अच्छी खबरः रणथम्बोर सेंचूरी से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघ टी-2408 का सफल आगमन
न्यूजवेव@ कोटा
वन विभाग ने रणथम्बोर सेंचूरी से बाघ टी-2408 को कोटा जिले के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर वन्यजीव प्रेमियों एवं देश-विदेश के पर्यटकों में नई हलचल पैदा कर दी है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मुकुंदरा टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी अभयारण्य के रूप में हाड़ौती का ऐतिहासिक टाइगर कॉरिडोर एक दशक बाद फिर से जीवंत हो उठा है। उन्होंने कहा कि बूंदी जिले की रामगढ़ विषधारी सेंचूरी से मुकुंदरा की अप स्ट्रीम बाघों के संरक्षण और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। बाघों की प्रजाति को आगे बढाने के लिये मुकुंदरा-रामगढ़ टाइगर रिजर्व ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने मुकुंदरा में छठे बाघ के आगमन पर हाडौती के वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग को बधाई दी।

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डीसीएफ मुथु सोमसुंदरम ने बताया कि रणथम्बोर से स्थानांतरित किया गया बाघ टी-2408 चार वर्ष का है। इसके सकुशल मुकुंदरा पहुंचने पर टाइगर रिजर्व में नर बाघों की संख्या दो हो गई है। मुकुंदरा में कुल छह बाघ हैं, जिनमें दो नर बाघ, तीन बाघिन और एक शावक शामिल है। लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों से गत एक वर्ष में ही यहां बाघों की संख्या दो से बढ़कर छह हो गई है। दिसंबर 2024 तक मुकुंदरा में केवल एक बाघ और एक बाघिन ही मौजूद थे।
मुकुंदरा-रामगढ़ कोरिडोर ‘बाघ संरक्षण का हब’

बिरला ने कहा कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के लिये किये जा रहे समन्वित प्रयास जल्द ही कोटा-बून्दी क्षेत्र को बाघ संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनाएंगे। कोटा-बूंदी में बाघों की संख्या बढ़ने से यहां इको-टूरिज्म के अवसर बढेंगे। जिससे स्थानीय जनतां के लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। वन संरक्षण, पर्यटन और जनभागीदारी से मुकंदरा का अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य देश-विदेश के सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन जायेगा।
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