Monday, 18 October, 2021

पढ़े हुए टॉपिक को विजन के साथ पढ़ना ही ‘रिविजन’

एंट्रेंस एग्जाम टिप्स – श्री प्रमोद माहेश्वरी, (बीटेक, आईआईटी दिल्ली), निदेशक, कॅरिअर पॉइंट ग्रुप

अगले माह से आप जेईई-मेन, एडवांस्ड, नीट व एम्स एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के फाइनल राउंड में होंगे । आप अपने सपने साकार करने के लिए घर छोड़कर कोटा पढ़ने आए हैं। आपने साल भर जो भी पढा, अब उसे दोहराने यानी रिविजन का अंतिम राउंड आ गया है। साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार, हम 24 घंटे में सिर्फ 18 फीसदी बातों को ही याद रख पाते हैं। इसलिए समय-समय पर पढे़ हुए टॉपिक को दोहराना बहुत जरुरी है। ताकि पढा हुआ चैप्टर शॉर्ट टर्म मैमोरी से लॉन्ग टर्म मैमोरी में चला जाए। पहला रिविजन 24 घंटे के बाद,दूसरा एक सप्ताह के भीतर व तीसरा एक माह के बाद होना चाहिए।

समय को सब्जेक्ट के अनुसार बांटें
साल भर की पढाई के बाद अब कोर्स खत्म हो चुका। जैसे-जैसे हम फाइनल एग्जाम की ओर कदम बढाते हैं तो रिवीजन की जरुरत महसूस होती है। रिवीजन का अर्थ पूरे कोर्स को दोबारा पढना नहीं बल्कि पढे हुए टॉपिक को एक विजन के साथ पढना ही ‘रिवीजन’ है।
एग्जाम नजदीक है, इसलिए समय को सब्जेक्ट व टॉपिक के अनुसार विभाजित करें। जो टॉपिक सबसे ज्यादा मुश्किल है, उन्हें ज्यादा समय दिया जा सकता है। फाइनल एग्जाम में सफलता सटीक ज्ञान, सही कंसेप्ट, समय प्रबंधन, गति एवं दक्षता पर निर्भर करती है।

सटीक रिविजन के लिए अपनाएं यह ट्रिक

विशेष तरीके से शॉर्ट नोट्स
नोट्स बनाते समय छात्र हर पृष्ठ पर कुछ स्थान मुख्य कंसेप्ट्स से संबंधित प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए छोड़ें। ताकि रिविजन में अधिक वक्त न लगे। रिविजन के समय विशेष तरीके से शॉर्ट नोट्स बनाएं। इन्हें ‘माइंड मैप्स’ कहा जाता है। हाईलाइटर से मुख्य बिंदुओं को मार्क कर लें। ताकि फाइनल रिविजन के वक्त मुख्य बातों पर ध्यान केन्द्रित कर टॉपिक को रिवाइज किया जा सके।

प्रश्न हल करके ही टॉपिक दोहराएं
पूरा टॉपिक दोबारा न पढें़। उस टॉपिक से संबंधित प्रश्नों को हल कर या ‘सॉल्वड एक्जाम्पल’ देखकर भी टॉपिक दोहराया जा सकता है।

ज्यादा से ज्यादा टेस्ट पेपर
एग्जाम के वातावरण में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न के अनुरुप ज्यादा से ज्यादा टेस्ट पेपर सॉल्व करें। मॉक टेस्ट भी रिविजन का बेहतर तरीका है।

कंसेप्ट्स को समझें
रिविजन के समय पूरा फोकस कंसेप्ट्स को समझने में लगाएं। प्रश्नों का चयन समझदारी से करें। एक्सपर्ट द्वारा प्रश्नों के चयन को प्राथमिकता दें।

अलग-अलग एग्जाम पैटर्न को समझें
प्रतिवर्ष एग्जाम के पैटर्न में मामूली परिवर्तन किए जाते हैं। इसलिए सभी एग्जाम पैटर्न के अनुसार रिविजन करें।

छोटी-छोटी कहानियां बनाएं
याद करने के लिए नोट्स को अपनी पसंदीदा या पर्सनल चीजों से जोड़ने तथा उनको इस्तेमाल में लेने के लिए छांेटी-छोटी कहानियां बनाएं। ताकि कंसेप्ट को पूरी तरह समझा जा सके।
क्लासरुम में बनाए अपने नोट्स को विशेष रुप से रिवाइज करें। 8 अप्रैल को जेईई-मेन का ऑफलाइन पेपर  दें या 15 व 16 अप्रैल को ऑनलाइन पेपर, आत्मविश्वास व टाइम मैनेजमेंट के साथ पेपर सॉल्व करें।

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