Saturday, 15 August, 2026

मॉडरेट रहा नीट पेपर, बायोलॉजी स्कोरिंग लेकिन फिजिक्स ने फंसाया

NEET-UG 2026 के पेपर का त्वरित विश्लेषण

न्यूजवेव @कोटा

एनटीए (NTA) द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG,2026) रविवार को संपन्न हुई। इस बार पेपर पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा आसान रहा। पेपर ओवरऑल कठिन नहीं था, लेकिन सवालों की शैली और लंबाई ने अभ्यर्थियों के टाइम मैनेजमेंट स्किल की कड़ी परीक्षा ली। प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत सवाल एनसीईआरटी आधारित रहे, हालांकि बायोलॉजी और केमिस्ट्री में 2-3 प्रश्न ऐसे रहे जिन्हें छात्रों ने अस्पष्ट अथवा बॉर्डरलाइन आउट-ऑफ-एनसीईआरटी माना जा सकता है।

Nitin Vijay, Motion Education

मोशन एजुकेशन (Motion Education) के फाउंडर एवं शिक्षाविद नितिन विजय ने बताया कि एनटीए ने इस बार भी स्पष्ट संकेत दिया है कि अब केवल एनसीईआरटी (NCERT) पढ़ लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, स्पीड और एग्जाम टेम्परामेंट ही रैंक तय करेंगे। उनके अनुसार पेपर बैलेंस्ड था, लेकिन जिसने स्पीड और एक्यूरेसी का संतुलन खोया, वह रेस में पीछे रह सकता है।

इस वर्ष भी फिजिक्स ने रैंक डिफरेंशिएटर की भूमिका निभाई। मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोडायनामिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से मजबूत व कॉन्सेप्चुअल सवाल पूछे गए। फिजिक्स में न्यूमेरिकल और थ्योरी आधारित सवालों का अनुपात लगभग 60ः40 रहा। केमिस्ट्री में फिजिकल केमिस्ट्री के कैलकुलेशन-आधारित प्रश्नों ने समय लिया, जबकि इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री लगभग पूरी तरह एनसीईआरटी आधारित रही।

बायोलॉजी स्कोरिंग रही, लेकिन इसमें भी असर्शन-रीजन और स्टेटमेंट-बेस्ड प्रश्नों की भरमार दिखी। ऐसे प्रश्नों की संख्या 30 से अधिक रही, जिसके कारण विशेषकर बॉटनी सेक्शन में छात्रों को अतिरिक्त समय देना पड़ा। डायग्राम, मैच-द-कॉलम और मल्टी-कॉन्सेप्ट प्रश्नों ने भी पेपर को अधिक एनालिटिकल बनाया।

नितिन विजय के अनुसार यह पेपर उन ड्रॉपर्स के लिए अधिक फेवरबल रहा, जिन्होंने पिछले प्रयास की गलतियों से सीखकर कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और टेस्ट प्रैक्टिस पर फोकस किया था। वहीं फ्रेशर्स के लिए लेंदी पेपर एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। उन्होंने कहा, “एनसीईआरटी को सिर्फ पढ़ो मत, उसे जियो।”  अगले वर्ष के अभ्यर्थियों के लिए उन्होंने सलाह दी कि टाइम मैनेजमेंट और असर्शन-रीजन आधारित प्रश्नों की प्रैक्टिस सफलता की कुंजी होगी। आदर्श अटेम्प्ट स्ट्रैटेजी वही रही जिसमें बायोलॉजी को लगभग 45 मिनट में समाप्त कर फिजिक्स को 70-80 मिनट दिए जाएं।

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