Wednesday, 14 April, 2021

कोटा के कोेचिंग संस्थानों में गाईडलाइन की होगी जांच

जिला कलक्टर ने जांच टीमें गठित की। कोचिंग संस्थानों को प्रतिमाह 91 बिन्दुओं का फॉर्मेट देना होगा।

न्यूजवेव कोटा

शिक्षा नगरी में कोचिंग विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण देने के लिए राज्य सरकार ने गाइडलाइन को प्रभावी तरीके से लागू करने के दिशानिर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव गोयल ने सभी कोचिंग संस्थाओं को 91 बिन्दुओं एवं हॉस्टल संचालकों को 22 बिन्दुओं की सूचना प्रतिमाह भिजवाने के लिए फॉर्मेट तैयार कर जांच टीमों का गठन किया है।

जिला कलक्टर ने बताया कि कोटा में अध्ययनरत कोचिंग विद्यार्थियों को मानसिक संबल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए सभी कोचिंग संस्थान धरातल पर निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस विभाग, चिकित्सा विभाग, नगरीय विकास विभाग, नगरीय निकाय द्वारा शहर के सभी कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों के प्रबंधन को नियंत्रित किया जा रहा है। यदि किसी कोचिंग संस्थान या हॉस्टल संचालक द्वारा दिशानिर्देशांे की अवहेलना की गई तो उनके विरूद्ध संबंधित विभागांे द्वारा कार्यवाही की जायेगी।

कोचिंग विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का जिला प्रशासन से सीधा सम्पर्क स्थापित करने के लिए आधुनिक तकनीक से युक्त प्रॉब्लम-सॉल्यूशन सिस्टम स्थापित किया जायेगा। इसके लिए एक नॉडल अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी। जो शिकायतों या समस्याओं की जानकारी 48 घंटे में जिला स्तरीय समिति को आवश्यक रूप से प्रस्तुत करेगा। जिला स्तरीय समिति तुरन्त कदम उठाकर संबंधित कोचिंग संस्थान या हॉस्टल संचालक या विभाग को निर्देशित करेगी।

कोचिंग फीस लौटाना जरूरी
जिला कलक्टर ने बताया कि कोचिंग संस्थानों द्वारा विद्वार्थियों को संस्थान छोड़ने की स्थिति में फीस लौटाने के संबंध में विद्यार्थियों व अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट नीति व प्रक्रिया से सूचित कर इसे ब्रोशर में भी सम्मिलित किया गया है इसका भी समिति निरीक्षण करेगी।

ई-लर्निंग सेंटर बनाया
कोचिंग केन्द्र परिसर में एक ई-लर्निंग सेन्टर स्थापित किया गया है जो इन्टरनेट सुविधायुक्त कम्प्यूटर सिस्टम से सुसज्जित है। इस केन्द्र पर आकर कोई भी विद्याथी जिस लेक्चर में उपस्थित नहीं हो पाया वह ई-लेक्चर्स को रिकार्ड कर सकगा। इसकी भी जांच की जायेगी।

उन्होंने बताया कि कोचिंग संस्थान ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे कि यदि कोई भी विद्यार्थी बिना पूर्व सूचना के दो दिन से अधिक अनुपस्थित रहे, तो ऐसे विद्यार्थी के आवास या पीजी पर जाकर उसकी जानकारी करे एवं उसके अभिभावक को अनुपस्थिति की सूचना दी जा रही है या नहीं, इसकी जांच की जायेगी।

सभी कोचिंग संस्थानों में प्रशिक्षित मनोविशेषज्ञों की सुविधा प्रदान कर वेलनेस सेन्टर की स्थापना, विद्यार्थियों को आईआईटी व मेडिकल के अलावा अन्य वैकल्पिक कॅरिअर के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था की जा रही है या नहीं यह भी देखा जायेगा। कोचिंग संस्थान परिसर में लाभ-हानि रहित केन्टीन संचालित की जाने की जांच की जायेगी।
विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु पीजी व हॉस्टल में की जा रही व्यवस्था, मासिक किराया, रिफण्ड नीति व दी जाने वाली सुविधाएं की जांच होंगी।

पीजी एवं हॉस्टलों की जांच टीम 

जिला कलक्टर ने शहर में संचालित पीजी एवं हॉस्टलों में राज्य सरकार के दिशानिर्देशों की पालना के निरीक्षण के लिए क्षेत्रवार 6 टीमों का गठन किया है। उन्होंने बताया कि विज्ञान नगर थाना क्षेत्र के लिए उपायुक्त नगर निगम कृष्णा शुक्ला, डॉ. नरेन्द्र राजावत, अधिशाषी अभियंता प्रशांत भारद्वाज, अग्निशमन अधिकारी संजय शर्मा एवं थानाधिकारी विज्ञान नगर होंगे। जवाहर नगर थाना क्षेत्र के लिए उपायुक्त नगर निगम नरेन्द्र वर्मा, डॉ. राहुल मीणा, अधिशाषी अभियंता नवीन सिंघल, अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास व थानाधिकारी जवाहर नगर की टीम बनाई गई है।

उन्होंने बताया कि दादाबाडी थाना क्षेत्र के लिए उप सचिव यूआईटी कीर्ति राठौड, डॉ. नवीन दत्ता, अधिशाषी अभियंता महेश गोयल, वरिष्ठ फायरमेन अब्दुल सलाम एवं थानाधिकारी दादाबाडी हांेंगे। महावीर नगर थाना क्षेत्र के लिए उप सचिव यूआईटी राजेश डागा, डॉ. एसडी शर्मा, अधिशाषी अभियंता सुनील शर्मा, वरिष्ठ फायरमेन देवेन्द्र गौतम एवं थानाधिकारी महावीर नगर की टीम गठित की गई है।

उन्होंने बताया कि कुन्हाडी थाना क्षेत्र के लिए उप सचिव यूआईटी दीप्ती मीणा, डॉ. महेश चतुर्वेदी, अधिशाषी अभियंता प्रेमशंकर शर्मा, वरिष्ठ फायरमेन नारायण सिंह एवं थानाधिकारी कुन्हाडी, शहर के सम्पूर्ण गर्ल्स होस्टल के लिए उपनिदेशक आईसीडीएस ममता तिवारी, मैनेजर एनयूएचएम आकांक्षा शर्मा, कनिष्ठ अभियंता अर्पिता जैन एवं वरिष्ठ फायरमेन भंवर सिंह की टीम निरीक्षण करेंगी।

कोचिंग संस्थानों के लिए बनाई जांच टीमें
जिला कलक्टर ने बताया कि कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए अलग से टीम गठित की गई है। जिसमें एलन, सर्वोत्तम एवं बंसल क्लासेस की जांच के लिए प्रशिक्षु आईएएस देवेन्द्र कुमार, भूप्रबंध अधिकारी सुनिता डागा, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय की टीम बनाई गई है। इसी प्रकार मोशन आईआईटी, रेजोनेंस, वाइब्रेंट क्लासेस की जांच के लिए अतिरिक्त कलक्टर शहर पंकज ओझा व एसोसिएट प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज डॉ. आर.एस.राठौड की टीम बनाई है।

उन्होंने बताया कि कॅरिअर पाइंट, आकाश क्लासेस, इन्फाइनाइट क्लासेस की जांच के लिए उपायुक्त नगर निगम कृष्णा शुक्ला, मनोचिकित्सक मेडिकल कॉलेज डॉ. विनोद डारिया। बिट्रीक्स, राव आईआईटी एवं न्यूक्लियस एजुकेशन की जांच के लिए उपायुक्त नगर निगम नरेन्द्र वर्मा, मनोचिकित्सक मेडिकल कॉलेज डॉ. बीएस शेखावत की जांच टीम बनाई गई है।

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