Thursday, 25 April, 2024

2 लाख से अधिक नकद लेनदेन की जानकारी टैक्स आडिट रिपोर्ट में

कोटा सीए ब्रांच द्वारा इनकम टैक्स एक्ट व जीएसटी पर सेमिनार

न्यूजवेव @कोटा

कोटा सीए ब्रांच द्वारा शनिवार को रोटरी बिनानी सभागार में इनकम टैक्स एक्ट व जीएसटी पर एक दिवसीय सेमिनार हुई। सेमीनार में मुख्य वक्ता इंदौर से वरिष्ठ सीए पंकज शाह ने टैक्स ऑडिट में हुए नए बदलावों की जानकारी देते हुए कहा कि अब दो लाख से अधिक के नकद लेनदेन की जानकारी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में जीएसटी के खर्चों की मांगी गई सूचना को अगले वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया है।

जीएसटी के इनपुट क्रेडिट प्रावधानों के बारे में विशिष्ट वक्ता इंदौर के वरिष्ठ सीए कीर्ति कुमार जोशी ने बताया कि सामान्यतः व्यापार के लिए ली गई समस्त सेवाओं व वस्तु पर चुकाए गए जीएसटी की क्रेडिट उपलब्ध है परंतु कुछ माल व सेवाओं के लिए जीएसटी क्रेडिट को तभी क्लेम किया जा सकता है जबकि व्यवसायी उसी तरह की वस्तु व सेवाओं के व्यापार में उनका उपयोग करता हो। जैसे-कैटरिंग के व्यवसाय में लगे व्यक्ति को ही खानपान या कैटरिंग के लिए चुकाए गए कर की क्रेडिट मिलती है परंतु सामान्य व्यवसायी को खाने पर चुकाए गए बिल की क्रेडिट नहीं मिलेगी।

इन पर मिलेगी इनपुट टैक्स क्रेडिट

सीए जोशी ने बताया की कुछ वस्तुओं व सेवाओं पर चुकाए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट सामान्यतया उपलब्ध नहीं होगी। इनमें भोजन, पेय पदार्थ, आउटडोर कैटरिंग, सौंदर्य उपचार, स्वास्थ्य सेवाओं प्लास्टिक सर्जरी की इनपुट टैक्स क्रेडिट तभी ली जा सकती है जब उसी तरह की वस्तुओं और सेवाओं को प्रदान करने में इनका उपयोग किया गया हो। इसी तरह किराए पर टैक्सी या जीवन बीमा एवं स्वास्थ्य बीमा पर चुकाए गए कर की इनपुट टैक्स क्रेडिट भी तब ली जा सकती है जबकि ऐसा करना कानूनन जरूरी हो।

मोटर वाहन की खरीद पर चुकाए गए जीएसटी की क्रेडिट भी कुछ निर्दिष्ट व्यापारियों के लिए ही उपलब्ध होती है। साथ ही रिपेयर मेंटेनेंस या इनके इंश्योरेंस के खर्च की भी क्रेडिट अब सामान्य करदाता को उपलब्ध नहीं होगी। पहले डंपर बुलडोजर आदि की इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर संशय था परंतु 28वीं जीएसटी कौंसिल की मीटिंग में यह स्पष्ट कर दिया गया कि अब इस पर चुकाए गए जीएसटी क्रेडिट मिलेगी।

उन्होंने बताया कि अब व्यापारियों को अपने जीएसटी रिटर्न 2ए व जीएसटी रिटर्न 3बी का मिलान 30 सितंबर तक अवश्य कर लेना चाहिए, क्योंकि 31 मार्च 2018 तक के आउटपुट व इनपुट टैक्स में संशोधन इसके पश्चात नहीं किया जा सकता है।

कार्यक्रम की शुरूआत में सीए ब्रांच के चेयरमैन सीए कुमार विकास जैन एवं सीपीई चेयरमैन आशीष व्यास ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन ब्रांच सचिव सीए नीतू खंडेलवाल ने किया। सेमीनार में ब्रांच कोषाध्यक्ष योगेश चांडक, वाइस चेयरमैन पंकज दाधीच, वरिष्ठ सीए पवन लालपुरिया व संजय खंडेलवाल सहित कई सीए सदस्यों ने भाग लिया।

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