Wednesday, 25 November, 2020

बाढ़ से कोटा की 16 बस्तियां जलमग्न

कोटा बैराज का 19वां हाई रिस्क गेट भी खोला, जिला प्रशासन ने बनाये आश्रय स्थल
न्यूजवेव @ कोटा

कोटा बैराज के 18 गेट से पानी की निकासी जारी थी, इस बीच गांधी सागर के सभी 19 गेट खोले जाने से कोटा बैराज के हाई रिस्क गेट को भी खोलना पडा। हाडौती के चारों बांधों में जलस्तर उफान पर है। राहत कार्यों में तेजी लाने के लिये एनडीआरएफ की टीम देर रात जालौर से कोटा पहुंचेगी।

कोटा बैराज के सभी 19 गेट खुलने से शनिवार को बैराज की दोनो पुलियाओं पर आवागमन बंद कर दिया गया। अत्यधिक निकासी होने से डाउन स्ट्रीम की 16 बस्तियों के घरो ंमें पानी घुस गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। जिला प्रशासन ने बाढ प्रभावित 1677 परिवारों के लिये 6 स्थानों पर आश्रय स्थल बनाकर नागरिकों के भोजन व आवास की व्यवस्था करवाई।


जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने निर्देश दिये कि जलभराव वाले क्षेत्रों में घरों की छतों पर बैठे हुए लोगों को तत्काल अनिवार्य रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। आश्रय स्थलों में भोजन, बिस्तर, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि पानी भराव वाले स्थानों पर विद्युत व्यवस्था को सुरक्षा के साथ सुचारू करें, सफाई एवं चिकित्सा व्यवस्था के इंतजाम भी किए जाएं। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन एवं अतिरिक्त कलक्टर शहर सामान्य व्यवस्था के लिए प्रभारी होंगे तथा सीईओ जिला परिषद एवं जिला रसद अधिकारी खाद्य व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी होंगे।

पुलिस अधीक्षक शहर दीपक भार्गव ने जल स्रोतों एवं पानी की आवक वाले पर्यटक स्थलों पर आम नागरिकों की भीड़ जमा नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैराज एवं चंबल की पुलों पर जाने वाले नागरिकों को जमा नहीं होने दें सेल्फी लेने वालों को प्रतिबंधित करें। जिला कलक्टर नेे शहर में हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए 7 समन्वयक अधिकारी नियुक्त किये हैं। उनके साथ चिकित्सकीय टीम भी लगाई है जो आश्रय स्थलों में नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं का वितरण करेंगे।

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