Tuesday, 27 October, 2020

बुजुर्ग रोगी की जिंदगी बचाने के लिए डॉ.संकेत ने खुद को दांव पर लगा दिया

इंसानियत का जज्बा दिखाने वाले डॉ संकेत खुद अपनी ही जिंदगी से जूझ रहे हैं

न्यूजवेव @ सूरत
सूरत के डॉ. संकेत मेहता अस्पताल में भर्ती एक कोरोना मरीज का इलाज करते हुए स्वयं भी कोविड-19 की चपेट में आ गए। इस वायरस के कारण उनके फेफड़े 98% तक संक्रमित हो चुके है। उनकी गम्भीर हालत को देखते हुये सूरत के BAPS प्रमुख स्वामी हॉस्पिटल के डाक्टर्स ने उन्हें एयर लिफ़्ट करवाकर चेन्नई के MGM हॉस्पिटल में रेफ़र किया है, जो lungs transplant एव इलाज के लिये जाना जाता है।

एनेस्थेसिया चिकित्सक डॉ. संकेत मेहता दो माह पूर्व कोविड पॉज़िटिव पाये गये थे। जिसका वे सूरत के BAPS अस्पताल के आईसीयू में इलाज करा रहे थे। उनके नजदीकी बेड पर एक 70 वर्षीय बुजुर्ग भी कोरोना पीड़ित थे। डॉ.संकेत ने आईसीयू में अचानक देखा कि वह बुजुर्ग बुरी तरह से तड़प रहे हैं और चीख रहे है । डॉ. मेहता उनकी नाजुक हालत देख तुरन्त उनके पास गये और वेन्टीलेटर की ट्यूब को उनके गले में लगा दिया। (Intubate the patient for inserting the tube for ventilator support). उस समय तब तक ड्यूटी डॉक्टर पीपीई किट व एहतियात बरतकर मरीज़ के पास आते, शायद बहुत देर हो जाती। इतने कम समय मे मरीज़ की जान बचाना बेहद जरूरी था।

हालांकि वह गम्भीर बुजुर्ग मरीज़ चार पॉच दिन बाद नही बच सका। लेकिन उसके बाद से ही डॉ संकेत मेहता की हालत भी ज्यादा ख़राब रहने लगी। धीरे-धीरे उनके फेफड़े 98% तक ख़राब हो गये। ऐसे में डॉक्टर्स ने उन्हें एयर लिफ़्ट करा कर चेन्नई के उक्त अस्पताल में भेजा जहॉ उनका विशेषज्ञों द्वारा इलाज किया जा रहा है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, डॉ.संकेत मेहता की स्थिति बहुत ज़्यादा नाज़ुक है और उनकी जीवन रक्षा के लिए सभी डॉक्टर्स ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। उनके बचने की उम्मीद बहुत ही क्षीण है। डॉ संकेत अभी मात्र 37 वर्ष के है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक 7 साल का बेटा है।

मानवता की जीवंत मिसाल
डॉ. संकेत मेहता मानवता व करूणा की जीवंत मिसाल है जिन्होंने एक मरीज़ की ज़िंदगी बचाने के लिये अपनी ही ज़िंदगी कैसे दॉव पर लगा दी । आपदा काल मे इंसानियत व करूणा की प्रतिमूर्ति बनने वाले इस विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाओं को नमन करते हुए लाखों नागरिक दुआ मांग रहे हैं कि डॉ.संकेत शीघ्र स्वस्थ होकर अपने परिवार के पास लौट आये।

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