Tuesday, 20 October, 2020

IIT की प्रत्येक 5 में से 1 सीट पर दिखेंगी बेटियां

गुड न्यूज : इस वर्ष 23 आईआईटी में अतिरिक्त 20% सीटों पर मिलेगा गर्ल्स रिजर्वेशन
अरविंद
न्यूजवेव @ कोटा

कोरोना काल में होनहार बेटियों के लिये खुशखबरी। इस वर्ष 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) के B Tech/B Arc प्रोग्राम में  गर्ल्स को 20% आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जायेगा। आईआईटी दिल्ली द्वारा 27 सितंबर को आयोजित होने वाली जेईई-एडवांस्ड,2020 परीक्षा का रिजल्ट 5 अक्टूबर को घोषित किया जायेगा। उसके पश्चात् जोसा द्वारा ऑनलाइन काउंसलिंग के लिये आवेदन व सीट आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जायेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 तक आईआईटी में छात्राओं की औसत संख्या 9 प्रतिशत होने से केंद्र सरकार ने उच्च तकनीकी शिक्षा में छात्राओं के अनुपात को संतुलित करने के लिये 2018 में गर्ल्स के लिये 550 (14 %) सुपरन्यूमरेरी सीटें बढाने का फैसला किया था। ये सीटें सभी आईआईटी में सामान्य सीटों के अलावा अतिरिक्त रूप से बढाई गई हैं। 2019 में गर्ल्स रिजर्वेशन बढाकर 1122 (17.19 %) किया गया। सरकार का लक्ष्य था कि 2020 तक प्रत्येक आईआईटी में 5 में से एक छात्रा को प्रवेश दिया जाये। जिससे इस वर्ष 20 % छात्राओं को ऑल इंडिया गर्ल्स रैंक के आधार पर आईआईटी व मनपसंद ब्रांच में एडमिशन मिल जायेगा।
गत वर्ष 2307 बेटियां आईआईटी में

आईआईटी रूडकी की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में 23 आईआईटी की कुल 13,607 सीटों के लिये 38,705 परीक्षार्थियों को काउंसलिंग के लिये बुलाया गया था। जेईई-मेन,2019 से 36,669 गर्ल्स में से 5,356 जेईई-एडवांस्ड के लिये क्वालिफाई घोषित की गई थी। जिसमें गर्ल्स केटेगरी टॉपर को 372 मंे से 308 अंक मिले थे। गत वर्ष कुल 2307 गर्ल्स ने विभिन्न आईआईटी में एडमिशन लिया। इसमें 1122 गर्ल्स (17.19 %) को सुपरन्यूमरेरी सीटों पर प्रवेश मिला है।

इस वर्ष 1000 सीटें बढ़ने की उम्मीदें


न्यूक्लियस एजुकेशन के निदेशक विशाल जोशी ने बताया कि आईआईटी बोर्ड के आंकडों के अनुसार, नये तथा पुराने आईआईटी में सीटों की संख्या प्रतिवर्ष नियमानुसार बढाई जाती है। इसके अलावा गर्ल्स के लिये सुपरन्येमरेरी सीटों में भी 3 प्रतिशत बढोतरी की जायेगी। जिससे गत वर्ष की कुल 13607 सीटों की तुलना में इस वर्ष 23 आईआईटी संस्थानों बीटेक व बीआर्क व ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में सीटों की संख्या 14500 से अधिक हो सकती है। अर्थात 1000 सीटें बढने से कटऑफ में गिरावट आयेगी, जिससे परीक्षार्थियों को आईआईटी मंे पहुंचने का सुनहरा मौका मिलेगा। साथ ही, कोविड-19 महामारी के कारण इस वर्ष 12वीं बोर्ड में समान्य वर्ग के लिये न्यूनतम 75 % व रिजर्व केटेगरी के लिये 65 % अंक अथवा बोर्ड के टॉप-20 परसेंटाइल में आने की बाध्यता नहीं होने से जेईई-एडवांस्ड,2020 मंे अच्छा प्रदर्शन करने वालों को पसंदीदा आईआईटी में प्रवेश मिल सकता है।

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