धतूरिया में श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन हजारों श्रोताओं ने उल्लास से मनाया फागोत्सव
न्यूजवेव@अंता
धतूरिया में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे सोपान में गौसेवक संत पं.प्रभुजी नागर ने कहा कि जिसे अपनी भूल नजर आती है, उसे भगवान भी नजर आ जाएंगे। अपना समय और सम्पत्ति भगवान को सौंपकर देखो। जब अंत समय में यहाँ से जाओगे तो आपकी आत्मा पुण्य से भरी रहेगी। याद रखें कि धर्म का काम हिसाब जोड़ने से नहीं होता है, भगवान के आगे हाथ जोडने से होता है। हम धन जोड़ने में इतना व्यस्त हो गये कि हाथ जोडने का समय नहीं मिलता है।

मंगलवार को कथा सूत्र देते हुये उन्होंने कहा कि आप खेती-बाड़ी और साड़ी कभी मत छोड़ना। हम भारतीय संस्कृति की मर्यादाओं से जुडे़ रहेंगे तो गांवों में घर-घर आनंद बरसता रहेगा। आजकल परिवारों में मन और मान की लडाई चल रही है। जब बेटा बेटी पढ़ लिख कर अधिकारी बनते हैं तो मान बढ़ने से माता-पिता बहुत प्रसन्न होते हैं। यहां मान और मन दोनों को मिलाकर चलोगे तो हर कार्य सफल होगा। जो माता-पिता नजर नहीं आते हैं, वे देवता समान हो गये। जो नजर आते हैं, वे माता-पिता ही हैं।
सूरदास आंखों से अंधे थे लेकिन विवेक से अंधे नहीं
एक प्रेरक प्रसंग में उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र अंधे नहीं थे लेकिन विवेक से अंधे हो गये थे। जबकि सूरदास दोनों आंखों से अंधे थे लेकिन विवेक से वे अंधे नहीं थेे। इसलिये स्व विवेक से जागृत होकर सदैव सदमार्ग पर चलते रहें। आपकी राह में अवगुण नहीं गुण ही आयेंगे। संत नागरजी ने कहा कि विष और विषयों के अंतर पर चिंतन करो। जिस वायु में विष न होकर विषय होते हैं, वहां एकांत में साधु-ंसंत तपस्या करते हुये मिल जायेंगे।
उन्होंने युवा पीढ़ी का आव्हान किया कि कभी अपने चरित्र पर दाग मत लगने देगा। जिनके बेटे-बेटी आज्ञाकारी और संस्कारी होते हैं, उनके माता-पिता की आत्मा प्रसन्न रहती है। एक प्रसंग में उन्होने कहा कि विश्वामित्र जिस जगह अनुष्ठान कर रहे थे, वहां राक्षसों ने उसमें बाधा पहुंचाई। क्योंकि वे सिद्ध पुरूष थे। वहां दूसरे महापुरूष भी अनुष्ठान कर रहे थे, उनको किसी ने बाधा नहीं पहुंचाई। इससे पहले जब विश्वामित्र ने राजा हरीशचंद्र की कठिन परीक्षा ली थी तब भक्त उनको अपराधी की तरह मानते थे।

मंगलवार को कथा पांडाल में सुमधुर भजनों पर नृत्य करते हुये हजारों भक्तों ने उल्लास के साथ फागोत्सव मनाया। कथा में पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया एवं कथा आयोजक पटेल हरिशचंद्र नागर परिवार सहित हजारों श्रोताओं ने भागवत महाआरती की। बुधवार को इस विराट कथा का समापन होगा।
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