Tuesday, 9 March, 2021

आरटीयू में हुई वर्चुअल इंटरनेशनल एलुमनी मीट

थीम-व्यवसाय में आगे बढ़ने तथा सफलता के लिए समाज तथा मित्रो से जुड़े रहे

न्यूजवेव @ कोटा

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) द्वारा दो दिवसीय ऑनलाइन अन्तर्राष्ट्रीय एलुमनी मीट में अमेरिका, ब्रिटेन व ऑस्ट्रेलिया से ईसीके पासआउट इंजीनियरों ने अपनी प्रोफेशनल यात्रा के बारे में बताया कुलपति प्रो.रामवतार गुप्ता तथा डीन प्रो.अनिल माथुर ने चार घंटे अलग अलग एलुमनी के विचार सुने। एलुमनी जयेश ने ब्रिटेन में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की तथा सब यूरोप के फाइबर प्लास्टिक कंपोजिट से सरंचनाओ के रिपेयर व सुदृढ़ीकरण के मानकों को बनाने में मदद कर रहे है। आरटीयू के पूर्व कुलपति प्रो एन.सी.कौशिक ने नई तकनीकें सीखते रहने पर जोर दिया। बीटीयू के कुलपति तथा आरटीयू के पूर्व डीन प्रो एच.डी.चारण ने मानवीय मूल्यों को याद रखने का महत्व बताया। लगभग 80 वर्ष आयु के प्रो बी.एल.जैन तथा 75 वर्षीय प्रो ए.के.अरोरा भी ऑनलाइन में एलुमनी से मुखातिब हुए। पूर्व छात्र उन्हें व इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा में रहे आईआईटी रुड़की के प्रो. रजत रस्तोगी , प्रो. राकेश गौर, प्रो. रमेश मिश्रा, प्रो. ओ.पी .छंगाणी से रूबरू होकर बहुत खुश हुए।

RTU कोटा से जुड़ी यादें ताजा की

अमेरिका से सिद्धार्थ अरोड़ा ने वहां के माहौल तथा यूनिवर्सिटी के बारे में विस्तार से बताया। पूजा नागर ने ऑयल एंड गैस क्षेत्र में अमेरिका में उनके कार्य क्षेत्र के बारे में समझाया। मोहित मोहता न्यूयॉर्क से ओरेकल से जुड़े। एडिलेड, ऑस्ट्रेलिया से रूपेश ने रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आईआईटी मंडी से दीपक स्वामी ने कोटा में अपने छात्र जीवन को याद कर कई यादे बताई। लगभग सभी वक्ताओं ने प्रोफेशनल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मित्रो व अपने क्षेत्र के लोगों के साथ समाज से जुड़ाव बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया। प्रतिभागियों में देश विदेश में विभिन संस्थाओं में कार्यरत इंजीनियर व वर्तमान छात्र थे।डीन प्रो.अनिल माथुर ने सबका स्वागत किया तथा अंत में आभार व्यक्त किया।  डीन प्रो.माथुर ने बताया कि वर्तमान में एलुमनी के सहयोग से कुलपति सचिवालय में एक स्टूडियो व सिविल विभाग में कॉन्फ्रेंस हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। पूर्व छात्रों ने समन्यक प्रो प्रवीण अग्रवाल व प्रो के. सी.ग्रोवर से ऐसे ही और कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जाहिर की, आगामी महीनों में फिर मिलने के वादे के साथ सब विदा हुए।

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