Thursday, 8 January, 2026

नई शिक्षा नीति से तकनीकी शिक्षा में भी होंगे बदलाव

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा राज्यस्तरीय वर्कशॉप में मुख्य वक्ता AICTE सदस्य सचिव प्रो.राजीव कुमार ने दी उपयोगी जानकारी
न्यूजवेव कोटा
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) एवं AICTE के संयुक्त तत्वावधान में 3 सितंबर को ‘नयी शिक्षा नीति में तकनीकी शिक्षा का परिदृश्य” विषय पर राज्यस्तरीय वर्कशॉप आयोजित हुई। वर्कशॉप में मुख्य वक्ता AICTE सदस्य सचिव प्रो.राजीव कुमार ने कहा कि नयी शिक्षा नीति भारत की आत्मा है, जो वर्तमान परिवेश में शिक्षा के वैश्विक पैमाने के अनुरूप है। नयी पॉलिसी में वर्तमान शिक्षा पद्दति में व्याप्त कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया हैै। अब देश में विभिन्न आकदमिक प्रोग्राम में एकरूपता, छात्रों को उनकी रुचि व दक्षता के मुताबिक कोर्स का चयन करने की छूट, किसी छात्र द्वारा किसी कोर्स को पूरा न कर पाने पर, उसके द्वारा पास किये गए विषयो के आधार पर यथोचित डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट प्रदान करना जैसे अवसर मिलेंगे।

सभी उच्च शिक्षा संस्थान स्वायत्तशासी होंगे

 
प्रो राजीव ने बताया कि अभी देश में शिक्षा के विभिन्न कोर्सेस मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कॉलेज शिक्षा आदि को विभिन्न नियामक संस्थानों द्वारा नियंत्रित किया जाता था। नयी शिक्षा नीति में इन सभी पाठ्यक्रमों का नियंत्रण राष्ट्रीय स्तर पर एक ही मंत्रालय व विभाग के अधीन होगा। देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को स्वायत्तशासी बनाया जायेगा ताकि वे अपने पाठ्यक्रमों में समय व् क्षेत्रीय मांग के अनुरूप समय समय पर परिवर्तन कर सके। तकनीकी शिक्षा संस्थानों में इंडस्ट्री इंस्टिट्यूट की सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा ताकि उद्योगों की मांग के अनुरुप युवा तैयार हो सके।
आरटीयू कुलपति प्रो.आर.ए गुप्ता ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिपेक्ष में देश के शिक्षा ढांचे में परिवर्तन की आवश्यकता है। हमें देश की नयी शिक्षा नीति के तहत परिवार से स्कूल तक बच्चों के समुचित विकास की तरफ सजग होना पड़ेग। ताकि देश का हर युवा अपनी रूचि के अनुसार शिक्षा लेकर देश के विकास में भागीदारी बन सके। इसके लिये यूनिवर्सिटी कीे यह जिम्मेदारी है कि अपने कोर्सस में समय के साथ बदलाव कर युवा पीढ़ी को रूचि अनुसार अधिक अवसर उपलब्ध कराये।
उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित
राज्य की उच्च एवं तकनीकी-शिक्षा सचिव शुचि शर्मा के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया। जिसमें तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति भी सदस्य होंगे। प्रो आर ए गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रो.बी.पी सुनेजा के संयोजन में नयी शिक्षा-नीति समिति गठित की है। इसमे यूनिवर्सिटी डीन प्रो. अनिल माथुर, प्रो संदीप पराशर, प्रो रंजन माहेश्वरी, प्रो धीरेन्द्र माथुर, एवं प्रो धीरज पलवलिया को सदस्य नामित किया गया है, जिन्होंने वर्कशॉप में पैनेलिस्ट के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज की। कार्यशाला में आरटीयू फैकल्टी के अतिरिक्त सम्बद्ध महाविद्यालों के 130 से अधिक शिक्षक व प्राचार्य उपस्थित रहे। वर्कशॉप संयोजक डीन प्रो.बीपी सुनेजा कार्यशाला के उद्देश्य बताये। अंत में वर्कशॉप के संयोजन सचिव प्रो.धीरज पलवलिया ने आभार जताया।

(Visited 691 times, 1 visits today)

Check Also

64,000 पेटेंट दाखिल कर दुनिया का छठा देश बना भारत- डॉ. जितेंद्र सिंह

55 फीसदी पेटेंट भारतीय नवप्रवर्तकों द्वारा दायर, वैश्विक नवाचार सूचकांक में देश 81वें स्थान से …

error: Content is protected !!