Monday, 18 October, 2021

12वीं के बाद एयरक्राफ्ट इंजीनियर व पायलट बनने का सुनहरा मौका

शिक्षा महोत्सव : कोचिंग विद्यार्थियों ने करिअर के नए विकल्पों में दिखाई रुचि
न्यूजवेव कोटा
जेईई-मेन, एडवांस्ड या नीट प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कोचिंग विद्यार्थियों ने दो दिवसीय शिक्षा महोत्सव के अन्तिम दिन नए क्षेत्रों में रुचि दिखाई। युवा मोटिवेटर रविन्द्र साहू ने बताया कि ‘जिंदगी में और भी हैं राहें’ थीम पर देश की प्रमुख प्राइवेट यूनिवर्सिटी व शिक्षा समूहों के विशेषज्ञों ने जॉब के नवीनतम कोर्सेस की जानकारी दी।
इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स एंड इंजीनियरिंग, भोपाल के सूर्या ने बताया कि देश मे डीजीसीए द्वारा मान्यताप्राप्त एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस इंजीनियर कोर्स में 12वीं साइंस-मेथ्स के विद्यार्थी एडमिशन ले सकते हैं। इसमे कोई आरक्षण सुविधा नही है। चार वर्षीय कोर्स में स्टूडेंट को डीजीसीए द्वारा लाइसेंस दिया जाता है। 2 वर्ष कॉलेज में पढ़ाई व 2 वर्ष एयरलाइंस में ट्रेनिंग होती है। तीसरे वर्ष से 15 से 20 हजार रु. स्टाइपेंड राशि मिलती है। इस 4 वर्षीय लाइसेंस कोर्स की कुल फीस 5.50 लाख रु. है। 11 मॉड्यूल के बाद लाइसेंस मिलने पर एयरलाइंस में न्यूनतम 12 लाख रु. के वार्षिक पैकेज पर जॉब मिल जाते हैं। खास बात यह कि इसमें कोई रिटायरमेंट उम्र भी नही होती है। केवल मेडिकल फिटनेस आवश्यक है।
इसी तरह, 2 वर्षीय पायलट ट्रेनिंग  में भी डीजीसीए द्वारा लाइसेंस दिया जाता है। एयरहॉस्टेस के लिए 6 माह का कोर्स है। देश के 12 शहरों में संस्थान के स्टडी सेंटर हैं। अप्रेल में छात्र शा-शिब स्कालरशिप व एप्टीट्यूड टेस्ट देकर इसमे प्रवेश ले सकते हैं। महोत्सव में एआईएमएस, मुंबई के एक्सपर्ट ने मरीन इंजिनीयर्स के लिए 2 वर्षीय नेशनल डिप्लोमा की जानकारी दी।
इंडस्ट्री के साथ करार
ग्राफिक इरा यूनिवर्सिटी देहरादून के प्रवेश अधिकारी सत्यंजय पुंडीर ने बताया कि यूनिवर्सिटी का आईबीएम, टाटा, ओरेकल, इंफोसिस जैसी कम्पनियों के साथ करार है, जिससे स्टूडेंट्स को इन इंडस्ट्री में इंटर्नशिप कराई जाती है। आटोमोबाइल, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सिक्यूरिटी, क्लाउड कम्प्यूटिंग जैसे नवीनतम फील्ड से विद्यार्थियों को लर्निंग दी जा रही है।
सुनहरे कल के लिए बढ़ाएं कदम 
महोत्सव में शाम को बॉलीवुड फिल्मों में महात्मा गांधी के किरदार केसर एन.के. जानी बापू बनकर विद्यार्थियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि कोटा से जो कुछ नॉलेज ले रहे हैं, उससे जीवन के हर मोड़ पर नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी। हर हाल में पॉजिटिव होकर सुनहरे कल के लिए कदम आगे बढ़ाएं। रविन्द्र साहू ने सभी का आभार जताया।
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