Thursday, 30 January, 2020
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देश में सभी समस्याओं के हल के लिये संवैधानिक उपाय – राष्ट्रपति

संविधान की 70वीं वर्षगांठ पर मनाया संविधान दिवस
न्यूजवेव नईदिल्ली

संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में संविधान की 70वीं वर्षगांठ पर आयोजित संविधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमारे देश में सभी स्थितियों के समाधान के लिए संवैधानिक उपाय हैं। इसलिये हमें पहले यह विचार करना चाहिए कि क्या हमारे कार्य संविधान की सीमाओं, गरिमा और नैतिकता के अनुरूप हैं। कोविंद ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं की बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता से एक ऐसा जीवंत दस्तावेज तैयार हुआ है जिसमें न केवल हमारे आदर्शों और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित किया गया है बल्कि सभी भारतीयों के भविष्य को भी सुरक्षित किया गया है ।
जनता ही गणराज्य का केंद्र

उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति एम.वेंकैया नायडु ने कहा कि हमने सदैव जनता को गणराज्य के केंद्र में रखा है। भारत में संसदीय प्रणाली फलफूल रही है और संविधान के दायरे में स्वतंत्र समाज के अधिकारों का संरक्षण किया जा रहा है। हम विकसित भारत के निर्माण के लिए अपनी नीतियां और कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं साथ ही शासन व्यवस्था में परिवर्तन भी ला रहे हैं।
समय की कसौटी पर खरा उतरा है संविधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि डॉ. बी.आर. अंबेडकर आज जीवित होते तो वह भारत को एक सफल लोकतंत्र के रूप में फलता-फूलता देख प्रसन्न होते। संविधान में भारतीयों की गरिमा और एकता को विशेष महत्व दिया गया है। यह बहुत खुशी की बात है कि संविधान समय की कसौटी पर खरा उतरा है और ऐसा मजबूत आधार सिद्ध हुआ है जिससे हमारा विविधतापूर्ण देश श्रेष्ठ भारत के रूप में विकसित हुआ है ।
मोदी ने कहा कि देश महात्मा गांधी की 150वीं जन्म शताब्दी मना रहा है। गांधीजी इस बात को भली-भांति समझते थे कि अधिकारों और कर्तव्यों के बीच एक अटूट रिश्ता और संतुलन है। उन्होंने देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक जागरूक बनने का आग्रह किया और कहा कि उन्हें हमेशा सोचना चाहिए कि वे देश को कैसे और सशक्त बना सकते है।
देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संविधान ने देश के विकास पथ पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तेजी से बदलती परिस्थितियों में नई टेक्नोलॉजी के युग में संविधान हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। इसके लिए संविधान को एक नए सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना होगा। इसी भावना से संविधान दिवस से एक नई शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि संविधान ने मौलिक कर्तव्यों के साथ हमें अनुशासित भी किया है। देश की अधिकांश समस्याओं का समाधान मौलिक कर्तव्यों के पालन से संभव है।
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय कक्ष में विशिष्ट जनों का स्वागत करते हुये कहा कि मौलिक अधिकार, राज्य की नीति के निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्य संविधान का आधार हैं।
राष्ट्रीय युवा संसद योजना पोर्टल
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा संसद योजना पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने ‘भारतीय संसदीय लोकतंत्र में राज्य सभा की भूमिका‘ प्रकाशन के विमोचन के साथ राज्यसभा के 250वें सत्र के उपलक्ष्य में सिक्के, डाक टिकट और फर्स्ट डे कवर जारी किया। बाद में राष्ट्रपति ने लोकसभा के वर्ष 2020 के कैलेंडर का लोकार्पण किया तथा संसदीय ज्ञानपीठ में आयोजित की जा रही संविधान निर्माण विषयक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया ।

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