Thursday, 20 June, 2024

कोराना से बचाव के लिये मास्क अवश्य पहनें, लेकिन ड्राई आई से भी बचें

न्यूजवेव @ कोटा

कोरोना वैश्विक महामारी से बचाव के लिये नियमित फेस मास्क पहनना बहुत जरूरी है। लेकिन इससे मोबाइल, कम्प्यूटर व लैपटॉप पर लंबे समय तक कार्य करने वाले प्रोफेशनल आंखों में सूखापन (ड्राई आई डिजीज) से प्रभावित होने लगे हैं।

सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेजर सेन्टर के निदेशक डॉ.सुरेश पाण्डेय ने बताया कि मास्क को सही तरीके से पहनना भी उतना ही आवश्यक है। इन दिनों युवा उम्र में डिजिटल स्क्रीन टाईम बढ़ने से आंखों में जलन या ड्राई आई की समस्या तेजी से बढ़ रही है जिसे दृष्टि वैज्ञानिकों ने मास्क एसोसिएटेड ड्राई आई (MADE) व्याधि बताया है।


वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ.विदुषी पाण्डेय ने बताया कि सेन्ट्रल फॉर ऑक्यूलर रिसर्च एण्ड एज्युकेशन, वाटरलू (कनाडा) के वैज्ञानिकों के अनुसार, जब आप फेस मास्क से नाक व मुँह को ढकते हैं तो साँस बाहर छोड़ने के बाद वह मास्क के ऊपरी हिस्से से निकलकर आंखों के संपर्क में आती है, जिससे आंखों के पारदर्शी पुतली (कॉर्निया) पर विद्यमान आंसू की पतली परत (टियर फिल्म) वाष्पीकृत हो जाती है। इससे टियर फिल्म मे ड्राई स्पॉट बन जाते हैं और आंखों में मास्क एसोसिएटेड ड्राई आई के लक्षण सामने आते है। चूंकि कोविड-19 महामारी में वर्क फ्रॉम होम करते हुयेे सारे कार्य ऑनलाइन, वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर होने लगे है जिसके कारण लोगों का स्क्रीन टाईम कई घंटे बढ चुका है।
क्या हैं ड्राई आई के लक्षण

मास्क एसोसिएटेड ड्राई आई से प्रभावित व्यक्तियों की आंखों में चुभन, जलन, थकान, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना (फोटोफोबिया), धुंधला दिखाई देना, आंखें बंद करने की इच्छा होना, आंखों में ंदर्द एवं सिरदर्द जैसे लक्षण हो सकते है। ऐसे व्यक्ति जो रोजाना 2 घंटे से अधिक डिजिटल डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं। 60 साल से अधिक उम्र वाले इम्यूनो कॉम्पराईज व्यक्ति, हैल्थ केयर वर्कर्स जो पूरे समय मास्क पहनकर कार्य करते हैं, उनकी आंखों में तकलीफ होने लगती है।
ऐसे करें ड्राई आई का उपचार

घर से बाहर जाते समय हमेशा मास्क पहनकर जायें एवं नाक व मुँह को मास्क से हमेशा अच्छी तरह से ढककर रखें। ड्राई आई से बचने के लिए मास्क के ऊपरी हिस्से को अच्छी तरह से नाक पर चिपका लें, जिससे नाक से छोड़ी हुई हवा आंखों के सामने फैलकर ड्राई आई का कारण नहीं बनें। यदि नोज क्लि़प वाला मास्क लगाते है तो नाक को क्लिप से टाईट कर लें। नेत्र चिकित्सक की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का उपयोग करें।
20-20-20 रूल अपनायें

यदि 2 घंटे से अधिक डिजिटल उपकरणों, स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि का उपयोग करते है, तो 20-20-20 रूल का पालन अवश्य करें। प्रत्येक 20 मिनट के बाद 20 सैकण्ड के लिए 20 फीट दूर देखों। आप 20 कदम टहल भी सकते है। एसी की ठंडी हवा आंखों के सामने से नहीं आकर साईड या पीछे से आनी चाहिए। दिन में 10-12 ग्लास पानी पीते रहें। ड्राई आई के लक्षण होने पर लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का उपयोग करे। मास्क हमेशा पहनकर रखें। अपना चेहरा एवं आंखों को बिना हाथ धोएं ना छुएं।

(Visited 318 times, 1 visits today)

Check Also

राजस्थान के हेल्थकेयर में एन्टरप्रिन्योरशिप की बडी पहल

स्टार्टअप कंपनी IIHMR  ने भगवान महावीर कैंसर अस्पताल और HCG अस्पताल के साथ किया एमओयू …

error: Content is protected !!