Wednesday, 25 November, 2020

कोटा के 505 कोचिंग व हॉस्टल सुरक्षा के मापदंडों पर खरे नहीं

अलर्ट:
– जिला प्रशासन द्वारा जारी होगी एडवाइजरी
– जिला व पुलिस प्रशासन, यूआईटी व नगरनिगम की संयुक्त टीम करेगी संस्थानों की जांच
– नगर निगम के नोटिस पर अमल नहीं हुआ तो संस्थान सीज होंगे
न्यूजवेव @कोटा
सूरत में एक बहुमंजिला इमारत में कोचिंग संस्थान में अचानक हुई आगजनी की घटना से 20 विद्यार्थियों की आकस्मिक मौत के बाद सभी बडे़ शहरों में बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कोटा नगर निगम उपायुक्त कीर्ति राठौड ने सोमवार को इस बात का खुलासा किया कि जांच के दौरान 505 कोचिंग व हॉस्टल में अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई है। सभी संस्थानों को नोटिस दिये जाने के बावजूद सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी की जा रही है।

सोमवार को बहुमंजिला भवनों में आगजनी से जुड़ी सुरक्षा संबंधी बैठक में जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुये शहर के सभी संस्थानों की जांच के लिए संयुक्त टीम गठित करने एवं एडवाईजरी जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थी प्रतिवर्ष कोटा में शिक्षा एवं कोचिंग के लिए आते है, हमारा दायित्व है कि उन्हें सुरक्षित एवं तनाव रहित वातावरण उपलब्ध कराएं। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिये जारी निर्देशों की अनुपालना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, अस्पताल, क्लिनिक एवं बहुमंजिला आवासीय क्षेत्र में नागरिकों को आगजनी के हादसों से बचाव के लिये प्रशिक्षित करें।

अपराधिक जिम्मेदारी तय होगी
शहर पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने कहा कि कोटा में आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित वातावरण देने के लिए धरातल पर कार्य करें। सभी संस्थानों में मॉकड्रिल कर फायर उपकरणों की जांच व नागरिकों को जानकारी दी जाये। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी संस्थान की लापरवाही से यदि कोई हादसा हुआ तो उसकी आपराधिक जिम्मेदारी तय की जाएगी। सभी संस्थान अलर्ट होकर निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन वासुदेव मालावत, अतिरिक्त कलक्टर शहर आरडी मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील, यूआईटी सचिव भवानीसिंह पालावत, सीएमएचओ भूपेन्द्र सिंह तंवर, मुख्य फायर अधिकारी गौतमलाल सहित विभागीय अधिकारी, कोचिंग संस्थानों व हॉस्टल एसोसिएशन के पदाधिकारी, मॉल संचालक, व प्रमुख हॉस्पिटल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुरक्षा मापदंडों पर रहेगी कड़ी नजर

– कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, हॉस्पिटल, बहुमंजिला अपार्टमेंट एवं व्यावसायिक क्षेत्रों की जांच के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन, यूआईटी व पुलिस की संयुक्त जांच टीम बनेगी। 

– फायर नियमों की अनदेखी करने पर संस्थाओं को नोटिस देने के बाद नगर निगम इनको सीज करने की कार्यवाही करेगा।
– नगर निगम द्वारा जिन भवनों को फायर की एनओसी जारी हुई, उसका सत्यापन किया जाएगा।
– हॉस्टल एवं कोंिचंग संस्थान सभी विद्यार्थियों को फायर एण्ड सेफ्टी की ट्रेनिंग भी देंगे।
– प्रत्येक संस्थान में हर तीन माह में मॉकड्रिल करना अनिवार्य होगा।
– मल्टीस्टोरी के नागरिकों को रिहर्सल में मंजिल से उतरने एवं बचाव की ट्रेनिंग दी जाएगी।
– हॉस्टल में मैस के लिए एक से अधिक रसोई गैस सिलेंडर नहीं रखे जायेंगे। मैस उपरी मंजिल पर संचालित होंगे। शहर के 90 प्रतिशत हॉस्टल में ऐसा नहीं हो रहा है।
– सभी रिहायशी हॉस्टल में फायर अलार्म, ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर, प्रवेश एवं बाहर निकलने के अलग-अलग द्वार हों। लेकिन हॉस्टलों का निर्माण नियमानुसार नहीं होने से दो रास्ते संभव नहीं होंगे।
– कोचिंग विद्यार्थियों के लिए एलपीजी से संचालित वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाए।
– जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी की पालना अनिवार्य होगी।
– सोशल मीडिया पर फायर एंड सेफ्टी पर वीडियो प्रसारित किया जाएगा।
– तीन सप्ताह बाद सभी संस्थाओं की समीक्षा बैठक होगी।

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