Sunday, 7 July, 2019
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रेजोनेंस छात्र पवन गोयल MIT (USA) से करेंगे बैचलर डिग्री

अचीवमेंट: 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप के साथ मिला दाखिला, आईआईटी, मुंबई के बाद अब तीन वर्ष एमआईटी, यूएसए में पढ़ाई करेगा।
न्यूजवेव@ कोटा
कोटा कोचिंग के छात्र IIT के साथ ही दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटी में भी अपनी छाप छोड रहे हैं। IIT, मुंबई में बीटेक प्रथम वर्ष में अध्ययनरत पवन गोयल अगले तीन वर्ष मासच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), कैम्ब्रिज, यूएसए से बैचलर ऑफ साइंस डिग्री कोर्स करेंगे। उसे इस वर्ष 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप के साथ एमआईटी में एडमिशन मिला है। इंस्टीट्यूट में 53,450 डालर ट्यूशन फीस है।

पवन ने कक्षा-8वीं से 12वीं तक 5 वर्ष रेजोनेंस संस्थान, कोटा से क्लासरूम कोचिंग ली है। रेजोनेंस के प्रबंध निदेशक आर.के. वर्मा ने कहा कि असाधारण प्रतिभा के धनी छात्र पवन ने एमआईटी के लिये 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप अर्जित कर दुनिया में शिक्षा नगरी एवं राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि कोटा में रहते हुये उसने 96.6 प्रतिशत अंकों से कक्षा-12वीं पास की थी। कक्षा-12वीं में ही वह KVPY में एआईआर-2 पर चयनित हुआ। उसने इंटरनेेशनल जूनियर साइंस ओलिम्पियाड (IJSO-2017) तथा इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिम्पियाड (IPhO-2018) में उसने देश के लिये दो गोल्ड मेडल जीते हैं। इससे एक वर्ष पहले भी आईपीएचओ में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा को साबित कर दिखाया। रेजोनेंस छात्र पवन गोयल ने जेईई-एडवांस्ड,2017 में ऑल इंडिया रैंक-4 पर चयनित होकर आईआईटी, मुंबई में कम्यूटर साइंस ब्रांच में दाखिला लिया था। आईआईटी के प्रथम सेमेस्टर में उसने सीजीपीए-10 हासिल किये हैं।

श्री आर.के वर्मा मेरे आदर्श

18 वर्षीय पवन ने बताया कि कोटा में 5 वर्ष रहकर पढ़ाई व कोचिंग लेने से उसे इंटरनेशनल ओलिम्पियाड में गोल्ड मेडल जीतने का मौका मिला। MIT में प्रवेश लेने में इससे लाभ हुआ। स्कूल से ही फिजिक्स में उसकी रूचि रही। रेजोनेंस में फिजिक्स के एचओडी व प्रबंध निदेशक श्री आर.के. वर्मा उसके आदर्श हैं, फिजिक्स में निरंतर मोटिवेट करते हुए उन्होंने मास्टर बना दिया। पापा महेश गोयल OISD, नोएडा में संयुक्त निदेशक हैं और मां मंजू गोयल 5 वर्ष कोटा में उसके साथ रहीं। दीदी श्रष्ठी अग्रवाल ने भी गत वर्ष IIT, दिल्ली से बीटेक किया है। वह सेमसंग, दक्षिण कोरिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।
इस वर्ष MIT स्कॉलरशिप के लिये उसे सेट सब्जेक्ट में 800 में से 800 मार्क्स मिले। IIT, बॉम्बे के प्रोफेसर सुनोज ने MIT के लिये उसकी अनुशंसा की। आईआईटी में बीटेक सेकंड सेमेस्टर पूरा कर वह अगस्त में कैम्ब्रिज के लिये रवाना हो जाएगा। वहां तीन साल रहकर बीएस उपाधि पूरी करेगा। भविष्य में वह किसी नए क्षेत्र में रिसर्च करना चाहता है।

वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर-1 है MIT

2018-19 में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अमेरिका की MIT दुनिया में शीर्ष रैंकिंग पर है। इसमें 61 प्रतिशत अंडरग्रेजुएट्स दुनिया के 127 देशों से चयनित होकर आते हैं। एजुकेशन, रिसर्च एवं इनोवेशन पर फोकस होने से आईआईटी स्टूडेंट्स भी इसमें एडमिशन के लिये प्रयासरत रहते हैं। यहां से निकलने वाले ग्रेजुएट ग्लोबल इंजीनियर्स बनते हैं। वर्तमान में MIT में 4602 अंडर ग्रेजुएट व 6972 ग्रेजुएट स्टूडेंट्स हैं। इसमें 1056 प्रोफेसर होने से यहां शिक्षक छात्र का अनुपात 3ः1 रहता है।

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