Thursday, 25 April, 2024

बोर्ड में 75% न हो तो भी टॉप इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट में दाखिला संभव

सिर्फ IIT व NIT में प्रवेश के लिए है 12वीं बोर्ड में 75 % की बाध्यता

न्यूजवेव @कोटा

देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानो आईआईटी व एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई-मेन,2024 में 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स शामिल होंगे। जेईई क्रेक करने के बाद भी हजारों स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो बोर्ड पात्रता पूरी नहीं कर पाने से इन संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते है। जानकारी के अभाव में ऐसे स्टूडेंट्स उन संस्थानों में भी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं जो कि देश में टॉप रैंकिंग प्राप्त हैं और वहां बोर्ड पात्रता आईआईटी एनआईटी में प्रवेश के समान नहीं होती है।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई में बैठने के लिए बोर्ड पात्रता की जरूरत नहीं होती है लेकिन आईआईटी (IIT) व एनआईटी (NIT) में प्रवेश के लिए केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 75 प्रतिशत की बोर्ड पात्रता निर्धारित है। इस पात्रता के चलते कई स्टूडेंट्स जेईई में शामिल होने से कतराते हैं।

इनमें बोर्ड पात्रता 75 प्रतिशत से कम पर प्रवेश
दूसरी ओर, देश में आईआईटी-एनआईटी के अतिरिक्त कई ऐसे शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान हैं, जहां बोर्ड पात्रता 75 प्रतिशत से कम होने के बावजूद प्रवेश मिल रहे है। इनमें से बहुत से संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया जेईई-मेन एवं एडवांस्ड की रैंक के आधार होती है। साथ ही बहुत से इंजीनियरिंग संस्थान ऐसे भी हैं जिनमें प्रवेश के लिए स्वयं की परीक्षाएं होती हैं।
देश में कई बड़े इंजीनियरिंग संस्थान जैसे मनीपाल मैंगलुरू, वीआईटी वैल्लुर, अमृता चैन्नई, SRM चैन्नई, कलिंगा भुवनेश्वर, PES बैंगलुरू, शिवनादार नोएडा, नर्सींमुंजी मुम्बई, ISI कोलकाता, CMI चैन्नई, NIFT दिल्ली, MIT पुणे, UPES देहरादून, LPU, चितकारा चंडीगढ़ पंजाब, बैनेट नोएडा, क्यूसेट केरला, BVP पुणे, बनस्थली विद्यापीठ आदि इंजीनियरिंग संस्थानों में बोर्ड पात्रता फीजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथ्स में औसतन 60 प्रतिशत रहती है।

इसके साथ ही कोमेडके (COMEDK) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से बैंगलुरू के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए विकल्प दिए जाते हैं। इसके लिए भी बोर्ड पात्रता 60 प्रतिशत से कम है। यही नहीं IIIT हैदराबाद के कुछ कोर्सेज में प्रवेश के लिए बोर्ड पात्रता मात्र 12वीं पास ही है। दो वर्ष पहले शुरू हुई सीयूईटी के माध्यम से इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पर भी बोर्ड पात्रता 75 प्रतिशत से कम है।
आहूजा ने बताया कि टॉप संस्थानों में शामिल IIIT हैदराबाद, बैंगलुरू, दिल्ली, DTU, NSIT दिल्ली, थापर पटियाला, LNMIT जयपुर, निरमा अहमदाबाद, जेपी नोएडा, धीरूभाई अंबानी अहमदाबाद, ICT मुम्बई, AIT पुणे आदि संस्थानों में जेईई-मेन के आधार पर प्रवेश मिलता है, जहां बोर्ड पात्रता 75 प्रतिशत से कम चाहिए होती है। अधिकांश कॉलेजों में बोर्ड पात्रता 12वीं में पीसीएम में औसतन 60 प्रतिशत प्राप्तांक माना जाता है।
इसी प्रकार जेईई-एडवांस्ड (JEE Advanced) परीक्षा के माध्यम से कई श्रेष्ठ संस्थान IISC बैंगलुरु, IIST त्रिवेंद्रम, IISCR पुणे, राजीव गांधी पेट्रोलियम रायबरैली, IIPE विशाखापट्टनम में प्रवेश मिलता है, जिसमें 75 प्रतिशत की बोर्ड पात्रता लागू नहीं है। इसके अतिरिक्त देश के कई स्टेट इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए स्टेट लेवल एंट्रेंस एग्जाम होते हैं और जेईई-मेन के आधार पर भी प्रवेश दिया जाता है लेकिन यहां भी बोर्ड पात्रता 60 प्रतिशत से कम है।
जेईई-मेन की आवेदन प्रक्रिया-
देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन (JEE Main,2024) अप्रैल सेशन की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स आवेदन कर रहे हैं। अब तक 1.80 लाख से अधिक नए यूनीक कैंडिडेंट आवेदन कर चुके हैं, जिससे जेईई-मेन दोनों सेशन मिलाकर आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 14 लाख से अधिक हो चुकी है, क्योंकि पूर्व में जनवरी जेईई-मेन सेशन के लिए 12 लाख 31 हजार स्टूडेंट्स ने आवेदन किया हुआ था। इसकी अंतिम तिथि 2 मार्च है।

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