Thursday, 10 September, 2026

भारत में युवा ही राष्ट्र की ताकत – मुकुल कानिटकर

संघ की शताब्दी वर्ष श्रृंखला में कोटा में युवा जिज्ञासा समाधन एवं संवाद कार्यक्रम
न्यूजवेव @ कोटा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कोटा महानगर द्वारा शताब्दी वर्ष कार्यक्रम श्रृंखला में तीन श्रेणियों में वैचारिक गोष्ठियों का आयोजन स्वामी विवेकानंद विद्यालय, महावीर नगर तृतीय के रामशान्तय सभागार में रखा गया। प्रथम श्रेणी की बैठक में युवा शिक्षाविद जिज्ञासा समाधान एवं संवाद, द्वितीय श्रेणी में शिक्षित युवा स्वयंसेवक एकत्रीकरण एवं तृतीय श्रेणी में समन्वय युवा जिज्ञासा समाधान एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।


मुख्य वक्ता वरिष्ठ शिक्षाविद् मुकुल कानिटकर ने कहा कि भारत विश्व गुरु बन चुका है। दुनिया के अधिकांश देशों के हर वर्ग के लोगों ने स्वीकार किया है भारत विश्वगुरु है। 21 जून को विश्व योग दिवस को वैश्विक मान्यता मिलना भारत की सांस्कृतिक विरासत की स्वीकार्यता ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता ने विश्व को योग, ज्ञान और जीवन-दर्शन की महत्वपूर्ण परंपराएं दी है। भारत की अंतरिक्ष एवं तकनीकी उपलब्धियों पर उन्होंने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने, डिजिटल प्रमाण-पत्र जैसी तकनीकी पहलू तथा आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
कानिटकर ने कहा कि यूपीआई विश्व में हमारी अर्थव्यवस्था की उन्नति का प्रमाण है। आज विश्व के कई देश इसे भारत से सीख रहे है। 1500 वर्ष पहले विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी थी। आंकड़ों के अनुसार 1500 में लगभग 46 प्रतिशत, 1900 में 23 प्रतिशत और 1947 में लगभग 2 प्रतिशत विश्व जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी थी।
उन्होने कहा कि युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना आवश्यक है। समाज परिवर्तन केवल व्यवस्था परिवर्तन से संभव नहीं है। इसके लिए समाज की शक्ति और समाज के साथ जीवंत संबंध आवश्यक हैं। समाज की समस्याओं का समाधान समाज की सहभागिता से ही स्थायी रूप से किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर प्रामाणिकता को परखें
अभी सोशल मीडिया का समय है। इसमें भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए एक इकोसिस्टम और टूल किट बनाकर भारत की छवि को धूमिल करने के लिए लोग काम कर रहे है और इस नैरेटिव की लड़ाई में हम हार जाते है। आज युवा वर्ग को सावधानी से अपने अधिकार एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। सोशल मिडिया को पर आने वाले सभी विचार सत्य नहीं हो सकते। इनका फैक्ट चेक करने की जिम्मेदारी भी समाज के हर वर्ग की है। प्रामाणिकता जांचे बिना कोई भी संवाद राष्ट्रसम्मत नहीं हो सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंजीनियर शशांक विजयवर्गीय ने कहा कि युवा राष्ट्र की ताकत है। इसका उपयोग राष्ट्र निर्माण में सही दिशा में होना चाहिए। अंत में महानगर संघचालक ने सबका आभार जताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संवाद कार्यक्रम में मातुशक्ति ने समाज से जुड़ी हुई समस्यों पर अपने प्रश्न रखे। युवा एवं तरुण स्वयंसेवक द्वारा भी संघ एवं समाज के विषय में प्रश्न किये गए। मंच पर कोटा विभाग संघचालक पन्नालाल शर्मा एवं कोटा महानगर संघ चालक गोपाललाल गर्ग उपस्थित रहे।

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