Thursday, 2 July, 2020

जेईई-मेन पेपर में न्यूमेरिकल वैल्यू ने बढ़ाई विद्यार्थियों की मुश्किलें

पेपर एनालिसिस – एनसीईआरटी बुक्स से पूछे गये अधिकांश सवाल
एक्सपर्ट पैनल :

  • बृजेश माहेश्वरी,निदेशक, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट
  • नितिन विजय, निदेशक, मोशन एजुकेशन
  • शैलेंद्र माहेश्वरी, अकादमिक निदेशक, कॅरियर पॉइंट

 न्यूजवेव @ कोटा

जेईई-मेन परीक्षा 6 जनवरी से कम्प्यूटर बेस्ड मोड में दो पारियों में प्रारंभ हुई। परीक्षार्थियों को पेपर नहीं मिलने से शिक्षकों ने उनसे फीडबेक लेकर पेपर विश्लेषण तैयार किया। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि फीडबैक के अनुसार बुधवार को जेईई मेन्स का पेपर कुछ कठिन रहा। सुबह की पारी में कैमिस्ट्री कठिन जबकि शाम की पारी में आसान रही, जबकि मैथ्स का पेपर दोनों पारियों में ही लैंदी रहा। इसी प्रकार फिजिक्स का पेपर पहली पारी में कठिन जबकि दूसरी पारी में सुबह की अपेक्षा कुछ असान था। मैथ्स के लिए विद्यार्थियों को पेपर की समयावधि पर्याप्त नहीं लगी। पेपर पूर्णतया एनसीईआरटी सिलेबस आधारित था। 11वीं एवं 12वीं कक्षा के प्रश्नों का समावेश था लेकिन कठिन प्रश्नों की संख्या 12वीं कक्षा के सिलेबस से ज्यादा थे।

केमिस्ट्री पेपर में कंसेप्चुअल एवं इन्फोर्मेटिव प्रश्नों का उचित समावेश रहा। फिजीकल कैमिस्ट्री के प्रश्नों में कैलकुलेशन ज्यादा करना पड़ी, क्योंकि दिए गए तत्वों का परमाणु भार दशमलव के अंक तक दिया गया था। अभी तक हुए कैमिस्ट्री के सभी पेपर में बॉयोमोलीक्यूल, कैमिस्ट्री इन एवरिडे लाइफ एवं कोर्डिनेशन कैमिस्ट्री टॉपिक्स से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे गए हैं। सुबह की पारी में एनवायरमेंटल कैमिस्ट्री से प्रश्न पूछे गए थे जबकि शाम की पारी में नहीं। कैमिस्ट्री के पेपर में कुछ सवाल सीधे तौर पर एनसीईआरटी आधारित थे।
फिजिक्स का पेपर सुबह की पारी में मध्यम जबकि शाम की पारी में आसान रहा। यूनिट डाइमेन्शन के एक प्रश्न के उत्तर में दिए गए विकल्पों में सही विकल्प नहीं था। ऐसे में कई विद्यार्थियों में निकटस्थ विकल्प को सही उत्तर के रुप में चुना तो कईयों ने इस प्रश्न को अटैम्प्ट ही नहीं किया।
मैथ्स का पेपर कठिन रहा। कैलकुलेशन पार्ट ज्यादा होने से पेपर लेंदी था। विद्यार्थियों को पेपर की समयावधि पर्याप्त नहीं लगी। विद्यार्थियों के अनुसार दोनों ही पारियों में मैथेमेटिक्स सब्जेक्ट ने सबसे ज्यादा समय लिया। एलजेब्रा के प्रश्न कुछ कठिन थे। जबकि कैलकुलस, एप्लीकेशन ऑफ डेरिवेटिव के अच्छे प्रश्नों का समावेश था।
ज्यादातर प्रश्न एनसीईआरटी से
मोशन एजुकेशन के निदेशक नितिन विजय ने बताया कि पेपर में फिजिक्स का कठिनाई स्तर मध्यम था जबकि मैथमेटिक्स सेक्शन थोड़ा कठिन और लंबा था। केमिस्ट्री पिछले पेपर की तरह आसान रही। ज्यादातर प्रश्न एनसीईआरटी से पूछे गए थे। इस वर्ष पेपर के प्रत्येक सेक्शन में न्यूमेरिकल वैल्यू के क्वेश्चन शामिल थे। पेपर कुल 300 अंको का था जिसमे प्रत्येक विषय के 100 अंक 20 एमसीक्यू 5 न्यूमेरिकल वैल्यू पर आधारित थे।
8 जनवरी को फिजिक्स में ऑप्टिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से 6 से 7 सवाल, मैकेनिक्स में 5 से 6 सवाल, करंट इलेक्ट्रिसिटी और ईएमआई से 5 से 6 सवाल, इलेक्ट्रोस्टेटिक और मैगनेटिजम से 3 से 5 सवाल और हीट ऐंड थर्मोडायनामिक्स से 3 से 4 सवाल पूछे गए थे।
केमिस्ट्री में फिजिकल केमिस्ट्री से 8 से 10 सवाल, आर्गेनिक केमिस्ट्री से 6 से 8 सवाल और इनआर्गेनिक केमिस्ट्री से 10 से 13 सवाल पूछे गए थे। मैथेमेटिक्स में कैलकुलस से 8 से 10 सवाल, एल्जेब्रा से 7 से 9 सवाल, कोर्डिनेट ज्योमेट्री से 6 से 8 सवाल और ट्रिगोनोमेट्री से 2 से 3 सवाल पूछे गए थे।
स्तरीय रहा जेईई-मेन पेपर
कॅरिअर पॉइंट के अकादमिक निदेशक शेलेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि केमेस्ट्रिी का पेपर आसान रहा एवं सापेक्ष तौर पर फिजिक्स एव मेथस के प्रश्न पत्र स्तरीय रहे। फिजिक्स में प्रेक्टिकल फिजिक्स से विभवमापी पर इस सत्र मे पहली बार प्रश्न पूछा गया। मॉडर्न फिजिक्स, इलेक्ट्रोमेग्नेटिक्स तथा मेकेनिक्स सभी भागो से प्रश्न पूछें गये। प्रश्न पत्र मे 11 वीं के सेलेबस से 12 व 12 वीं के सेलेबस से 13 प्रश्न पूछे गये।
केमिस्ट्रिी का प्रश्न पत्र साधारण रहा। फिजिकल केमिस्ट्रिी से सर्वाधिक 11 प्रश्न पूछे गये। इनआर्गेनिक तथा आर्गेनिक से क्रमशः 7-7 प्रश्न पूछे गये। मैथ्स के पेपर 11वीं का पलडा भारी रहा। जहा 11 वीं के सेलेबस से 15 प्रश्न पूछे गये वहीं 12 वीं के सेलेबस से मात्र 10 प्रश्न पूछे गये। प्रश्नो का स्तर सामान्य से अधिक था।

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