगत कराया। गौशाला में पहुंचे अधिकारियों से पार्षद बृजेश शर्मा नीटू, इन्दर कुमार जैन, छात्रसंघ अध्यक्ष विनयराज सिंह ने कहा कि आपकी लापरवाही से सैंकड़ों गौवंश दम तोड़ सकते हैं।
गाय की हालात देख छलके आंसू
छात्रसंघ अध्यक्ष विनयराज सिंह ने जब बीमार गाय के पास चार दिन के बच्चे को उसकी मां को चाटते एवं भूख से तड़पते देखा तो आंखों से आंसू छलक आये। उन्होंने बछड़े के लिए बच्चों के दूध पीने वाली छोटी बोतल एवं दूध मंगाकर उसे पिलाया। पार्षद नीटू ने कहा कि यह गाय तो सांस ले रही है और जिंदा है एवं प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से जिंदा गाय की आंख कौवे खा गए। उन्होंने कहा कि गौशाला की हालत देखकर लगता है कि नगर निगम प्रशासन की आत्मा मर चुकी है।
पार्षद ने पूछा कि विगत 6 माह से पीछे के बाड़े की दीवार का निर्माण कार्य क्यों नहीं हो रहा है? जबकि एक वर्ष पूर्व 25 लाख रूपये का टीनशेड निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों का तकमीना भी बनवाया था। इस पर अधिशाषी अभियंता ने कहा कि वो तकमीना आयुक्त महोदय के पास है और दीवार का कार्य हम कल से शुरू करा देंगे।
मां परिवार संस्था संभाल रही कायन हाउस
पार्षद नीटू ने बताया कि विगत तीन वर्ष से यहां पर मां परिवार संस्था जनसहयोग से प्रतिदिन एक गाड़ी एवं हरा चारा, खल-चापड़ और गुड़ आदि की व्यवस्था करा रहा है। संस्था के रमेश गुप्ता प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक यहां निशुल्क सेवाएं देते हैं। जैन सोशल गु्रप मैत्री के अध्यक्ष मनोज जैन जैसवाल चारा व गुड़ आदि की व्यवस्था करते रहते हैं। शहर के अन्य समाजसेवी संस्थाओं द्वारा काऊ स्ट्र्रेचर, जाल आदि दान किये गये हैं। वहीं दूसरी ओर निगम छह माह से दो लाख रूपये की लागत से दीवार तक नहीं बनवा पा रही है।

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