Sunday, 24 January, 2021

बोफोर्स तोपों के लिये बनाये तीन स्वदेशी बैरल

न्यूजवेव @ नईदिल्ली
देश में सेना के लिए तोप और टैंक बनाने वाली आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) ने शनिवार, 27 जुलाई को बोफोर्स कंपनी की अत्याधुनिक तोप के लिए पहली बार तीन बैरल निर्यात किए हैं। बोफोर्स की इस 155 गुणा 52 कैलिबर तोप के लिए करीब आठ मीटर लंबी बैरल बनाई गई है। इसे उच्च क्वालिटी वाले स्वदेशी उपकरणों से तैयार किया गया है। बोफोर्स कंपनी ने आयुध निर्माणी को बैरल बनाने का ऑर्डर 5-6 महीने पहले दिया था।

गत 25 जून को स्वीडन स्थित बोफोर्स टेस्ट सेंटर के दो प्रतिनिधि निरीक्षण के लिए कानपुर आए। उन्होंने बैरल की क्वालिटी और तकनीक की जमकर तारीफ की। ओएफसी और फील्डगन ने मिलकर पुरानी बोफोर्स तोप का अपग्रेड वर्जन ‘धनुष’ तैयार किया है। धनुष को भारतीय सेना में शामिल किया जा चुका है।
देश के राजनीतिक और सामरिक इतिहास में चर्चित बोफोर्स तोप तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने 1986 में स्वीड की निर्माता कंपनी बोफोर्स से खरीदी थीं। कई हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदे में 400 बोफोर्स तोपों की खरीद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिससे 1989 में कांग्रेस सरकार को आमचुनाव में पराजय झेलनी पड़ी। हालांकि मरणोपरांत राजीव गांधी को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई थी, लेकिन बोफोर्स तोप के कारण ही कांग्रेस की हार से देश में गठबंधन सरकारों का उद्भव हुआ।
वर्ष 1989 में कांग्रेस को जमीन दिखाने वाली बोफोर्स तोपें खुद एक दशक तक धूल फांकती रहीं। 1999 इन तोपों के लिए सलामी वर्ष साबित हुआ। कारगिल युद्ध में यही बोफोर्स तोपें ऐसी गरजीं कि पाकिस्तानी फौज को दिन में तारे दिखाई देने लगे और महज बीस दिन में ही भारत ने कारगिल में विजय हासिल कर ली। इसी बोफोर्स कंपनी ने देश को स्वदेशी बैरल के रूप में एक और गौरव दिया है।

(Visited 103 times, 1 visits today)

Check Also

20 माह की मासूम धनिष्ठा ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी

बेटी की असमय मृत्यु होने पर माता-पिता ने उसके हार्ट, किडनी, लीवर व दोनो कॉर्निया …

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: