पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, भाजपा के दबाव में काम कर रहे निर्वाचन अधिकारी
न्यूजवेव@ कोटा
कांग्रेस ने कोटा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारी द्वारा भाजपा सरकार के दबाव में काम करते हुये कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने की सुनियोजित तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह नियमविरूद्ध है।
सोमवार को पूर्व मंत्री एवं कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जिला निर्वाचन अधिकारी से मिला। जिसमें कांग्रेस की शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम व पीपल्दा विधायक चेतन पटेल मौजूद रहे। बाद में धारीवाल ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी उनके सवालों जवाब नहीं दे पाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह पैदा हो गया है।
भाजपा से जुडे़ बीएलओ बुलाकर लिए हजारों फॉर्म-
धारीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी से जुड़े बीएलओ(BLO) को बुलाकर नियम विरूद्ध हजारों फार्म भरवाए गए। जबकि नियमानुसार एक बीएलओ एक दिन में अधिकतम 10 फार्म ले सकता है। जबकि यहां एक ही दिन में हजारों फार्म लिए गए हैं। यह सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का संकेत है।
नोटिस दिये बगैर नाम हटा दिये
उन्होंने तीन अहम सवाल उठाते हुए कहा कि आपत्ति होने पर रिटर्निंग अधिकारी को 7 दिन मे ंराजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करनी होती है, लेकिन ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई गई। दूसरा, एक दिन में 10 से अधिक फार्म नहीं लिए जा सकते। तीसरा किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस देना अनिवार्य है, जबकि एक भी व्यक्ति को नोटिस नहीं दिया गया।
गलत नाम कटे तो होगा बड़ा आंदोलन
धारीवाल ने चेतावनी दी कि कोटा जिले से एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से काटा गया, तो उसे मुद्दा बनाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और निर्वाचन तंत्र की मिलीभगत से भाजपा को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। विधायक चेतन पटेल ने भी पीपल्दा समेत अन्य विधानसभा में निर्वाचन विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस के मतदाता के नाम काटने की प्रक्रिया चल रही है। बीएलओ पर इतना दबाव है कि वह गलत काम करने पीड़ा बता रहे हैं लेकिन दबाव में एक भी नाम काटा गया तो सड़कों पर आंदोलन करेंगे। कांग्रेस की जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने भी नाम काटे जाने पर जनआंदोलन करने की बात कही।
News Wave Waves of News



