Friday, 21 August, 2026

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में पर्यटन सफारी की अनुमति मिली

  • चम्बल बोट सफारी के लिये बडी नाव चलाने और ऑनलाइन बुकिंग पर विचार
  • 21 एवं 22 फरवरी को कोटा महोत्सव का आयोजन

न्यूजवेव@कोटा

पर्यटन विकास समिति की बैठक में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डीएफओ मुथु एस. ने बताया कि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन द्वारा मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया को सफारी के लिये खोलने की अनुमति मिल चुकी है। वन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार पर्यटन सफारी के लिए नए सफारी वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चम्बल सफारी की भंवर कुंज तक छोटी राइड एवं गरड़िया महादेव तक बड़ी राइड के वर्तमान शुल्क को कम करने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। शीघ्र ही शुल्क कम करने के लिये निर्णय लिया जाएगा।


बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कोटा जिले में आने वाले पर्यटकों के लिये प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चम्बल बोट सफारी के लिये शुल्क दरों पर भी चर्चा की। बैठक में चम्बल सफारी के लिए बड़ी नाव उपलब्ध कराने पर भी विचार किया गया। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग के अधीन गरड़िया महादेव, चम्बल बोट सफारी, गैपरनाथ महादेव, मुकुंदरा हिल्स टाईगर रिजर्व एवं अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क जैसे स्थानों की ऑनलाईन बुकिंग की दिशा में प्रक्रिया जारी है।
इन पर्यटक स्थलों को विकसित करेंगे


बैठक में केडीए द्वारा किशोर सागर तालाब के पास हाट बाजार को शुरू करने, प्रमुख पर्यटक स्थल जग मंदिर एवं लक्खी बुर्ज केफैटेरिया के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया, केडीए द्वारा रंगपुर स्थित डाक बंगलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने, गैपरनाथ महादेव मंदिर में पर्यटकों के दौलतगंज रोड की तरफ से प्रवेश दिए जाने, नयापुरा बाग के समीप स्थित ऐतिहासिक घोड़े तथा चम्बल गार्डन के निकट स्थित ऐतिहासिक हाथी एवं घोड़े के सौन्दर्यकरण कार्य, शहर के प्रवेश मार्ग बड़गांव बावड़ी के आसपास अतिक्रमण हटाकर लेंडस्केपिंग के माध्यम से सौंदर्यकरण करने पर चर्चा कर जिला कलक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में 21 एवं 22 फरवरी को कोटा महोत्सव के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।

बाहर से पर्यटकों के आने की संभावना
होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा संभाग के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि कोटा में हुये ट्रेवल मार्ट के बाद यहां पर्यटन सीजन में बाहर से कई पर्यटकों के आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि गरड़िया महादेव, चम्बल बोट सफारी, गैपरनाथ महादेव, मुकुंदरा हिल्स टाईगर रिजर्व, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क, चम्बल रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन पार्क, गढ़ पैलेस आदि को दिखाने के लिए दो से तीन दिन के पैकेज तैयार कर देशभर में टूर ऑपरेटरों को भेजे गए हैं। इन्टेक कन्वीनर निखलेश सेठी ने किशोर सागर तालाब के ऐतिहासिक स्वरूप को निखारने एवं अतिक्रमण हटाने का सुझाव दिया। बैठक में उपायुक्त नगर निगम जवाहर जैन, उप निदेशक पर्यटन विकास पंड्या, सहायक निदेशक पर्यटन संदीप श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता केडीए महेन्द्र सक्सेना, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी नरेश चौधरी, शाइन इंडिया फाउंडेशन से डॉ. कुलवन्त गौड़, कोटा ग्रीन कम्यूनिटी के प्रणव राज सिंह एवं अन्य उपस्थित रहे।

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