Sunday, 20 September, 2026

4035 किमी अल्ट्रा मैराथन चैम्पियन बनेगी राजस्थान की सुफिया खान

हौसला: मात्र 100 दिनों में कश्मीर से कन्याकुमारी तक पैदल दौड़ रही राजस्थान की पहली महिला धावक, 30 मई को कोटा पहुंचेगी

न्यूजवेव कोटा

अजमेर की अल्ट्रा मैराथन रनर सुफिया खान (33) देश की पहली महिला धावक होगी जो कश्मीर से कन्याकुमारी की 4035 किलोमीटर लंबी पैदल दौड महज 100 दिन में पूरा करेगी। सबसे कम समय में दूरी तय करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिये उन्होंने 25 अप्रैल को श्रीनगर से दौड़ प्रारंभ की है। 11 राज्यों व 25 बडे़ शहरों से होती हुई 30 मई को सुबह 4 बजे सुफिया कोटा पहुचेगी और यहां से मुकंदरा टाइगर रिजर्व तक 54 किमी की दौड़ पूरी करेगी।

रनिंग फेस्टिवल-2019 के प्रमोटर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि 30 मई को बड़गांव में प्रातः 4 बजे अजमेर दरगाह कमेटी के चेयरमैन आमीन पठान टीम सदस्यों के साथ महिला रनर का स्वागत करेंगे। एफएसआरसी के 25 धावक उनके साथ मुकंदरा तक 54 किमी की मैराथन पूरी करेंगे। वह कोटा से उज्जैन, इंदौर, नासिक, पुणे, मुंबई, सतारा, बैंगलुरू होती हुई कन्याकुमारी में मैराथन को पूरा करेगी।
अल्ट्रा मैराथन सुफिया ने बताया कि 2 वर्ष पहले उसने ‘रन फॉर होप’ का लक्ष्य लेकर एयर इंडिया से जॉब छोड़कर प्रेक्टिस शुरू कर दी। मार्च,2018 में उसने गोल्डन ट्राईएंगल में दिल्ली, आगरा, जयपुर व दिल्ली की 720 किमी दौड़ को 16 दिन में पूरी कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में कीर्तिमान बनाया। जिससे उससे पहली सबसे तेज महिला धावक होने का गौरव मिला। देश में मानवता, एकात्मता, शांति व सद्भाव के लिये वह इस दौड़ को विभिन्न राज्यों से गुजरते हुये पूरा करेगी। भीषण गर्मी के बावजूद वह रोज सुबह 4 से 9 बजे तक 30 किमी तथा शाम को 5 से 20 किमी दौड़ पूरी करती है। मौसम प्रतिकूल होने पर भी रोज 50 किमी दौड़ना उसका लक्ष्य है।
देश में मेलजोल, शांति व सदभाव के लिये मैराथन

सुफिया ने दूरभाष पर बताया कि यह मेराथन केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिये नहीं है, हमारे देश में अलग-अलग धर्म व संस्कृति हैं, इनमें परस्पर मेलजोल, शांति व मानवता के साथ देश को सकारात्मक दिशों में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वह नेशनल लेवल पर अल्ट्रा मैराथन कर रही है। उसने कहा कि माता-पिता एवं पति इस चुनौती को पूरा करने के लिये उन्हें पूरा सपोर्ट व प्रेरित कर रहे हैं। वह अपने शैड्यूल के अनुसार रोज सुबह-शाम 50 किमी की दौड़ पूरी कर रही है। पति ने बताया कि रास्ते में सडकों पर प्रदूषण ज्यादा होने के कारण उसके फेफड़ों में तकलीफ हो गई। जिससे 5 दिन सूफिया को अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा लेकिन उसने फिटनेस बनाये रखने के लिये हौसले के साथ फिर दौड़ चालू कर दी।

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