Tuesday, 23 April, 2019
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युवा ग्रेजुएट्स के लिये अब आईपीआर में सुनहरा कॅरिअर

कॅरिअर : स्टार्टअप या रिसर्च में रूचि रखने वाले युवा बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) में प्रशिक्षण लेकर कॅरिअर में नई उंचाइयां छू रहे हैं।
न्यूजवेव @ नईदिल्ली
उच्च शिक्षित युवाओं के लिये अच्छी खबर। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स अब देश के युवाओं को कॅरिअर की नई उड़ान दे रहा है। एक नेशनल स्टडी के अनुसार, वर्तमान में भारत में 25 हजार से अधिक सफल स्टार्टअप चल रहे हैं। डिजिटल इंडिया व स्किल इंडिया स्कीम के बाद प्रतिवर्ष इनकी संख्या 3 से 4 हजार बढ़ रही है। देश के प्रत्येक क्षेत्र में स्टार्टअप की व्यापक शुरूआत होने से आईपीआर मार्केट में प्रतिवर्ष 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। भारत सरकार के सूचना व प्रौ़द्योगिकी विभाग द्वारा मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, नई मेडिकल डिवाइस, मोबाइल एप जैसे नवाचारों को प्रोत्साहन व सब्सिडी सुविधाएं मिलने से नए क्षेत्रों में उच्च शिक्षित युवाओं की रूचि तेजी से बढ़ने लगी है।
जॉब से पहले स्टार्टअप के कदम


आंकडों को देखें तो देश की 23 आईआईटी में प्रतिवर्ष हो रहे कैंपस प्लेसमेंट में 25 प्रतिशत टेक्नोक्रेट कंपनियों के उंचे जॉब ऑफर ठुकराकर अपनी रूचि के क्षेत्रों में टीम बनाकर नेशनल नेटवर्क के साथ स्टार्टअप की शुरूआत कर रहे हैं, जिससे बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में आईपी प्रोफेशनल्स की डिमांड दिनोंदिन बढती जा रही है। इस ट्रेंड को देखते हुये केंद्र सरकार ने स्टार्टअप से जुडे़ बौद्धिक संपदा अधिकार को विकसित करने के लिये नई स्कीम प्रारंभ की है।
आईपीआर प्रोफेशनल्स बेसिक जानकारी के साथ आईपीआर अटार्नी के रूप में कानूनी सलाह भी देते हैं। आईपी विभागों में ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत होती है, जिनको इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स व अन्य कानूनी जानकारी भी हो। ऐसे कानूनी विशेषज्ञों को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अटार्नी की मान्यता मिलती है। ये विशेषज्ञ नई कंपनी के पंजीयन, संरक्षण व बौद्धिक संपदा अधिकार को कंपनी के हित में उपयोग करने में अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही, वे नए आइडिया, नई खोज, नये सृजन व नवाचार करने वालों को अपना ऑनरशिप अधिकार सुरक्षित रखने की सलाह देते हैं। कई संस्थान अब आईपीआर प्रोफेशनल्स की सेवाएं ले रहे हैं।
बीटेक ग्रेजुएट के लिये अपार संभावनाएं

आईपी मोमेंट्स, नईदिल्ली के फाउंडर डायरेक्टर डॉ.परेश सी. दवे के अनुसार, बीटेक ग्रेजुएट, एमसीए या साइंस ग्रेजुएट जिन्होंने आईपीआर कोर्स में पीजी डिप्लोमा किया है, वे चाहे एलएलबी न हों, उनको पेटेंट इंडस्ट्री में सुनहरे जॉब के अवसर मिल रहे हैं। ऐसे ग्रेजुएट पेटेंट एनालिस्ट, पेटेंट इंजीनियर या एजेंट, पेटेंट कंसलटेंट या एडवाइजर, प्रोसीक्यूटर, लाइसेंस व वैल्यूएशन एक्सपर्ट, पोर्टफोलियो मैनेजर आदि पदों पर आवेदन कर सकते हैं।
ऐसे ग्रेजुएट जिन्होंने आईपीआर के साथ एलएलबी या एलएलएम की उपाधि ली है, वे लॉ फर्म या अन्य संगठनों में आईपी अटार्नी बनने के योग्य हैं। इंटरनेशनल लॉ फर्म में जॉब के लिये भी उनके लिये अवसर खुले हैं। आजकल एनर्जी, आईटी व टेलिकॉम, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी, केमिकल, ऑयल एंड गैस, नेशनल लैबोरेट्री, दूरसंचार व आटोमोबाइल व भारी इंजीनियरिंग उद्योेगों में आईपीआर प्रोफेशनल्स की मांग बढ रही है।
ये हैं जॉब के लिये नये अवसर


पेंटेंट एनालिस्ट
पेंटेंट एनालिस्ट किसी भी शोध या नवाचार के कंटेंट को रिव्यू करके कंटेंट आवेदन करते हैं। वे पेटेंट के लिये संक्षिप्त व स्पष्ट समरी तैयार करते हैं। जिसमें अनुसंधान के अलावा ऐसी सूचनाएं भी संग्रह करते हैं, जो प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी देती हों। पेंटेंट एनालिस्ट पेटेंट ड्रॉफ्ट तैयार कर पेटेंट ऑफिस की पंजीयन प्रक्रिया को सरल बना देते हैं। नवाचार में पेटेंट से जुडे पहलुओं पर वे कानूनी सलाह भी देते हैं। अधिकांश पेंटेंट एनालिस्ट वैज्ञानिक या इंजीनियरिंग फील्ड में विशेष प्रशिक्षित होते हैं अथवा वे ऐसे सर्टिफिाइड पेेटेंट एजेंट होते हैं जो कानूनी व मार्केटिंग में दक्षता रखते हैं।
योग्यता- साइंस या तकनीकी स्नातक डिग्री। अन्य देशों के आईपी लॉ या आईपीआर में पीजी डिप्लोमा अतिरिक्त योग्यता है।
आईपी पैरालीगल
स्टार्टअप की दुनिया में उभरता हुआ नया कॅरिअर है- आईपी पैरालीगल। इनका कार्य पेंटेंट या ट्रेडमार्क ऑफिस में पेटेंट, ट्रेडमार्क अथवा कॉपीराइट के लिये आवेदन फार्म तैयार करना है। आईपी पैरालीगल प्रोफेशनल कानूनी ऑफिस, कार्पोरेशन, इंस्टीट्यूट या गवर्नमेंट एजेंसी में आईपीआर से जुडे़ मामलो को देखते हैं।
योग्यता– लॉ स्नातक डिग्री। अन्य देशों के आईपी लॉ या आईपीआर में पीजी डिप्लोमा अतिरिक्त योग्यता है।
पेटेंट डोकेटिंग
पेटेंट डोकेटिंग ऐसा सिस्टम है जो पेटेंट आवेदन प्रक्रिया का सटीक प्रबंधन करता है। प्रत्येक पेटेंट लॉ फर्म में काम करने के लिये पेटेंट डोकेटिंग स्किल जरूरी होता है। क्यांेकि इसमें कई दस्तावेजों को डेडलाइन के साथ पूरा करना होता है अन्यथा सैंकडों पेटेंट की सूची में आवेदन करने के बाद पेटेंट आवंटित करवाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। डोकेटिंग विशेषज्ञ सॉफ्टवेयर के माध्यम से पेंटेंट प्रक्रिया को आसान बना देते हैं। ऐसे विशेषज्ञों को सभी देशों के आईपीआर कानून की जानकारी होना आवश्यक है।
योग्यता- स्नातक डिग्री। अन्य देशों के आईपी लॉ या आईपीआर में पीजी डिप्लोमा अतिरिक्त योग्यता है।
पेंटेंट प्रूफ रीडर
प्रत्येक पेटेंट में सर्टिफिकेट अर्जित करने से ठीक पहले दस्तावेजों की पेटेंट प्रूफ रीडिंग अंतिम चरण होता है। पेटेंट डॉफ्ट को अंतिम रूप देते समय उसकी प्रूफ रीडिंग आवश्यक है। इससे किसी भी तरह की त्रुटि को पेटेंट से पहले दूर करनेे का अवसर मिल जाता है। इसलिये कई कंपनियों में पेंटेंट प्रूफ रीडर की डिमंाड बढ रही है।
योग्यता– स्नातक या इंग्लिश में स्नातक। अन्य देशों के आईपी लॉ या आईपीआर में पीजी डिप्लोमा अतिरिक्त योग्यता है।
पेटेंट एजेंट
बीटेक, बीएससी या अन्य ग्रेजुएट पेटेंट एजेंट के रूप में अच्छा कॅरिअर बना सकते हैं। यह आपको भविष्य में तेजी से उभरते क्षेत्र में कार्य करने के अवसर प्रदान करता है। आईपी मार्केट में पेटेंट एजेंट के लिये डिमांड हमेशा बनी रहती है।
योग्यता- साइंस या तकनीकी स्नातक डिग्री व पेटेंट कॉपीराइट ऑफिस से पेटेंट एजेंट परीक्षा उत्तीर्ण। अन्य देशों के आईपी लॉ या आईपीआर में पीजी डिप्लोमा अतिरिक्त योग्यता है।़
ट्रेडमार्क या पेटेंट अटॉर्नी
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वर्तमान में कंपनियां इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑडिट के जरिये नई शुरूआत कर अपनी बौद्धिक पूंजी की पहचान कर सकती हैं।
योग्यता– एलएलबी डिग्री। जबकि पेटेंट अटॉर्नी के लिये साइंस या तकनीकी स्नातक डिग्री व पेटेंट कॉपीराइट ऑफिस से पेटेंट एजेंट परीक्षा उत्तीर्ण। देानों पदों पर अन्य देशों के आईपी लॉ या आईपीआर में पीजी डिप्लोमा अतिरिक्त योग्यता है।
IPR में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा
देश की कई यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) पर 1 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा दूरस्थ शिक्षा प्रोग्राम में संचालित है। इस कोर्स के लिये स्नातक योग्यता आवश्यक है। इनमें आईआईटी, खडगपुर, मोहनलाल सुखाडिया यूनिवर्सिटी, उदयपुर, एपीजे सत्य यूनिवर्सिटी, गुडगांव, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई, इग्नू, दिल्ली, महात्मा ज्योति राव फूले यूनिवर्सिटी, जयपुर, तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी, चैन्नई, नॉलसार लॉ यूनिवर्सिटी, हैदराबाद, जामिया हमदर्द, नईदिल्ली, स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी, मेरठ, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलुरू, एसबीएस कॉलेज ऑफ लॉ, रोहतक आदि संस्थानों में आईपीआर में पेीजी डिप्लोमा कोर्स संचालित है।
आईपीआर सुरक्षा कवच की तरह

इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट (आईपीआर) या बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार का अहम सुरक्षा कवच है लेकिन जानकारी के अभाव में स्टार्टअप करने वाले इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं। आज प्रतिद्वंद्विता के कारण अपने अनुसंधान की मान्यता के बारे में जरा सी चूक भविष्य मे बडे़ आर्थिक नुकसान का कारण बन जाती है। कुछ विचार भले ही अद्वितीय हो, उनकी रक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। प्रतिस्पर्धा में मुख्य खतरा ज्ञात स्त्रोत से भी हो सकता है। जब कोई भी उद्यम किसी अन्य के ’विचार’ को भुनाने लगता है, तो निश्चित की यह एक चेतावनी है।
– डॉ.परेश सी.दवे, निदेशक, आईपी मोमेंट्स, नईदिल्ली

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