Monday, 22 April, 2024

भारत विकास परिषद के प्रयास से टूटने से बचा एक परिवार

विशाखापत्तनम से कोटा की बेटी का दाम्पत्य जीवन फिर जुड़ा

न्यूजवेव कोटा

भारत विकास परिषद समाजसेवा, परोपकार एवं स्वास्थ्य के साथ धार्मिक-सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संगठन से जुडे़ सदस्य हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति व जीवन मूल्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।
भारत विकास परिषद के संस्कारित माहौल से कोटा से 1500 किमी दूर विशाखापत्तनम एवं कोटा के एक दम्पत्ति के रिश्ते के तार फिर से जुड़ गए। भाविप की मेहनत उस समय रंग लाई जब वेलेंटाइन डे पर समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई।
भारत विकास परिषद चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के संरक्षक एवं भाविप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम शर्मा ने बताया कि विशाखापत्तनम के भारत विकास परिषद कार्यकर्ताओं ने उनसे फोन पर संपर्क किया और बताया कि वहां के एक परिवार से कोटा की बेटी विनीता का रिश्ता हुआ है। लेकिन पिछले कुछ समय से बहू विनीता और ससुराल वालों के बीच किसी कारणवश अनबन चल रही है। ससुराल पक्ष सुलह कर बहू को वापस घर ले जाना चाहता हैं, इसके लिये उन्होंने किसी मध्यस्थ की मदद मांगी।
इस पर श्याम शर्मा ने कोटा की बेटी के परिवार की जानकारी ली तो इंदौर में रहने वाले उनके ससुराल वाले परिचित निकले। उन्होंने फोन पर उनसे संपर्क किया और कोटा बुलाया। महिला पुलिस थाने में पुलिसकर्मी सुरेश योगी व रामदयाल से मिलकर दोनों पक्षों के परिवारों को आमने-सामने बिठाया। करीब तीन दिन तक लगातार समझाइश करने के बाद दोनों पक्ष सहमत हो गये। इसके बाद विनीता अपने ससुराल जाने को राजी हुई। इस तरह एक छोटे से प्रयास से दो परिवारों के बीच दाम्पत्य का रिश्ता फिर से मधुर हो गया।
पुलिस ने भी दिखाई रूचि
भाविप के अध्यक्ष श्याम शर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले में महिला थाना के सुरेश योगी और रामदयाल मीणा का सफल परामर्श एवं सकारात्मक सहयोग दोनों परिवारों के बीच सहमति बनाने में मददगार बना। दोनों पक्षों ने पुलिस या कोर्ट की कार्रवाई से दूरी बनाकर सुलह का रास्ता अपना लिया।

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