Thursday, 4 June, 2020

कोटा को हवाई सेवा का लाभ बहुत जल्द: बिरला

लोकसभा स्पीकर बिरला ने दो दिवसीय राष्ट्रीय टैक्स कॉन्फ्रेंस मंथन-2020 का किया शुभारंभ
-कॉन्फ्रेंस में देशभर से आये 800 कर विशेषज्ञ
न्यूजवेव @ कोटा
टैक्स बार एसोसिएशन कोटा द्वारा शनिवार को सीपी टावर ऑडिटोरियम में मुख्य अतिथि लोकसभा स्पीकर ओम बिऱला ने नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस मंथन-2020 का शुभारंभ किया। वक्रांगी लिमिटेड के सीएमडी सीए दिनेश नंदवाना ने अध्यक्षता की तथा एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक गोविंद माहेश्वरी, स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के निदेशक सुनील न्याती व आरटीसीए के अध्यक्ष सीए सतीश कुमार गुप्ता विशिष्ट अतिथि रहे।

लोकसभा स्पीकर ओम बिऱला ने कहा कि ईमानदारी से टैक्स जमा कराने वाले करदाताओं को कोई समस्या नहीं हो, यह मोदी सरकार ने सुनिश्चित किया है। सरकार को कर से पर्याप्त राजस्व मिले और सरकार व करदाताओं के बीच में कठिनाइयों को हल करने का रास्ता निकाला जाएगा। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा करदाताओं व टैक्सपेयर्स से मिला राजस्व देश के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी है। बिऱला ने कहा कि टैक्सपेयर्स नियमों के तहत टैक्स जमा करवाए। टैक्स व्यवस्था को लेकर सरकार कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कोटा के लोगों को जल्द ही हवाई सेवा का लाभ मिलेगा,ताकि कोटा फिर से औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान बना सके।
देश की वित्तीय हैल्थ का भी ध्यान रखें


वक्रांगी लिमिटेड के सीएमडी सीए दिनेश नंदवाना ने कहा कि मोदी सरकार वर्ष 2024 तक देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का दावा कर रही है। इसे साकार करने में कर विशेषज्ञों का बड़ा योगदान रहेगा। केंद्र व राज्य सरकार कर विशेषज्ञों को आशा भरी नजर से देखती है। सीए सदस्यों के साथ कर विशेषज्ञों की जिम्मेदारी है कि वे करदाता की हेल्थ के साथ देश की वित्तीय हेल्थ का भी ध्यान रखना चाहिए।
कोटा में 200 लोग करोड़पति
सीए नंदवाना ने कहा कि वर्तमान में देश में 52 करोड़ लोग अधिक आय वाले है, जिसमें 5.87 करोड़ करदाता इनकम टैक्स की रिटर्न फाइल करते है। साथ ही देश में करीब 1.5 करोड़ टैक्सपेयर्स है तथा करीब 6 करोड़ प्रोफेशनल हैं। करीब 31 लाख लोगों ने 10 लाख रुपए इनकम दिखाई है। कोटा में भी करीब 200 लोग ऐसे है जिनकी आय एक करोड़ रुपए से अधिक है। वहीं सरकार द्वारा कई नये प्रावधान लागू कर रही है, जिसके कारण हम देश की इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बना सकते है।
टैक्स का स्ट्रक्चर सही हो
स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के निदेशक सुनील न्याती ने कहा कि मोदी सरकार का 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य बहुत बड़ा है, लेकिन इसमें कर विशेषज्ञ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने कहा कि टैक्स की पॉलिसी का सही स्ट्रक्चर होने के साथ उचित मार्गदर्शन जरूरी है। कर विशेषज्ञ करदाताओं का सही प्रकार से मार्गदर्शन करे तो देश विश्व में एक मजबूत आर्थिक अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक गोविंद माहेश्वरी ने कहा कि देश के विकास में करदाताओं का सबसे बड़ा योगदान है। मंथन कॉन्फ्रेंस टेक्स क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
कोटा टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार विजय ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मंथन कॉन्फ्रेंस में सभी कर कानूनों का विश्लेषण करके एक प्रस्ताव बनाया जाएगा, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कर विशेषज्ञों को आश्वासन दिया कि कर विशेषज्ञों को भी कठिनाइयां आ रही है उसका एक प्रस्ताव बनाएं वे उनकी अधिकारियों के साथ वित्त मंत्री के साथ बैठक करवाकर उनकी समस्याओं का समाधान करवायेंगे। सीए मिलिंद विजयवर्गीय ने कहा कि कर विशेषज्ञ करदाता को सही प्रकार से टैक्स जमा करवाने के लिए प्रेरित करते है। एडवोकेट गोपाल जैन ने कहा कि आगामी समय में कर विशेषज्ञों को पूरी सावधानी से कार्य करना होगा। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता वाले विषय पर करदाता को किसी भी प्रकार की शरीयत नहीं देने का प्रण लेना होगा।
कॉन्फ्रेंस के संरक्षक वरिष्ठ टैक्स एडवोकेट एम.एल.पाटौदी ने कहा कि वर्तमान समय में जीएसटी टैक्स कानून में करदाताओं के साथ व्यापारी वर्ग को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण गुजरात व मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में व्यापारियों ने हड़ताल कर रखी है। इस कारण जीएसटी कानून पर मंथन करने की आवश्यकता है। इनकम टैक्स रिटर्न व जीएसटी ऑडिट में टैक्स एडवोकेट, सीए व व्यापारियों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रकार केंद्र सरकार को जीएसटी कानून की विसंगतियों को दूर किया जाने की आवश्यकता है।
इनकम टैक्स के नये सिस्टम को स्वीकार नहीं कर रहे करदाता
टैक्स गुरू सीए डॉ.गिरीश आहूजा ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार आम बजट में ऐसा कानून लाई है जिसे करदाता स्वीकार नहीं कर रहे है। करदाताओं के सामने यह समस्या खड़ी हो गई है कि वह इनकम टैक्स के पुराने सिस्टम में जाए या नये सिस्टम में जाए। इनकम टैक्स के नये सिस्टम के अनुसार देश में 15 लाख रुपए की वार्षिक आय वाले करदाताओं को किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी। मेडिकल छूट को भी सरकार ने समाप्त कर दिया है। इससे इनकम टैक्स के नये सिस्टम में कोई भी करदाता नहीं जाएगा। करदाता की बचत पर ही पूरा देश का सिस्टम चल रहा है। नये सिस्टम में पांच लाख रुपए की वार्षिक आय वाला ही करदाता जाएगा। इनकम टैक्स के इस नये प्रावधान के चलते देश में नया निवेश नहीं होगा।
जीएसटी टैक्स को दो स्लेब में लागू करें
दिल्ली के वरिष्ठ सीए विमल जैन ने कहा कि जीएसटी कानून में करदाताओं को जीएसटी रिटर्न के साथ रिवाइज का मौका नहीं मिलता है, जिससे करतदाताओं को परेशानी हो रही है। ऐसे में जीएसटी रिटर्न में रिवीजन का ऑप्शन किया जाये। सीए जैन ने कहा कि करदाता टेक्स की इनवॉइस अधिक से अधिक जनरेट करे और केश वाले ट्रांजेक्शन से बाहर आए। जीएसटी टैक्स में करदाता को इनवोइस लेना शुरू करना चाहिए। एमएसएमई व एसएमई सेक्टर जीएसटी रिटर्न समय पर दाखिल करें। ताकि उन्हें समय से आईटीसी मिल सके। सरकार जीएसटी में आ रही खामियों को दूर करने का पूरा प्रयास कर रही है। देश में जीएसटी टैक्स के आने से सभी उत्पादों की कीमतें पूर्व की अपेक्षा करीब 3 से 4 फीसदी कम हुई है। मोदी सरकार को चाहिए कि वह अन्य देशों की तर्ज पर जीएसटी टैक्स के स्लैब में कटौती कर इसको दो स्लैब 5 व 12 फीसदी में लागू करना चाहिए। जीएसटी टैक्स में 28 फीसदी स्लैब को समाप्त कर देना चाहिए।
कॉन्फ्रेंस में शहर के प्रमुख व्यापार एवं औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी, डायरेक्ट और इन डायरेक्ट टैक्सेस डिपार्टमेंट के अधिकारी, बड़े उद्योगों के प्रतिनिधि समेत देश के प्रमुख कर विशेषज्ञों के साथ सीए सदस्य उपस्थित थे। इससे पूर्व कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने स्मारिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम के बाद शनिवार शाम को एलेन कॅरियर इंस्टीट्यूट के सत्यार्थ परिसर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में देशभर के विभिन्न हिस्सों से करीब 800 कर विशेषज्ञों व सीए सदस्यों ने भाग लिया।
हेल्थ चेकअप शिविर लगाया
नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस मंथन परिसर में हेल्थ चैकअप शिविर लगाया गया, जहां कर विशेषज्ञों के साथ प्रोफेशनल वर्ग के लोगों ने भाग लिया। परिसर की प्रदर्शनी में प्रोफेशनल से संबंधित स्टॉलें लगाई गई।
न्यू जीएसटी रिटर्न पर मंथन आज
टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव सीए लोकेश माहेश्वरी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सीए गौरव गुप्ता दिल्ली, संभागीय आयुक्त एल.एन.सोनी, सीए राजेंद्र अरोड़ा दिल्ली न्यू जीएसटी रिटर्न के प्रावधानों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा एडवोकेट संजय झंवर जयपुर, मंगलम सीमेंट के सीनियर जॉइंट प्रेसीडेंट अनिल मंडोत, सीए विनोद गुप्ता, सीए सीजेएस नंदा, सीए कपिल गोयल आदि कर कानूनों पर मंथन करेंगे।

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