बारां जिले के धतुरिया में श्रीमद भागवत कथा,भक्त की आंखों में आंसू तभी आयेंगे जब भगवान का नाम उसके हृदय मे रच बस गया हो
न्यूजवेव@बारां
बारां जिले के धतूरिया में चल रही श्रीमद भागवत कथा में शनिवार को तृतीय सोपान में गौसेवक संत पं. प्रभुजी नागर ने कहा कि कोई यह पूछे कि भगवान की कीमत कितनी होती है तो भगवान हमेशा अपने भक्त की आंखों में करुणा, समर्पण और प्रेम के आंसू देखकर रीझते हैं। इस संसार में हम अपने स्वार्थ के लिये खूब रो सकते हैं लेकिन भगवान की भक्ति में रोना बहुत कठिन है। भक्त की आंखों में आंसू तभी आयेंगे जब भगवान का नाम उसके हृदय मे रच बस गया हो। ठाकुरजी की निष्काम भक्ति निरंतर करते रहने से ही मीरा को भगवान मिल गये थे। भक्त को एक दिन में 11 बार अपने भगवान को प्रणाम करना चाहिये। इससे वह सद्मार्ग पर चलता रहेगा।

संत नागरजी ने कहा कि आप अपनी जमा पूंजी को तिजोरी में बंद करके रखते हो, वह कभी बढ़ती नहीं है लेकिन तन-मन-धन से भगवान की निरंतर भक्ति करके देखो, देखते ही देखते वह कई गुना बढ़ जाती है। जीवन में सच्चे गुरू व नाग कभी अपनी पूजा नहीं कराते हैं। इसलिये सच्चे गुरू के सान्निध्य में रहकर निष्काम भक्ति से जुडने वालों के जीवन का उद्दार हो जाता है।
जलाने वाली माचिस की कीमत नहीं बढ़ी
एक प्रसंग सुनाते हुये उन्होंने कहा कि आजकल सभी चीजों के दाम बढ़ गये हैं लेकिन माचिस की कीमत नहीं बढ़ी है। अर्थात जीवन में जलाने वालों का भाव कभी नहीं बढ़ता है। अगरबत्ती जलकर भी अपने आसपास सुगंध फैलाती है, इसलिये उसकी कीमत बढ गई। उसे जलाने वाली माचिस तो वहीं की वहीं रह गई। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन का सबसे बड़ा आश्रम है, इसलिये गृहस्थ जीवन को हमेशा पवित्र बनाये रखो।
जीवन में भजन व सेवा का एवरेज सही रखें
उन्होंने कहा कि जो रोड़ पर कभी नजर नहीं आये फिर भी हमें किसी दुर्घटना से बाल-बाल बचा ले वही हमारो सांवरो सेठ है। एक प्रसंग में पं.नागर जी ने कहा कि कलियुग में कौनसी गाड़ी में किसका एवरेज सही है, हमारे लिये वही बढ़िया है। इसी तरह, मनुष्य जीवन में भजन और सेवा इन दोनों बातों का एवरेज सही रखा तो यही भाव अपने जीवन की गाड़ी को अमरापुर पहुचा देता है। इसलिये भजन और सेवा से जुड़ने की बुकिंग आज ही करवा लें।
नमक कभी नजर नही आता है
संत नागरजी ने कहा कि अहसान मंद व्यक्ति एक ही बात कहता है मैने अमुक का नमक खाया है। जरा गौर करें कि सब्जी में सारे मसाले डालने पर वे सबको नजर आते हैं। लेकिन नमक कभी नजर नही आता है। इसी तरह जो जीवन में सेवा खूब करे लेकिन किसी के सामने नहीं आये, वही नारायण का स्वरूप है। उसने कितनों का साथ दिया लेकिन नजर नहीं आया। इसलिये भगवान पूर्ण है, निष्काम है, यह मानकर हमेशा भक्ति से जुडे़ रहें। अंत में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया एवं कथा आयोजक पटेल श्री हरिशचंद्र नागर परिवार सहित हजारों श्रोताओं ने सामूहिक भागवत महाआरती की।
News Wave Waves of News



