Monday, 6 July, 2020

80 फीसदी आबादी मास्क पहने तो कोरोना पर लग सकता है ब्रेक

उमाशंकर मिश्र
न्यूजवेव@ नई दिल्ली
वैज्ञानिकों का कहना है कि देश में 50 प्रतिशत आबादी मास्क पहनती है, तो सिर्फ 50 प्रतिशत आबादी को ही कोरोना से संक्रमित होने का खतरा है। लेकिन 80 प्रतिशत आबादी यदि मास्क पहनने लग जाये तो इस महामारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा सकती है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने ये तथ्य सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस से जुड़ी एक नियमावली में पेश किए हैं।

वरिष्ठ वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. शैलजा वैद्य गुप्ता ने कहा कि मास्क की कमी को देखते हुए इस नियमावली में घरों पर ही मास्क बनाने पर जोर दिया गया है। यह पहल मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जो मास्क पहनना चाहते हैं, लेकिन उनके पास इन मास्कों तक पहुँच नहीं है। ऐसे में घर पर बनाए हुए मास्क उपयोगी हो सकते हैं। इनकी खूबी यह कि इन्हें धोकर दोबारा उपयोग कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का हवाला देते हुए इस नियमावली में कहा गया कि मास्क उन्हीं लोगों पर प्रभावी हैं जो अल्कोहल युक्त हैंडवॉश या साबुन और पानी से हाथ साफ करते हैं। यदि आप मास्क पहनते हैं, तो आपको इसके इस्तेमाल और इसके उचित निस्तारण के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।
मास्क क्यों पहना जाए?
नियमावली कहती है कि एक व्यक्ति के दूसरे व्यक्ति से संपर्क में आने पर कोविड-19 वायरस आसानी से फैलता है। वायरस को ले जाने वाली बूंदें इसे तेजी से फैलाती हैं और हवा में जीवित रहते हुए यह आखिरकार विभिन्न सतहों के संपर्क में आ जाता है। कोविड-19 को फैलाने वाला वायरस सार्स-कोव-2 किसी ठोस या तरल सतह (एयरोसोल) पर तीन घंटे तक और प्लास्टिक व स्टेनलेस स्टील पर तीन दिन तक जीवित रहता है।
नियमावली में कहा गया है कि मास्क के उपयोग से संक्रमित व्यक्ति से निकले द्रव कणों में मौजूद वायरस के किसी दूसरे व्यक्ति के श्वसन तंत्र में प्रवेश की आशंका कम हो जाती है। सुरक्षित मास्क पहनकर वायरस के सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश की संभावनाएं कम हो जाती हैं, जो इसके प्रसार को रोकने के लिहाज से अहम हो सकता है। हालाँकि, ,मास्क को ऊष्मा, यूवी लाइट, पानी, साबुन और अल्कोहल के एक संयोजन के उपयोग से स्वच्छ किया जाना जरूरी है। (इंडिया साइंस वायर)

(Visited 45 times, 1 visits today)

Check Also

कोरोना वायरस के उपचार में संभावित विकल्प हैं चाय और हरड़

IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने चाय और हरितकी में ऐसे तत्व का पता लगाया है …

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: