Saturday, 15 May, 2021

कोटा में कृषि कॉलेज खुलने से नवाचार व अनुसंधान बढ़ेंगे-कृषि मंत्री

न्यूजवेव @ कोटा
कृषि विश्वविद्यालय के नवसृजित कृषि कॉलेज भवन का शिलान्यास स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के मुख्य आतिथ्य एवं कृषि व पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को उम्मेदगंज फार्म में किया गया। 39.75 हैक्टेयर क्षेत्र में 825 लाख रूपये की लागत से बनने वाले कॉलेज भवन का लाभ संभाग के किसानों एवं प्रदेशभर के युवाओं को मिलेगा।
स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि हाडौती में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की विपुल संभावनाऐं है। कृषि महाविद्यालय खुलने से कृषि के क्षेत्र में नवाचारों एवं अनुसंधान को बढावा मिलेगा। किसानों तक कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किये गये अनुसंधान का लाभ पहुंचाने में युवा वर्ग की महती भूमिका है, ऐसे में हाड़ौती के युवा कृषि को आधुनिक तकनीकी के साथ अपनाकर किसानों की आमदनी को बढाने तथा गांव से पलायन रोकने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि किसान के खेतों तक कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों से नवीन तकनीकी की जानकारी पहुंचने से खाद्य प्रंसस्करण के क्षेत्र में भी हाड़ोती के युवा नवाचार कर सकंेगे। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि के क्षेत्र में 15 नई किस्में विकसित करने की सराहना करते हुए कहा कि हाडौ़ती में समृद्धता के लिए कृषि के क्षेत्र को प्राथमिकता में लेकर सुधार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि आधारित प्रंसस्करण इकाई अथवा भण्डारण के लिए गोदाम निर्माण के समय रिजर्व कीमत में 50 प्रतिशत छूट व अन्य कार्यो में रियायत देने का निर्णय लिया गया है इससे मण्डियों के आस-पास कृषि आधारित इकाईयां स्थापित करने से रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न खाद्य पदार्थो के प्रसंस्करण के लिए की सराहना करते हुए कहा कि कोविड के दौर में जैविक उत्पादों तथा आयुर्वेद के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ा है, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा युवाओं को प्रशिक्षित करने में कृषि कॉलेज कारगर साबित होगा। कृषि व पशुपालन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाडौ़ती का कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। देशभर में धनिया, लहसून एवं चावल, सोयाबीन के उत्पादन में कोटा का नाम जाना जाता हैं।

बजट घोषणा में 825 लाख स्वीकृत
उन्होंने कहा कि 2018 कृषि कॉलेज स्वीकृत हुआ था, जिसे राज्य सरकार द्वारा इस बजट घोषणा में 825 लाख स्वीकृत करने से आधुनिक सुविधाओं युक्त महाविद्यालय भवन बनने का द्वार खुला है। उन्होंने कहा कि कृषि का क्षेत्र आपदाओं से घिरा रहता है ऐसे में कृषि महाविद्यालय में युवाओं को आधुनिक अनुसंधान एवं तकनीकी की जानकारी मिलने के साथ उच्च गुणवत्ता के जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर मिलेगे। उन्होंने कहा कि कृषि कॉलेज खोलने से युवाओं को उच्च शैक्षणिक सुविधाऐं तथा किसानों को अनुंसधान का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने आव्हान किया कि परम्परागत खेती के स्थान पर आधुनिक तकनीकी से जैविक खेती व पशुपालन को अपनाये जिससे गंभीर रोगों से भी बचा जा सकेंगा। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से अपील की हैं कि वे खेतों तक अनुंसधान की जानकारी पहुंचाने के लिए किसानों से सीधा संवाद रखे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.सी जोशी ने विश्वविद्यालय में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि इस महाविद्यालय में कृषि स्नातक, स्नातकोत्तर एवं विद्या वाचस्पति के पाठ्यक्रम वर्ष 2018-19 से संचालित किए जा रहे हैं। वर्ष 2019-20 में कृषि स्नातक में 70, स्नातकोत्तर में 30 एवं विद्यावाचस्पति में 6 सीटों पर छात्रों को प्रवेश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कॉलेज भवन 2 मंजिला बनाया जायेगा, भवन के भूतल पर पुस्तकालय, मिटिंग हॉल, सेमिनार हॉल, परीक्षा हॉल, अधिष्ठाता कार्यालय तथा प्रथम तल पर 4 क्लासरूम एवं 1 हॉल सहित अन्य निर्माण किया जायेगा जिससे महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले समस्त विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उच्च गुणवत्ता की सुविधा सुलभ हो पाएगी।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में 25 नवीन पद स्वीकृत किए गए हैं जिनमें 16 शैक्षणिक एवं 9 पद अशैक्षणिक होंगे ताकि महाविद्यालय में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।
विश्वविद्यालय कुलसचिव ममता तिवारी ने विश्वास दिलाया कि हाडौ़ती ही नहीं बल्कि प्रदेशभर के युवाओं को महाविद्यालय के अनुसंधानों का लाभ मिलेगा तथा किसानों को उच्च तकनीकी की जानकारी दी जायेगी।अतिथियों ने पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, उप महापौर पवन मीणा, सामाजिक कार्यकर्ता अमित धारीवाल, डॉ. जफर मोहम्मद, राजेन्द्र सांखला, शिवकांत नंदवाना सहित जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक व किसान उपस्थित रहे।

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