Wednesday, 27 March, 2019
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अब कक्षा-9वीं व 10वीं में एप्टीट्यूट टेस्ट KYA से स्व-मूल्यांकन करेगें विद्यार्थी

सीबीएसई का नवाचार:

  • – पहले अपनी योग्यता को परखें, फिर रूचि का विषय चुनें
  • पढ़ाई के साथ स्किल, योग्यता व दक्षता का पता चलेगा
  •  विद्यार्थियों में मानसिक तनाव और सुसाइड के मामले घटेंगे
  • वैकल्पिक क्षेत्रों में कोचिंग की राह खुलेगी

अरविंद
न्यूजवेव नईदिल्ली /कोटा

एनसीईआरटी ने इस वर्ष जनवरी माह से कक्षा-9वीं एवं 10वीें के विद्यार्थियों को रूचि, योग्यता व क्षमता के अनुसार विषय का चयन करने के लिए नया स्वैच्छिक एप्टीट्यूट टेस्ट ‘KYA‘ लांच किया है।


इस एप्टीट्यूड टेस्ट से विद्यार्थी को कक्षा-11वीं में नया विषय लेने में मदद मिलेगी। कक्षा-10वीें में ही अपनी योग्यता को जांच कर वह भीड़ से अलग मनपसंद विषय में आगे पढ़ाई कर सकेगा। यह एक सेल्फ असेसमेंट (स्व-मूल्यांकन) टेस्ट होगा, जिसका कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की पहल पर सीनियर सैकंडरी स्कूल लेवल पर विद्यार्थियों को ह्यूमिनिटी, साइंस, कॉमर्स, वोकेशनल आदि क्षेत्रों में मनपसंद कॅरिअर चुनने के विकल्प बताए जाएंगे। जिससे वे अपने स्किल के अनुसार मनपसंद क्षेत्र में कॅरिअर बनाए। इस नवाचार से देश में स्किल बेस्ड एजुकेशन को प्रोत्साहन मिलेगा।

सीबीएसई के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. जोसेफ इमैनुएल ने 10 जनवरी को जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया कि इस टेस्ट के स्कोर के आधार पर विद्यार्थी को पसंद का विषय चुनने की सलाह दी जाएगी। यह टेस्ट देने के लिए वह बाध्य नहीं होगा।

शिक्षविदों के अनुसार, अब तक देश के सीबीएसई स्कूलों में बच्चों के एप्टीट्यूट को परखने का कोई प्रावधान होने से अधिकांश विद्यार्थी सांइस मैथ्स अथवा साइंस बायोलॉजी विषय लेकर मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की महंगी कोचिंग ले रहे थे। जिसमें 2-3 वर्षों में भी चयन न होने पर वे मानसिक अवसाद से ग्रसित हो रहे थे। जबकि कक्षा-10वीं में ही ऐसे एप्टीट्यूड टेस्ट से उनकी क्षमता को परख लेंगे तो अन्य क्षेत्रों में वे स्किल व रूचि के साथ उंचाइयों को छू सकते हैं।

टेस्ट का ब्यौरा 29 जनवरी को वेबसाइट पर

इस माह 29 जनवरी को सीबीएसई वेबसाइट पर ‘KYA‘ का ब्यौरा जारी कर दिया जाएगा। इस ब्यौरे में टेस्ट बुकलेट, टेक्निकल मैन्युअल, शिक्षकों के लिए टीचर्स मैन्युअल एवं आंसर शीट के डॉक्यूमेंट होंगे। सभी सीबीएसई स्कूलों में इस कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन घोषित कार्यक्रम के अनुसार होगा। आंसर शीट के जांचने के पश्चात विद्यार्थी के अंको की जानकारी स्कूल CBSE वेबसाइट www.cbse.nic.in पर अपलोड करेंगे।

जिला प्रशासन भी स्क्रीनिंग टेस्ट के पक्ष में

‘के वाय ए’ टेस्ट के आधार पर विद्यार्थियों को जेईई-मेन तथा जेईई-एडवांस्ड की कोचिंग के लिए कोटा के कोचिंग संस्थानों में एडमिशन से पहले सही काउंसलिंग करने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को यह पता चल सकेगा कि वह एप्टिट्यूड टेस्ट के आधार पर ऐसी प्रवेश परीक्षाओं के योग्य है अथवा नहीं। इससे बच्चों को अनावश्यक मानसिक दबाव से छुटकारा मिलेगा। पेरेंट्स बच्चों पर अपनी महात्वाकांक्षाएं नहीं थोप सकेंगे।

कोटा जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में गाइडलाइन को लागू करने व स्क्रीनिंग टेस्ट के आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश देने के निर्देश दिये थे। अब सीबीएसई द्वारा स्कूलों में एप्टीटयूट टेस्ट प्रारंभ करने से विद्यार्थियों को अपनी योग्यता का पूर्वानुमान लग सकेगा, जिससे उनके अभिभावक कोचिंग के अनावश्यक महंगे खर्च से बच सकेंगे। इस नवाचार से भविष्य में कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों द्वारा की जा रही सुसाइड की घटनाएं भी थमेगी।

मछलियों की योग्यता को तैरने की क्षमता से परखा जाए

वैज्ञानिक आइंस्टीन कहते थे कि मछलियों की योग्यता को उनके पेड़ों पर चढ़ने की क्षमता से नहीं आंका जा सकता। मछलियों की योग्यता परखने के लिए उनकी तैरने की क्षमता को पैमाना बनाना होगा। ठीक उसी तरह, पेरेंट्स के सामने सबसे बडी दुविधा यह थी कि कक्षा-9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों की योग्यता परखने के लिए वे क्या करें। क्योंकि केवल थ्योरी विषयों के प्राप्ताकों के आधार पर योग्यता का सही आंकलन नहीं हो रहा था। एक स्कूल या क्लास में टॉपर छात्र कोचिंग संस्थानों में आकर निचली रैंक पर रह जाता था। जिससे वह मानसिक अवसाद से ग्रसित हो रहा था। एप्टीट्यूट टेस्ट KYA से उसकी छिपी हुई शक्ति का पता चल सकेगा। जिससे वह कक्षा-11वीं में सही विषय लेकर अपने कॅरिअर की उंचाइयों तक पहुंच सके। कोचिंग की भीड़ के दबाव में आकर उसके कॅरिअर के महत्वपूर्ण 1-2 वर्ष का समय बर्बाद न हों।
– देव शर्मा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट,कॅरिअर पॉइंट

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