Sunday, 16 June, 2024

प्रमुख शासन सचिव ने विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या करने पर जताई नाराजगी

जिला प्रशासन को स्थाई कार्ययोजना बनाने के निर्देश, गाइड लाइन पर प्रभावी कार्यवाही होगी

न्यूजवेव @ कोटा

कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों में तनाव कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाईन की पालना को लेकर प्रमुख शासन सचिव शिक्षा एवं राज्य स्तरीय कमेठी के अध्यक्ष भवानी सिंह देथा ने सोमवार को वीसी के माध्यम से प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों एवं हॉस्टल व कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक कर निर्देशों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर प्रमुख शासन सचिव ने विद्यार्थियों के तनाव एवं आत्महत्या के मामलों पर नाराजगी जताते हुए विद्यार्थियों में तनाव कम करने के लिए कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों को गाइडलाईन की पालना करते हुए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों में आत्महत्या के  तात्कालिक कारण तलाश करते हुए तनाव कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाते हुए स्थाई कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने कहा कि सरकार द्वारा जारी गाइडलाईन की पालना प्रभावी रूप से कराई जाएगी। तनाव के कारणों को दूर करते हुए प्रत्येक रविवार को फन-डे मनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक दबाव कम करने के लिए कोचिंग संचालकों को प्रभावी कार्ययोजना बनाकर धरातल पर समय पर लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में तय हुआ कि राज्य स्तरीय समिति द्वारा 2 सितंबर को कोटा में बैठक आयोजित की जाएगी।
हर बुधवार हाफ टाइम क्लास
जिला कलक्टर ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया कि अगले 2 महीने तक किसी भी कोचिंग में कोई भी टेस्ट, कोई भी एग्जाम नहीं होगा। इससे विद्यार्थियों में मासिक टेस्ट में पिछड़ने का तनाव खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि हर बुधवार को हाफ टाइम ही क्लास लगेगी, बाकी हाफ टाइम में पढ़ाई की जगह मनोरंजन गतिविधियां होंगी। इससे विद्यार्थियों में तनाव कम होगा।

कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों में तनाव कम करने के लिए किसी अच्छे वक्ता या मोटिवेटर की ऑनलाइन क्लास करवाकर उसका वीडियो यूट्यूब पर डालेंगे ताकि उसका लाभ सभी को मिल सके।

कोचिंग में कोर्स का दबाव कम करें

कोचिंग में कोर्स कम करने को लेकर भी कोचिंग संचालकों से बात की है। सभी कोचिंग संस्थान से विषय विशेषज्ञों के नाम मांगे गए हैं। विषय विशेषज्ञ की समिति बनाकर विद्यार्थियों के लिए कोर्स कम करने का सुझाव लेंगे। उन्होंने बताया कि जो विद्यार्थी डाउटफुल है, जो एग्जाम में नहीं बैठे, परफॉर्म कम कर रहे हैं या लगातार अनुपस्थित हो रहे हैं, ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित करके साइकोलॉजिस्ट के माध्यम से काउंसलिंग करवाई जाएगी।
जिला कलक्टर ने बताया कि एक गूगल फॉर्म डेवलप किया है इसके जरिए सभी विद्यार्थियों को प्रतिदिन टेस्ट देना पड़ेगा। इसके जरिए स्टूडेंट के डाउट आईडेंटिफाई किए जाएंगे।
स्टूडेंट थाने का प्रस्ताव भेजेंगे
सिटी एसपी शरद चौधरी ने कहा कि कोटा में 2 महीने पहले स्टूडेंट सेल का गठन किया था। अब इस स्टूडेंट सेल को और बड़ा करना चाहते हैं। इसके लिए स्टूडेंट थाना खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर इसी सप्ताह उच्च अधिकारी को भेजेंगे। जैसे ट्यूरिस्ट थाना, साइबर थाना है, उसी तरह से स्टूडेंट थाना भी खुलेगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह, कुल सचिव कृषि विश्वविद्यालय सुनीता डागा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर भगवत सिंह हिंगड़ सहित प्रशासनिक पुलिस अधिकारी कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से जुड़े।
समीक्षा बैठक 1 सिम्बर को
कोचिंग विद्यार्थियों को मानसिक सम्बलन एवं सुरक्षा प्रदान करने के क्रम में आयोजित विडियो कॉन्फ्रेस में दिए निर्देशों की पालना में 1 सितम्बर को सांय 4ः30 बजे कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की जाएगी

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