Monday, 31 August, 2026

नई टेक्नोलॉजी के साथ प्राचीन ज्ञान परंपरा को भी आगे लायें- डॉ.मीनू माहेश्वरी

न्यूजवेव@ सूरत

ओरो यूनिवर्सिटी, सूरत द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में कोटा यूनिवर्सिटी के कॉमर्स एवं मैनेजमेंट विभाग की एचओडी डॉ.मीनू माहेश्वरी पैनल चर्चा की मुख्य वक्ता रही। यह अन्तरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ”रोडमैप फोर एन इन्कलूसिव, सस्टेनेबल एंड टेक्नोलोजिकल एडवांस्ड फ्यूचर” विषय पर रही।

Dr Meenu Maheshwari, HOD, UoK

कॉन्फ्रेंस की पैनल चर्चा में डॉ. मीनू माहेश्वरी, ट्रिपल आईटी लखनऊ के डॉयरेक्टर प्रो. अरूण मोहन शोरी, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रो. सुजित कुमार दुबे, एनआईटी, सूरत के प्रो. हेमन्त बलसारा, जगन्नाथ विवि के पूर्व कुलपति प्रो. नवीन माथुर, यू.ए.ई. से सुधीर राना तथा प्रो.अशोक कुमार गुप्ता पूर्व प्राचार्य गवर्नमेन्ट गर्ल्स कॉलेज कोटा रहे।


डॉ माहेश्वरी ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हमें विश्व गुरू बनाने के लिए टेक्नोलॉजी में एडवांसमेंट के साथ ही प्राचीन ज्ञान परम्परा को भी देश के विकास हेतु आगे लाना होगा। विकसित भारत-2047 के लिये भारत के सस्टेनेबल डेवलपमेन्ट के लिए सभी संसाधनों का सदुपयोग करते हुए सभी वर्गो को साथ लेकर चलना होगा।
उन्होने कहा कि ऐसी योजनाओं पर काम हो, जिससे हाशिए पर रहने वाले व्यक्ति को रोजगार मिले संसाधनों पर सभी वर्गो का समान अधिकार हो। हमें ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढाना होगा। शिक्षा एवं स्किल डेवलपमेंट, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा योजना, पर्यावरण संतुलन, कृषि को प्रोत्साहन आदि पर तेजी से काम करने होंगे।

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