Sunday, 27 September, 2020

राज्य में शक्कर पर मंडी टैक्स की वसूली जारी

खाद्य व्यापार महासंघ ने कहा कि अन्य राज्यों से शक्कर खरीदने पर 2.60 फीसदी टैक्स वसूली की जा रही है जो अध्यादेश का उल्लंघन है।

न्यूजवेव @ कोटा
खाद्य व्यापार महासंघ ने राज्य में मंडियों से बाहर शक्कर पर मंडी टैक्स वसूल करने से आम जनता को शक्कर महंगी मिल रही है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश में मंडी टैक्स की छूट देने का उल्लेख किया गया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार नेे किसानों को फसलों का उचित मूल्य देने के उद्देश्य से 5 जून को ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन व सरलीकरण) अध्यादेश,2020 जारी कर सभी राज्यों को निर्देश दिये थे कि कृषि उपज मंडियों के बाहर किसानों तथा व्यापारियों से मंडी टैक्स, मंडी सेस अथवा लेवी की वसूली नहीं की जाये।


केंद्रीय अध्यादेश की अधिसूचना जारी होने के बाद अनुपालना के लिये कृषि विपणन निदेशालय, जयपुर के निदेशक ताराचंद मीणा ने 28 जुलाई को राज्य के कृषि विपणन विभाग एवं सभी कृषि उपज मंडियों केअधिकारियों को पत्र भेजकर अध्यादेश के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये थे। लेकिन खाद्य व्यापार महासंघ ने आपत्ति जताई कि अध्यादेश में मंडी टैक्स की छूट का उल्लेख होने के बावजूद इसकी पालना नहीं की जा रही है।
गजट अधिसूचना में उल्लेख है कि किसानों एवं व्यापारियों के बीच इको सिस्टम बनाने के लिये सभी जिंसों की खरीद व बिक्री उचित समर्थन मूल्य पर की जाये। किसानों को पैदावार बेचने के लिये बेरियर मुक्त अंतरराज्यीय परिवहन की सुविधा दी जाये। अधिसूचना की धारा-6 में स्पष्ट उल्लेख है कि किसी भी राज्य में मंडियों के बाहर किसान, व्यापारी अथवा इलेक्ट्रॉनिक व्यापार करने वालों से कृषि से संबंधित उत्पादों की बिक्री या खरीद करनेे पर मार्केट शुल्क, सेस या लेवी की वसूली नहीं की जाये।

घी पर मंडी टैक्स नही लेकिन शक्कर पर जारी
राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक विपणन जेडी सिंह ने 5 अगस्त को सभी जिला दुग्ध निर्माता कॉपरेटिव यूनियन के एमडी को निर्देश दिये कि गजट अधिसूचना के बाद 6 अगस्त से राज्य में घी की बिक्री में मंडी टैक्स व कृषक कल्याण शुल्क की वसूली नहीं की जाये। इसके तहत सामान्य व गाय के घी की पैकिंग पर एमआरपी यथावत रहेगी। लेकिन कोटा के व्यापारियों ने बताया कि अन्य राज्यों से शक्कर की खरीदी करने वाले व्यापारियो पर राजस्थान में 1.6 प्रतिशत मंडी टैक्स व किसान कल्याण कोष पर 1 प्रतिशत टैक्स देय है। इस तरह, कुल 2.60 प्रतिशत टैक्स वसूली होने से उपभोक्ताओं को महंगी शक्कर मिल रही है। जबकि अन्य सभी राज्यों की तरह राज्य में भी मंडी टैक्स की वसूली बंद की जानी चाहिये।

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