Monday, 27 June, 2022

रेजोनेंस ने होनहार छात्राओं के लिये प्रारंभ किया ‘गौरांशी गौरव पुरस्कार‘

रेजोनेंस ने डीफ ओलिम्पिक.2022 में गोल्ड मेडल जीतने वाली गौरांशी को 51 हजार रुपये एवं ट्रॉफी देकर किया सम्मानित
न्यूजवेव@ कोटा
रेजोनेंस एडुवेंचर्स लिमिटेड ने ब्राजील में हुए 24वे डीफ ओलिम्पिक.2022 में 72 देशों की बैडमिंटन स्पर्धा में भारत के लिये गोल्ड मेडल जीतने वाली गौरांशी शर्मा का अभिनंदन किया। रेजोनेंस के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक आर के वर्मा ने विद्यार्थियों व अतिथियों के बीच गौरांशी को प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी व 51000 रुपये नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।
सम्मान समारोह में गौरांशी के माता-पिता गौरव शर्मा एवं श्रीमती प्रीति शर्मा, ताऊजी-ताईजी सौरभ शर्मा एवं श्रीमती नीतू शर्मा, दादाजी-दादीजी प्रमोद शर्मा एवं श्रीमती हेमलता शर्मा और कोटा व्यापार संघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी उपस्थित रहे।


प्रबंध निदेशक आरके वर्मा ने कहा कि उनके लिए यह गर्व और भावुकता के पल हैं। चूंकि वे स्वयं भी रामगंजमंडी क्षेत्र के निवासी हैं। रामगंजमंडी की बेटी गौरांशी ने दुनिया में शहर का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर वर्मा ने गौरांशी के नाम पर रेजोनेंस की ओर से ‘‘गौरांशी गौरव पुरस्कार‘‘ प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके तहत प्रतिवर्ष डेफ ओलंम्पिक में देश के लिये पदक जीतने वाली बालिका अथवा रेजोनेंस में ऐसी क्लासरूम छात्रा जो जेईई-मेन, जेईई-एडवांस्ड, नीट-यूजी में टॉप-100 रैंक अर्जित करने पर अथवा रेजोनेंस के देश में किसी भी सेंटर पर अध्ययनरत छात्रा जो किसी मान्यता प्राप्त प्रवेश परीक्षा में अन्य विद्यार्थियों के मुकाबले उच्चतम अंक प्राप्त करती है उन्हें गौरांशी गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार की राशि 51000 रूपये होगी।


वर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि जब भी वे भविष्य में वैज्ञानिक बने अथवा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ें तो ऐसी तकनीकों को विकसित करें जिससे कि मूक बधिर मनुष्य सामान्य रूप से जनसाधारण के साथ संवाद स्थापित कर सकें एवं बिना किसी त्रुटि के अपनी बात को सभी के समक्ष रख सके एवं सभी की बात को ग्रहण कर सकें।
विशिष्ट अतिथि कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने रेजोनेंस के प्रबंध निदेशक आर के वर्मा द्वारा गौरांशी गौरव पुरस्कार की घोषणा पर आभार प्रकट करते हुए कहा कि कोटा में प्रतिभाओं का सम्मान करने का बहुत अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि कई मुसीबतों को पार पाते हुए गौरांशी ने गोेल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढाया। उन्होंने बताया कि रेजोनेंस में पढ़ कर उनके दोनों बच्चे इस समय अमेरिका और लंदन में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

रामगंजमंडी के दो गौरव
गौरांशी की दादी श्रीमती हेमलता शर्मा ने कहा कि हिम्मत और आत्मविश्वास ही इंसान के सबसे बड़े मित्र होते हैं रामगंजमंडी के दो गौरव गौरांशी एवं आर के वर्मा दोनों के जीवन में बहुत संघर्ष आए हैं परंतु दोनों ने बहुत ऊंचा मुकाम प्राप्त किया है इसलिए विद्यार्थियों को इनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाने चाहिए उन्होंने कहा की जरूरी नहीं कि हमेशा जीत ही हो, हार मिलने पर भी लगातार चलते रहना चाहिए निरंतरता ही हमें जीत की ओर ले जाएगी ।
गौरांशी ने अपने नाम से पुरस्कार देने पर रेजोनेस का आभार जताया। उसने कहा कि हर बार जीत नहीं मिलती है इसलिए हार मिलने पर भी घबराना नहीं चाहिए एवं लगातार प्रयत्न करते रहना चाहिए। जिस तरह से आज मैंने एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है लगातार कोशिश करते रहने से आप भी एक दिन मेरी जगह पर होंगे । गौरांशी 4 माह की थी तब दादी ने कुछ संदेह होने पर सुनने की क्षमता की जांच करवाई तब परिवार को पता चला कि गौरांशी सामान्य रूप से सुन नहीं सकती हैं।

गौरांशी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा
एक दिलचस्प बात यह कि पहले गौरांशी तैराकी का प्रशिक्षण ले रही थी परंतु साइना नेहवाल को देखकर काफी प्रभावित हुई और पिता से बैडमिंटन खेलने की इच्छा प्रकट की। पिता ने उसे बैडमिंटन की ट्रेनिंग दिलवाने के लिए प्रयास शुरू किए। विभिन्न प्रकार के संघर्षों के बाद अंततः 8 वर्ष की आयु तक आते-आते गौरांशी राज्य स्तरीय खिलाड़ी बन गई थी। उसके बाद तो 2019 में ताइवान में बैडमिंटन खेलने के लिए जाना हो या ब्राजील में 2022 में स्वर्ण पदक जीतना हो गौरांशी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पिछले 2 वर्षों से गौरांशी ग्वालियर में पुलेला गोपीचंद अकादमी में वरिष्ठ कोच विष्णु वर्धन रेड्डी के सानिध्य में ट्रेनिंग ले रही हैं जिससे उसमें अंतराष्टीय स्तर पर खेलने का आत्मविश्वास पैदा हुआ। समारोह के अंत में आर के वर्मा एवं उपस्थित विद्यार्थियों ने गौरांशी का जोरदार अभिनंदन किया एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

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