Monday, 21 September, 2026

कोटा कोचिंग पर उपराष्ट्रपति का बयान गैर जिम्मेदाराना- धारीवाल

भाजपा कोचिंग के खिलाफ, जबकि कोटा ने देश को दिए लाखों डॉक्टर्स व इंजीनियर
न्यूजवेव @ कोटा
त्रिपल आईटी कोटा के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथी उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कहा कि कोचिंग संस्थान देश की नई शिक्षा नीति-2020 को फोलो नहीं कर रहे हैं। कोचिंग अब पोचिंग सेंटर बन गये हैं। ये अपने सुदृढ़ ढांचे में प्रतिभा को जकडने वाले ब्लेक होल बन गये हैं। इनका अनियंत्रित बढ़ना युवाओं के लिये गंभीर संकट है। कोचिंग सेंटर्स को अब स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स में बदल जाना चाहिये।
उप राष्ट्रपति के इस बयान को पूर्व मंत्री व कोटा उत्तर से विधायक शांति धारीवाल ने गैर जिम्मेदाराना बताकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि उप राष्ट्रपति जगदीप धनकड को मैं व्यक्तिगत रूप से भी जानता हूं उनकी हमेशा उल्टे सीधे बयान देने की आदत है। सबसे दुखद बात यह कि ट्रिपल आईटी कोटा के दीक्षांत समारोह में राजस्थान सरकार में कोटा से दो मंत्री और विधायक बैठकर कोटा कोचिंग पर कटाक्ष सुनते रहे।
धारीवाल ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी, तब से कोचिंग में गिरावट आई है। भाजपा के मंत्री और नेता हमेशा कोचिंग के खिलाफ बोल रहे हैं। कोटा कोचिंग ने देश को लाखों डॉक्टर और इंजीनियर दिए हैं। यही नहीं दुनिया के बेहतरीन संस्थानों मे कोटा में कोचिंग करके गए निर्धन वर्ग के कई छात्र प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन उपराष्ट्रपति शायद कोटा कोचिंग पर ताले लगवाना चाहते हैं। एक ओर तो राज्य सरकार बच्चों को निशुल्क कोचिंग देने की घोषणा करती है। दूसरी तरफ कोचिंग के खिलाफ ऐसे बयान देना सरकार के असली रंग को दर्शाता है।
11 साल से सुधार क्यों नही 
विधायक शांति धारीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं शिक्षा की काशी है कोटा। वही कोटा आकर शिक्षा मंत्री व उर्जा मंत्री की मौजूदगी में उपराष्ट्रपति कहते हैं कोचिंग तो पोचिंग सेंटर हैं। उन्होंने कहा कि 11 साल से केंद्र में बीजेपी की सरकार है केंद्र के कई मंत्री कोचिंग संस्थान में जाकर बच्चों से संवाद करके उनका उत्साहवर्धन करते हैं। यदि कोचिंग संस्थानों में कोई कमी है सुधार की गुंजाइश है तो उसको दुरुस्त किया जाना चाहिए।
कोचिंग से हजारों निर्धन बच्चे डॉक्टर-इंजीनियर बने
कोटा कोचिंग के जरिए जागरूकता का परिणाम है कि आज छोटे गांव-कस्बे की निर्धन परिवार की प्रतिभाएं आगे आ रही हैं। आईआईटी और एम्स जैसे संस्थानों में एडमिशन लेकर सामाजिक बदलाव की साक्षी बन रही है। हम्माल का बेटा गूगल तक पहुंच रहा है, एक कुली का बेटा माइक्रोसॉफ्ट तक पहुंच रहा है। शहीदों के परिवारों को सपोर्ट मिल रहा है, उनके कॅरियर बन रहे हैं।

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