Sunday, 3 May, 2026

नीट परीक्षा देने वाले भावी चिकित्सकों के नाम एक खुला पत्र

नीट-यूजी,2026 महाकुंभ

हौसलों के तरकश में, कोशिश का वो तीर जिंदा रख,
हार जा चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर जीतने की उम्मीद जिंदा रख।
माना कि डगर बहुत कठिन है, घनघोर अंधेरा छा रहा है,
पर याद रखना, आपके पसीने का हर कतरा,
आपकी जीत की कहानी गा रहा है…

Dr Vidushi Pandey
Dr Suresh Pandey

प्रिय नीट परीक्षार्थियों,

रविवार 3 मई 2026 को आपने वर्षपर्यंत अपनी कडी मेहनत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ नीट-यूजी के कठिन पेपर को हल किया। यह परीक्षा आपके उन अनगिनत रातों की तपस्या और आपके माता-पिता की उन मौन प्रार्थनाओं के मुकम्मल होने का अवसर है, जिन्हें आपने बंद और थकी हुई आँखों से न जाने कितनी बार जिया है। घर की चौखट से दूर, किसी हॉस्टल या पीजी के छोटे से कमरे में जब आप अपनी आँखों में नींद भरकर भी देर रात तक किताबें पढ़ रहे थे, तब आपके साथ आपके माता-पिता के अक्स भी जाग रहे थे…।

नीट-यूजी, 2026 परीक्षा केवल एक ओ.एम.आर. शीट के गोलों को काले करने तक सीमित नहीं है। यह मानवता की सेवा के उस पवित्र पथ का पहला कदम है, जहाँ कल आपकी उंगलियाँ किसी की धुंधली आँखों में रोशनी का संचार करेंगी और आपका चिकित्सा ज्ञान, अनुभव व हीलिंग स्पर्श किसी मरणासन्न हृदय को फिर से धड़कने का माध्यम बनेगा। इस वर्ष 23 लाख से अधिक विद्यार्थी सुनहरे सपनों के इस महाकुंभ में उतरे हैं। यह प्रतियोगिता भले ही कठिन हो लेकिन यकीन मानिए, आपका अथक परिश्रम और आपकी संकल्प शक्ति इस बाहर के शोर से कहीं अधिक ताकतवर है। इस वर्ष आपने ‘शिक्षा की काशी‘ कहलाने वाले कोटा जैसे ऊर्जावान शहर में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया हैं, तो अपने हर पल को सौभाग्यशाली महसूस करें। यहाँ के कोचिंग संस्थानों का अद्वितीय शैक्षणिक माहौल और आपके देवतुल्य शिक्षकों का मार्गदर्शन आपकी सफलता के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने आपको सिर्फ विज्ञान के सूत्र नहीं रटाए, बल्कि हर असफलता के बाद गिरकर फिर से ऊँगली पकड़कर उठना सिखाया है।

रिजल्ट चाहे जो आये, अपनी निरंतर कडी मेहनत करने की जिद पर पूरा विश्वास रखें। आज इस मुकाम पर सफलता और संघर्ष की बात करते हुए, हम आपके साथ अपनी स्वयं की इस यात्रा के कुछ ऐसे पन्ने साझा करना चाहते हैं, जो आपको यह विश्वास दिलाएंगे कि दृढ़ संकल्प आपको सफलता के शिखर तक ले जाता है।

डॉ. विदुषी शर्मा की प्री मेडिकल टेस्ट की यात्रा की बात करें, तो वह एक ऐसा दौर था जब मार्गदर्शन के लिए आज जैसी उन्नत कोचिंग सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। लेकिन सीने में कुछ कर गुजरने की एक जिद्द धधकती थी। अपने अडिग आत्मविश्वास, अथक परिश्रम और केवल स्व-अध्ययन (सेल्फ स्टडी) के बल पर उन्होंने अपने प्रथम प्रयास में ही देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान, एम्स नई दिल्ली में प्रवेश प्राप्त करने का अपना सपना साकार किया।

दूसरी ओर, डॉ. सुरेश पाण्डेय की यात्रा की शुरुआत राजस्थान की रावतभाटा तहसील के एक छोटे से गाँव ‘मोहना‘ की एक कच्ची कुटिया से हुई। वर्ष 1986 की उन झुलसती और संघर्षपूर्ण गर्मियों में, हवा से बार-बार कांपती एक लालटेन की पीली और मद्धम रोशनी के नीचे बैठकर उन्होंने भी डॉक्टर बनने का एक सपना बुना था। उस समय न कोई इंटरनेट था, न आज जैसी कोचिंग, बस एक अटूट जज््बा था। और जब उस छोटी सी कांपती लालटेन की रोशनी, स्व-अध्ययन के बल पर, प्रथम प्रयास में ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज के शानदार गलियारों तक पहुँची, तो लगा जैसे वह कांपती लौ भीषण आंधी पर जीत गई हो।

हमारे ये अनुभव इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि यदि आपके लक्ष्य के प्रति आपकी निष्ठा सच्ची है, तो कोई भी मुकाम असंभव नहीं है। किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए बाहरी साधनों से कहीं अधिक आपकी आंतरिक साधना और आपकी एकाग्रता मायने रखती है।

प्रकृति ने आपमें से हर एक को अद्वितीय बनाकर भेजा है, इसलिए अपनी इस खूबसूरत कहानी की तुलना किसी और से कभी न करें। यदि एक साल परिणाम उम्मीदों के सांचे में न बैठे, तो आप रत्ती भर भी हार मत मानना। एक अकेली परीक्षा या तीन घंटे का एक प्रश्नपत्र आपके समग्र वजूद और आपकी असीम काबिलियत की सीमाएं कतई तय नहीं कर सकता। कई बार नियति एक दरवाजा बंद करती है ताकि वह आपके लिए असंख्य अवसरों का पूरा आसमान खोल सके।

महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने कहा था –‘‘सपने वो नहीं जो हम नींद में देखते हैं, सपने तो वो हैं जो हमें नींद नहीं आने देते।‘‘ उन जाग्रत और धड़कते सपनों को सीने में संजोए हुए आपने 3 मई को एकाग्रता से इम्तिहान दिया है। विजयश्री एक दिन आपका ही वरण करेगी। निडर होकर आगे बढते रहिये और इस आसमान को अपनी मुट्ठी में कर लीजिए।

  • डॉ. विदुषी शर्मा
    एम्स, नई दिल्ली ( AIIMS New Delhi, FRCSEdin  )
    नेत्र सर्जन एवं लेखिका, ‘मेरी किताब मेरी दोस्त‘
  • डॉ. सुरेश पाण्डेय
    अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया में कार्य कर चुके नेत्र सर्जन, लेखक, प्रेरक वक्ता, सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा
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