Wednesday, 14 April, 2021

तीन मिनट में कराएं कानों की निःशुल्क स्क्रीनिंग जांच

‘श्रुति’ प्रोग्राम : शहर की बस्तियों में डोर-टू-डोर चल रहा है ईएनटी स्क्रीनिंग प्रोग्राम, 25 हजार लोगों की हुई मुफ्त जांच।

न्यूजवेव कोटा

राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की जनता में बहरापन दूर करने के लिए जयपुर व कोटा संभाग में सामाजिक सरोकार के तहत निःशुल्क ‘श्रुति’ प्रोग्राम चलाया जा रहा है, जिसमे अब तक 25 हजार से अधिक लोगों ने कानों की मुफ्त जांच करवाई है।

कान के परदे व सुनने की समस्या होने पर रोगियों को सही जांच व इलाज मुहैया कराने करने के लिए इस मिशन में महावीर ईएनटी हॉस्पिटल, कोटा ने 20 से अधिक कम्यूनिटी हैल्थ वर्कर (सी.एच.डब्ल्यू) नियुक्त किए हैं। ये टीमें कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, भीलवाडा व चित्तौड़गढ़ जिले में शहरों, कस्बों व सुदूर गांवों तक घर-घर निःशुल्क जांच करके रोगियों की पहचान कर रही है।

ईएनटी सर्जन डॉ. विनीत जैन ने बताया कि यह नवीनतम टेली मेडिसिन कंसेप्ट है, जिसमें एट्रा व्यू डिवाइस से रोगी के कानों की 3 मिनट में स्क्रीनिंग जांच में कान के परदे की स्थिति व सुनने की क्षमता कम होने का पता चल जाता है। बाद में रोगी के हैल्थ डाटा व कान के पर्दे के फोटो को क्लाउड कम्प्यूटिंग से एनालाइज करके ईएनटी विशेषज्ञ उसका सही उपचार करते हैं।

उन्होने बताया कि अब तक ईएनटी रोगी को परामर्श व जांच में लगभग 1 हजार रू. खर्च करना पडता था, लेकिन श्रुति प्रोग्राम से गरीब तबके के रोगियों को भी निःशुल्क उपचार मिल रहा है। शहर की बस्तियों में 20 कम्यूनिटी हैल्थ वर्कर निरंतर डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग सर्वे कर रहे हैं।

गौरतलब है कि अगस्त, 2013 में यूएसए की मेडट्रॉनिक ने भारत में एट्रा व्यू डिवाइस से निःशुल्क ‘श्रुति’ कार्यक्रम शुरू किया था। इस स्वस्थ कान अभियान से देश के 25 अस्पतालों को जोड़ा गया। राज्य में जयपुर व कोटा संभाग में इस जांच अभियान से शहरी व ग्रामीण जनता में जागरूकता आई है।

मोबाइल के ज्यादा उपयोग से कानों को खतरा


नेशनल सेम्पल सर्वे के अनुसार, देश में 7 से 8 प्रतिशत आबादी बहरेपन की समस्या से जूझ रही है। एक लाख में से 290 लोगों में यह रोग सामने आ रहे हैं। चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन के अनुसार, रोज 2 से 4 घंटे लगातार मोबाइल का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं में बहरापन बढ़ रहा है। पहले 45 से 50 वर्ष की उम्र में कम सुनाई देने की समस्या होती थी, आज 25 वर्ष की उम्र में कान संबंधी समस्याएं सामने आ रही है।

कोटा में 10 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग जांच हुई


‘श्रुति‘ प्रोग्राम के तहत कोटा शहर के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों के कानों की मोबाइल डिवाइस द्वारा निःशुल्क स्क्रीनिंग जांच की गई। ईएनटी सर्जन डॉ. विनीत जैन ने बताया कि बच्चों में पर्दे क्षीण होने या कम सुनाई देने से उन्हें पढाई में परेशानी होने लगती है। कुछ बच्चों की ईएनटी जांच में टौंसिल की समस्या भी सामने आई। उन्हें निशुल्क उपचार दिया गया।

पुलिस विभाग में पहली बार जांच शिविर


नवंबर माह में कोटा पुलिस विभाग में हैप्पीनेस कोटा टीम द्वारा आयोजित निःशुल्क जांच शिविर में महावीर ईएनटी हॉस्पिटल की टीम ने एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों व उनके माता-पिता के कानों की आधुनिक डिवाइस से निःशुल्क स्क्रीनिंग जांच की। शहर के सभी आंगनबाडी केंद्रों पर भी श्रुति प्रोग्राम के तहत निःशुल्क ईएनटी जांच की जा रही है। इस अभियान में रोज 250 रोगियों की स्क्रीनिंग की जाती है।

500 शिविरों में 25 हजार रोगियों की हुई जांच

क्लाउड कम्प्यूटिंग से प्राप्त डाटा के अनुसार, महावीर ईएनटी हॉस्पिटल, कोटा द्वारा 6 जिलों में 500 संभागीय ईएनटी शिविरों में आधुनिक डिवाइस से 25 हजार से अधिक लोगों के कानों की निःशुल्क स्क्रीनिंग जांच की जा चुकी है। प्रत्येक शिविर में परामर्श, जांच, दवाइयां निःशुल्क दी जाती है। ऑपरेशन होने पर रोगी को 60 प्रतिशत रियायती दरों पर इलाज मिल रहा है।

(Visited 76 times, 1 visits today)

Check Also

आने वाले चार हफ्ते देश के लिये जोखिम भरे – डॉ. वीके पॉल

कोरोना की दूसरी लहर को मिलकर हरायें, एहतियात बरतें और अफवाहों से बचें न्यूजवेव नई …

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: