Monday, 30 March, 2020

कोचिंग संस्थानों से फैकल्टी तोड़ना कोटा के लिये घातक

 62 हजार विद्यार्थियों को  विश्वास-रेजोनेंस का डीएनए सबसे अलग, निवेशक कंपनियां कोटा के इसी संस्थान में जल्द करेगी बड़ा निवेश
न्यूजवेव @ कोटा

एजुकेशन सिटी कोटा में पिछले 19 वर्षों से निरंतर बेहतर रिजल्ट दे रहे रेजोनेन्स एडुवेंचर लि. के सीईओ संजय पुरोहित ने कहा कि इस संस्थान में निवेश करने वाली निजी वित्तीय कंपनियों का पोर्टफोलियो बहुत बडा है। बहुत जल्द कोटा कोचिंग में ओर बडी राशि का निवेश किया जायेगा। उन्होंने गुरूवार को पत्रकारों से कहा कि संस्थान में वित्तीय संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान द्वारा देश के कोचिंग विद्यार्थियों में सोशल मीडिया के जरिये भ्रामक प्रचार फैलाना सरासर गलत है।

रेजोनेंस के प्रबंध निदेशक आर.के.वर्मा ने कहा कि वर्तमान में संस्थान में 62 हजार विद्यार्थियों के लिये एक हजार फैकल्टी सदस्य हैं। हमने सदैव सृजन का कार्य किया है। प्रतिवर्ष 100 नये फैकल्टी को 9 माह तक ट्रेनिंग देकर तैयार करते है। एक संस्थान की शह पर चार दिन पूर्व इनमें से सिर्फ 55 फैकल्टी ने जॉब छोड़कर एक नया संस्थान रिलायेबल खड़ा कर लिया। लेकिन इससे संस्थान के क्लासरूम विद्यार्थियों की पढाई का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि रेजोनेंस में सोमवार को 20-22 वर्षों के अनुभवी शिक्षक आईआईटीयन शिवप्रताप रघुवंशी को एचओडी, केमिस्ट्री, संकर्षण त्रिपाठी को एचओडी मैथ्स व भरतकुमार मटोरिया को फिजिक्स एचओडी नियुक्त किया है।
चार गुना फैकल्टी रेजोनेंस में आने को तैयार
रेजोनेंस एडुवेंचर्स लि. के एमडी आर के वर्मा ने कहा कि हम 2001 से ही रेजोनेंस में ग्राउंड लेवल से विद्यार्थियों को नर्चर करते आ रहे हैं। 19 वर्षों में निरंतर मेहनत व लगन के साथ संस्थान को देशभर में मजबूत किया है। जितने फैकल्टी जॉब छोडकर चले गये उनसे 4 गुना से अधिक पुराने फैकल्टी सस्थान में आने के लिये तैयार है। यही संस्थान की ताकत और पहचान है।
उन्होंने कहा कि बीज बोकर उसे पेड़ बनाने तक बहुत मेहनत करनी होती है जबकि प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान सीधे फल तोडने में विश्वास रखते हैं। पिछले दिनों प्रतिद्वंद्वी संस्थान ने हॉस्टलों तक पहुंचकर साम, दाम, दंड,भेद से रेजोनेंस के टॉपर्स विद्यार्थियों पर दबाव बनाने का खेल शुरू कर दिया। इससे कोटा शहर के स्वस्थ शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा के वातावरण को ठेस पहुंची है। हमने कोटा की छवि को हमेशा पॉजिटिव रखने का प्रयास किया है। प्रतिद्वंद्वी संस्थान दूसरे संस्थानों से फैकल्टी व विद्यार्थियों को तोडकर अपना धर्म निभा रहे हैं। अन्य संस्थान के फैकल्टी ‘रेजोनेंस ही रिलायेबल है’ से नाम चुराकर बच्चों को भ्रमित क्यों कर रहे हैं, वे अपनी मेहनत से रिजल्ट देना प्रारंभ करें।
उन्होंने पिछले डेढ़ साल से फैकल्टी को बडे़ पैकेज का लालच देकर तोड़ने के प्रयासों को कोटा शहर के लिये घातक बताया। वर्मा ने कहा कि क्लास में विद्यार्थियों का अपने शिक्षक से भावनात्मक लगाव हो जाता है लेकिन उनके विश्वास को तोडना विश्वासघात है। वर्मा ने कहा कि कुछ दिनों से रेजोनेंस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले वीडियो वाइरल किये जा रहे हैं, इससे संस्थान और मजबूत होकर आगे बढ रहा है। हम विद्यार्थियों को विराट कोहली व रोहित शर्मा जैसा मजबूत खिलाड़ी बनने के लिये तैयार करते हैं। इसलिये विद्यार्थी कहते हैं-‘रेजोनेंस जैसा कोई नहीं  ‘ 

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